राम रहीम के बेटे ने किया डेरा प्रमुख बनने से इंकार…. अब कौन संभालेगा डेरा की गद्दी?

साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है। जब से सज़ा का ऐलान हुआ, तब से हर किसी के ज़हन में एक ही सवाल था कि आखिर अब इस गद्दी को कौन संभालेंगा। हर किसी की निगाह गुरमीत राम रहीम के बेटे जसमीत इंसा पर थी। लेकिन जसमीत ने डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख बनने से इनकार कर दिया। मंगलवार को गुरमीत राम रहीम के बेटे जसमीत ने एक स्टेटमेंट जारी किया। इसमें कहा- गुरु गद्दी की मेरी कभी इच्छा नहीं रही और न ही कभी ऐसा सोच सकता हूं। मेरे पिता निर्दोष हैं। उम्मीद है हमें हाईकोर्ट से न्याय मिलेगा। बाबा जल्द जेल से बाहर आएंगे और वो ही डेरामुखी की गद्दी संभालेंगे।

डेरा सच्चा सौदा द्वारा जारी ब्यान कुछ इस तरह है …

सिरसा। 25 अगस्त को जो दुखदायी घटना घटित हुई। उक्त घटनाक्रम से पीडि़त निर्दोष लोगों के साथ मेरी सहानुभूति है। इस पूरे घटनाक्रम से मेरे हद्य को बहुत ज्यादा कष्ट हुआ है, इससे अभी मैं उभर भी नहीं पाया था कि कुछ दिन से टीवी व समाचार पत्रों में मनघढ़त प्रचार और पूज्य गुरू जी की गुरूगद्दी के संबंध में साध-संगत व समाज में शरारती तत्वों ने दुष्प्रचार फैलाना शुरू कर दिया, उसका मुझे बेहद दुख है। 

                       सन् 1948 में शाह मस्ताना जी महाराज ने डेरा सच्चा सौदा का पौधा रोपित किया व जिसकी आगे बागडोर परम संत शाह सतनाम जी महाराज को  सौंपी गई। जिन्होंने अपने प्रेम व वात्सल्य से डेरा सच्चा सौदा रूपी परोपकारी पौधे को पाला व बड़ा किया। सन् 1990 में समस्त साध-संगत के सामने शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने अपना वारिस बनाते हुए पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को रूहानियत के दर डेरा सच्चा सौदा की बागडोर सौंप दी। तब से रूहानियत व मानवता भलाई कार्य की लहर चलाकर पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने 133 मानवता भलाई के कार्य कर देश व समाज की भलाई की है। उस पावन गुरूगद्दी के बारे में मनघढ़त कहानियां फैलाए जाने से मुझे बहुत ज्यादा आघात लगा है। इस कठिन घड़ी में भी समस्त साध-संगत डेरा सच्चा सौदा के साथ यहां न केवल चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी है, वहीं मानवता भलाई के कार्यों को बदस्तूर जारी रखे हुए है। मेरे गुरू जी व पिता एकदम सच्चे व निर्दोष हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि जल्द ही माननीय उच्च न्यायालय से हमें इंसाफ मिलेगा व गुरू जी हमारे बीच होंगे और मानवता भलाई के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां डेरा सच्चा सौदा की गुरूगद्दी पर आसीन हैं और वही रहेंगे। अत: जो लोग भ्रामक व झूठा प्रचार कर रहे हैं उनसे मेरी अपील है कि मानवता भलाई के कार्यों को फैलाएं। गुरूगद्दी की मेरी कभी इच्छा नहीं रही और न ही मैं कभी ऐसा सोच सकता हूँ। डेरा सच्चा सौदा की मैनेजमेंट व साध-संगत पूज्य गुरू जी की पावन प्रेरणा व मार्गदर्शन पर सेवा कार्य करते रहेंगे।