प्रद्युमन हत्याकांड में गुरुग्राम पुलिस का यू-टर्न.. मीडिया के सवालों में फंसे पुलिस कमिश्नर

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में हत्याकांड मामले में गुरुग्राम पुलिस और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन यानी सीबीआई आमने सामने आ गए है..एक तरफ गुरुग्राम पुलिस जिस एविडेंस को आधार बनाते हुए स्कूल बस के कंडक्टर अशोक को आरोपी बनाया था उसी एविडेंस को नकारते हुए सीबीआी ने स्कूल के 11 वीं के छात्र को गिरफ्तार किया है….हालांकि अब इस मामले में गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार यू टर्न मारते हुए अपनी जांच पूरी नहीं होने का हवाला दे रहे है…

हरियाणा पुलिस के आईजी रेंक के अधिकारी देखिए किस तरह से अपनी झूठ छुपाने के लिए जांच पूरी न होने के दावा कर रहे हैं..जबकी हकीकत तो ये है कि गुरुग्राम पुलिस के डीसीपी साउथ अशोक बखशी जो प्रदूमण हत्या मामले में बनी एसआईटी के मुख्य थे  वे दावा कर रहे थे कि अशोक ने ही हत्या की है और बाकायदा इसको लेकर पुलिस ने आरोपी को मीडिया के सामने बयान भी दिलवाए थे…लेकिन अब जब सीबीआई ने एविडेंस के आधार पर पर पुलिस की थ्योरी को झूठा करार दे दिया तो गुरुग्राम पुलिस अपनी लाज बचाते नजर आ रही है…वहीं पुलिस कमिश्नर बातों ही बातों में मान भी रहे हैं कि उनकी टीम से जांच के दौरान चूक हुई है….हालांकि जब बात जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की हुई तो सीपी साहब बंगले झांकने लगे ..

प्रैस वार्ता के दौरान पुलिस कमिश्नर से पुलिस की नाकामियों को लेकर दर्जनों सवाल पूछे गए..लेकिन सीपी हर सवाल को घूमाते रहे..बेशक से पुलिस कमिश्नर मीडिया के सामने अपनी नाकामियों को छुपा रहे हों लेकिन सच्चाई तो ये है कि गुरुग्राम पुलिस ने आनन फानन में कंडक्टर अशोक को हत्या का मुख्यआरोपी बना दिया…जानकारी के मुताबिक गुरुग्राम पुलिस पर इस मामले को लेकर काफी दबाव था..ऐसे में जांच के बाद ही पता चलेगा कि पुलिस किसके दबाव में काम कर रही थी…खैर कुछ भी हो लेकिन एक बार फिर हरियाणा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है और समय रहते पुलिस अपने लापरवाह अधिकारियों पर कारर्वाई नहीं की तो वो दिन दूर नहीं जब पुलिस पर से लोगों का विश्वास उठ जाएगा…….