स्मॉग पर केजरीवाल को सी.एम खट्टर का जवाब.. कहा सरकार कुछ नहीं कर सकती।

एनसीआर में वायू प्रदूषण के मुद्दे पर सियासी ब्यानबाज़ी का दौर जारी है। पिछले दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रीयों को पत्र लिख कर इस मुद्दे पर सहयोग मांगा था। केजरीवाल के इस पत्र के जवाब में लिखे पत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लिखा है कि कोई सरकार, संस्था या व्यक्ति हवा की गुणवत्ता को बेहतर नहीं बना सकते। इस पत्र में खट्टर ने सारी समस्या के लिए पंजाब को जिम्मेवार ठहरा दिया है। खट्टर का कहना है कि पराली की समस्या से निपटने के लिए उनकी सरकार अब तक 39 करोड़ रुपए खर्च चुकी है जबकि पंजाब ने एक रुपया भी इस समस्या से निपटने के लिए खर्च नहीं किया है।

इस पत्र में मनोहर लाल खट्टर ने अरविंद केजरीवाल की सरकार पर भी सवाल उठाए हैं। खट्टर का कहना है कि केजरीवाल राजनैतिक फायदा उठाने के लिए उनकी सरकार पर पराली जलाए जाने के आरोप लगा रहे हैं। खट्टर ने खत में लिखा है कि केजरीवाल जवाब दें कि दिल्ली में 40,000 हैक्टेयर में पराली जलाने के मामले में उनकी सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।

मनोहर लाल खट्टर ने अपने खत में यह भी लिखा है कि वह 13 और 14 नवम्बर को राजधानी दिल्ली में उपलब्ध रहेंगे और इस दरमियान केजरीवाल उनसे मुलाकात कर सकते हैं। जाहिर है प्रदूषण से लड़ने की बजाए तीनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री आपसी खींचतान में उलझे हैं और आम आदमी जहरीले धुएं में सांस लेने को मजबूर है।