पद्मावत विवाद दौरान स्कूली बस पर हुए हमले दौरान मौजूद बच्चों को मिले मुख्यमंत्री खट्टर

पद्मावत फिल्म को लेकर पिछले दिनों जीडी गोयंका स्कूल सोहना के जिन बच्चों की स्कूल बस पर पथराव हुआ था, उनसे मिलने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अचानक स्कूल में जा पहुंचे और बच्चों से मिलकर कहा कि जिस दिन से इस घटना को टीवी पर देखा, बार-बार मन में आ रहा था कि नन्हें बच्चों के साथ ऐसा क्यों हुआ। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की और नन्हें बच्चों के साथ वार्तालाप करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उस दिन जब स्कूल बस पर पथराव हो रहा था, तो बच्चों ने साहस दिखाया और हिम्मत के साथ उस घटना का सामना किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो, उसके लिए राज्य सरकार द्वारा प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि मैंने घटना का संज्ञान ले लिया है।

स्कूल में बच्चों व अध्यापको से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से कहने का हक है और विरोध भी जताना हो तो वह भी शांतिपूर्ण ढंग से किया जा सकता है। इस बारे में आम जनता को भी सोचना चाहिए।

सीएम खट्टर ने बच्चों से उनके साथ हुई घटना का पूरा विवरण पूछा और बस में उस समय उपस्थित अध्यापकों से भी बात की। उन्होंने कहा कि अध्यापकों ने भी अपनी सूझबूझ से काम लेते हुए बच्चों को चोट आदि लगने से बचाया। सारा विवरण सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने नन्हें बच्चों से कहा कि इस घटना को भूलने का प्रयास करें।

उन्होंने बस के चालक रमेश से भी बात की जिसने बताया कि जी डी गोयंका स्कूल की तीन बसें कतार में थी। गांव भौंडसी में भीड़ ने हरियाणा राज्य परिवहन की एक बस को रूकवा रखा था। गुरुग्राम पुलिस ने समझा बुझाकर दो स्कूल बसों को तो निकाल दिया, लेकिन उनकी बस पर भीड़ में से किसी ने सामने वाले शीशे पर पत्थर मारा। इसके बाद चालक साईड के शीशे पर दूसरा पत्थर लगा। मुख्यमंत्री के पूछने पर चालक ने बताया कि उस समय तक राज्य परिवहन की बस को आग नहीं लगाई गई थी और पुलिस भीड़ को समझाने का प्रयास कर रही थी।