राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी पर परिवार ने बनाया शादी का दबाव….खिलाड़ी ने लिखा सीएम को पत्र….

राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खेल चुकी एक बेटी को पढ़ाई और खेल को जारी रखने के लिए परिवार से बगावत करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। परिवार वाले उसकी शादी करना चाहते हैं, लेकिन वह पढ़ाई और कबड्डी खेलना चाहती है। अब रोहतक के वैश्य कालेज की इस महिला खिलाड़ी ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल से लेकर महिला आयोग और डीजीपी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि उसकी पढ़ाई और खेल को जारी रखने दिया जाए। उसका कहना है कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल में इंटरनेशनल स्तर तक पहुंचकर देश व प्रदेश का नाम रोशन करना चाहती है। 

मूल रूप से पानीपत के महावटी गांव की रहने वाली प्रीति का परिवार चार साल से करनाल में रहता है। जबकि वह रोहतक के वैश्य कॉलेज ग्रेजुएशन कर रही है। प्रीति नेशनल स्तर पर कबड्डी खेल चुकी है। लेकिन अब परिजन उस पर शादी का दबाव बना रहे हैं, लेकिन वह साफ तौर पर इंकार कर रही है। प्रीति का कहना है कि परिजनों ने उसका रिश्ता एक उम्रदराज व्यक्ति से तय कर दिया। परिजन उसे जबरन करनाल ले गए। नहीं मानने पर कई दिन तक कमरे में बंद करके रखा गया। किसी तरह उसने रोहतक आकर फिर से पढ़ाई और प्रेक्टिस शुरू कर दी। प्रीति का कहना है कि अब उसे परिजनों से जान का खतरा है। 

प्रीति कॉलेज की कबड्डी टीम में भी शामिल रही है। कबड्डी फेडरेशन की ओर से भी खेल चुकी है। साथ ही सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी है। प्रीति का कहना है कि एक चैंपियनशिप में चयन का पता चलने पर पिता ने उसके अंगूठे में चोट मार दी, ताकि वह खेल ना सके। प्रीति का कहना है कि परिवार से छिपकर रोहतक में एक रिश्तेदार के यहां रहना पड़ रहा है। उसे हर रोज रास्ते बदलकर इधर-उधर से कॉलेज में जाना पड़ता है।

इस कबड्डी खिलाड़ी ने हरियाणा महिला आयोग के सामने भी मदद की गुहार लगाई है। प्रीति ने महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। जिस पर अध्यक्ष का कहना है कि प्रीति को इंसाफ दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि एक बेटी को पढ़ाई और खेल के लिए इस तरह का कदम उठाना पड़ रहा है।