पंचकूला हिंसा – मास्टरमाइंड पवन इंसा आखिरकार चढ़ा पुलिस के हत्थे…आएँ जानें कैसे पुलिस ने बिछाया था जाल

पंचकूला हिंसा के लगभग 88 दिनों के बाद आखिरकार हिसां के मुख्य मास्टरमाइंड्स में एक… पवन इंसा पंचकूला पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया।

पंचकूला डीसीपी मनवीर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया की पिछले लंबे समय से वांटेड पवन इंसा को पंचकूला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पवन को ड्राइव इन 22 रिसोर्ट लालडू के पास से कल देर शाम गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को पिछले 85 दिन से पवन की तलाश थी। पुलिस आरोपी को आज पंचकूला अदालत में पेश करके कम से कम 10 दिन का रिमांड मांगेगी। एसआइटी प्रभारी मुकेश मल्होत्रा को सोमवार देर शाम गुप्त सूचना मिली थी कि पवन इंसा ड्राइव इन 22 रिसोर्ट लालडू के पास मौजूद है।

 

काले रंग का ट्रैक सूट पहनकर जा रहा था

 

सूचना मिलते ही मुकेश मल्होत्रा टीम लेकर पहुंच गए। इसी बीच एक व्यक्ति जिसने काले रंग का ट्रैक सूट पहना हुआ था, पर पुलिस की नजर पड़ी। पुलिस पार्टी ने तुरंत उसे पकड़ लिया। आरोपी की पहचान पवन निवासी ए76 एमएसजी कांप्लेक्स सिरसा के रूप में हुई। पुलिस द्वारा रिमांड के दौरान आरोपी से कई खुलासे करवाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उसे पनाह देने वालों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

 

17 अगस्त को आदित्य और हनीप्रीत के साथ बनाया था प्लान

 

पवन इंसा 17 अगस्त को सिरसा डेरे में आयोजित बैठक में शामिल हुआ था, जिसमें हिंसा की साजिश रची गई थी। आदित्य इंसा और हनीप्रीत इंसा के साथ उसने भी हिंसा का प्लान बनाया था। पंचकूला में दर्ज देशद्रोह के मामले में दर्ज एफआइआर में डॉ. पवन इंसा पर आरोप है कि वह 25 अगस्त को पंचकूला में जमा हजारों डेरा समर्थकों को भड़का रहा था। सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए पवन इसा ने ज्यादातर समय उत्तर प्रदेश में बिताया। वह गुरमीत का करीबी माना जाता है।

 

 डीसीपी मनवीर सिंह ने बताया कि मुकेश मल्होत्रा की एसआइटी द्वारा पवन इंसा को ड्राइव इन 22 रिसोर्ट के पास गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा, जिसमें डॉ. आदित्य और गोबी राम के बारे में जानकारी जुटाई जानी है।

सूत्रों के अनुसार आदित्य के साथ फरार हुआ था पवन

 

पंचकूला में हिंसा करवाने के बाद पवन इंसा डॉ. आदित्य के साथ फरार हो गया था। इसके बाद दोनों कई दिनों तक साथ ही थे। ये दोनों यूपी और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी रुके थे। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में पवन ने पुलिस को बताया है कि डॉ. आदित्य उसके साथ था, लेकिन अब वह कहा है, इस बारे में वह जानकारी नहीं दे रहा। महेंद्र इंसा, दिलावर, सुरेंद्र भी मुख्य आरोपियों में से एक हैं। इस केस में पुलिस हनीप्रीत, सुरेंद्र धीमान, दिलावर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि आदित्य और महेंद्र इंसा की गिरफ्तारी बाकी है। आदित्य, पवन और महेंद्र के खिलाफ 15 सितंबर को लुकआउट नोटिस जारी हुआ था। पुलिस को उम्मीद है कि अब जल्द ही डॉ. आदित्य और महेंद्र इंसा को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

व्हाट्सएप पर करते थे बातचीत

 

पुलिस के अनुसार पवन और आदित्य हनीप्रीत से व्हाट्सएप के जरिए बातचीत करते थे, क्योंकि इससे उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकती थी। हनीप्रीत ने भी पुलिस रिमाड के दौरान यह बात पुलिस के समक्ष स्वीकार की थी।

 

चार एसआइटी ढूंढ रही आदित्य को

पंचकूला डीसीपी मनवीर सिंह ने बताया कि डॉ. आदित्य की तलाश में चार एसआइटी जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पवन से कुछ लीड जरूर मिलने की संभावना है। जल्द ही आदित्य और महेंद्र भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।