राम रहीम को जेल में मिल रहा है वीआईपी ट्रीटमेंट..जमानत पर बाहर आए कैदी ने किया खुलासा

जेल में बंद डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बारे में एक और अहम खुलासा हुआ है। राम रहीम के लिए रोजाना जेल में स्पेशल वाहन में खाना ले जाया जाता है और खाने की वीडियो भी बनती है। वहीं, सामान्य कैदियों के मुकाबले राम रहीम से परिजनों की मुलाकात एक घंटे से ज्यादा समय तक होती है, जबकि बाकी कैदियों को सिर्फ 20 मिनट ही मिलते हैं। यह खुलासा किया है जेल में 3 दिन पहले तक बंद कैदी राहुल जैन ने। वह किसी आपराधिक केस के सिलसिले मंे रोहतक की सुनारिया जेल में बंद था और शुक्रवार शाम को ही उसकी जेल से रिहाई हुई है। हालांकि जैन का यह भी दावा है कि जेल में अब तक किसी कैदी ने राम रहीम को नहीं देखा है। जब उसे विशेष सैल से बाहर लाया जाता है तो बाकी कैदियों को बैरक में बंद कर दिया जाता है।

गुरमीत राम रहीम सुनारिया जेल में ढाई माह से रेप के मामले में सजा काट रहे हैं। 25 अगस्त को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट की ओर उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद सुनारिया जेल लाया गया था। उन्हें जेल में बनी अप्रूवर सेल में रखा गया है, जहां उनके अलावा अन्य कोई कैदी नहीं है। इस सैल में राम रहीम के लिए दो नंबरदार तैनात किए गए हैं। इसके अलावा किसी अन्य कैदी को सैल की ओर जाने तक इजाजत नहीं है। राम रहीम से परिजनों के मुलाकात के लिए सोमवार व वीरवार का दिन निर्धारित है। इस दौरान जब भी परिजन आते हैं तो यह मुलाकात दोपहर बाद ही कराई जाती है क्योंकि तब तक बाकी कैदियों की मुलाकात हो चुकी होती है।

राम रहीम के सुनारिया जेल में आने के बाद बाकी कैदियों के परेशानी बढ़ने की खबर आती रही हैं। जेल से जमानत पर बाहर आने वाले कैदी परेशानी बयां करते रहे हैं। अब एक और कैदी राहुल जैन 3 दिन पहले जेल से बाहर आया है और राम रहीम से जुड़ी कई बातों का मीडिया के कैमरे के सामने बयां किया है। जैन का कहना है कि सुनारिया जेल में आने के बाद से ही बाकी कैदियों की परेशानी बढ़ गई है। कैदियों पर जेल के अंदर कई प्रकार की बंदिश लगा दी गई हैं। शुरूआत में जब वे जेल में आए थे तो बाकी कैदियों को कई दिन तक सबमर्सिबल का पानी पीना पड़ा था। जबकि राम रहीम के लिए तो जेल के विशेष छोटे वाहन में खाना ले जाया जाता है। जेल में अपनी सैल से जब भी राम रहीम बाहर निकलता है तो बाकी कैदियों को बैरक के अंदर बंद कर दिया जाता है। कैदी अपनी परेशानी से जेल प्रशासन को अवगत करा चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। मुलाकात के लिए भी राम रहीम के परिजनों को ज्यादा समय मिलता है।

जेल से बाहर आए राहुल जैन का कहना है कि राम रहीम के आने के बाद बाकी कैदियों का परिजनों की ओर से जरूरी सामान भी आना बंद हो गया था। फिर एक दिनएक विचाराधीन कैदी कोर्ट में पेशी के दौरान बिना चप्पल पहने हुए चला गया। इस पर जब जज ने पूछा तो उसने राम रहीम की वजह से होने वाली परेशानी बता दी। तब जज ने जेल प्रशासन को फटकार लगाई और फिर दोबारा से सामान आना शुरू हुआ। जैन का तो यह भी कहना है कि जेल प्रशासन के खिलाफ जब भी कोई खबर अखबार में आती है तो उसकी कटिंग कर दी जाती है और कटिंग के बाद ही कैदियों को अखबार मिलता है।