जब हौंसलों के दम पर बढ़ते गए कदम…..

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मुश्किल चाहे कैसी भी हो…लेकिन जब उस पर हौसले की उड़ान भारी पड़ जाए…तो तस्वीर कुछ यूं उभर कर आती है…ये हैं अमृतपाल सिंह…दिखने में अपाहिज लगते हैं…लेकिन असल में ये सिर्फ दिखावा है…क्योंकि हकीकत में अमृतपाल सिंह जो जिंदगी जीते हैं…वो देखकर अच्छे खासे लोग भी…देखते रह जाते हैं…
जिस पोलियो को खत्म करने के लिए भारत में बड़े पैमाने पर कैंपेन हुए…जागरुकता अभियान चलाए…उस पोलियो से अमृतपाल नहीं बच पाए…बचपन में दो बूंद जिंदगी की मिल नहीं पाई और नतीजा ये…कि दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया…लेकिन दौड़ने की चाहत हो…तो कामयाबी पैरों को मोहताज कहां होती है…अमृतपाल सिंह भी…कुछ इसी तरह की शख्सियत हैं…
अमृतपाल एक होटल में बतौर मैनेजर कई साल तक काम कर चुके हैं…अब खुद की टिफिन सर्विस का काम भी चला रखा है…उठने बैठने से लेकर यहां वहां आने जाने तक…रोजमर्रा की भागदौड़ में हर मुश्किल से पार पाते हैं…अपने दम पर वो सब करते हैं…जो अच्छी खासी टांगे होते हुए…हम आप कर लेते हैं…
अमृतपाल सिंह की पत्नी भी दोनों पैरों से दिव्यांग है..लेकिन पति पत्नी का ये जज्बा देखिए…न किसी का सहारा लेते हैं…न किसी पर निर्भर है…अपने दम पर जिंदगी जी रहे हैं…और अपने दम पर कामयाबी हासिल कर…दूसरे लोगों के लिए एक सबक छोड़ रहे हैं…