हनीप्रीत का कबूलनामा….पंचकूला दंगे और राम रहीम को भगाने की साजिश पर खोले राज़

मंगलवार को एसआईटी ने पंचकूला ज़िला अदालत में 790 पन्नों की चार्जशीट हनीप्रीत व 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर की है। हनीप्रीत के कबीलनामे ने सभी राज़ खोल दिए है। फिर चाहे बात पंचकूला में दंगा भड़काने को लेकर हो यां फिर राम रहीम को सज़ा सुनाने के बाद कोर्ट से भगाने को लेकर हो।

हनीप्रीत ने अपने कबूलनामे में सब बताया कि किस तरह से हनीप्रीत डेरा सच्चा सौदा के साथ जुड़ी और किस तरह हनीप्रीत की नज़दीकियां राम रहीम के साथ बढ़ी कि सारा डेरा ही उससे पूछ कर चलने लग पड़ा।

हनीप्रीत ने पुलिस को अपने कबूलनामे में बताया है कि डेरे से जुड़े सभी कामों में राम रहीम के बाद हनीप्रीत द्वारा तैयार की गई योजना चलने लगी। डेरा सच्चा के लिए अच्छा काम काम करने वाले को वे राज्य अनुसार 45 सदस्य कमेटी या डिस्ट्रिक्ट अनुसार 25 सदस्य कमेटी में शामिल कर देते थे। जिससे डेरा सच्चा सौदा द्वारा राज्यों में जुड़ी नाम चर्चा घरों से भी डेरा को अच्छी इनकम हो जाती थी।

हनीप्रीत ने बताया कि राम रहीम खिलाफ रेप केस का मामला पंचकूला सीबीआई में चल रहा था, जिसका दिनांक 25-8-2017 को सीबीआई कोर्ट, पंचकूला से फैसला आना था। राम रहीम के विरुद्ध आने वाले फैसले के संबंध में 17-8-2017 को उसने व आदित्य इंसा ने डेरा की तरफ से बनाई गई पदाधिकारियों/जिम्मेवारों के साथ डेरा में एक मीटिंग की थी।  इस मीटिंग में डेरा के प्रवक्ता दिलावर सिंह, पंवन इंसा, महिंद्र सिंह व गोबिन जसबीर सिबीर सिंह, गोपाल, सुरेंद्र धीमान, गोबीराम, राकेश इंसां, रामसिंह चेयरमैन और अर्श अरोड़ा आईटी विंग, बलराज सिंह तथा दान सिंह जोकि राम रहीम के डेरे के सभी केसों की पैरवी करता है और डेरा के अन्य काफी पदाधिकारी शामिल हुए थे।


उस मीटिंग में यह योजना बनाई थी कि फैसला राम रहीम के हक में करवाने की नीयत से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। इसके लिए लिए डेरा से बनाए गए जिम्मेदार व्यक्तियों के माध्यम से हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, पंजाब से संगत डेरा प्रेमियों को इकट्‌ठा करके पंचकूला लाया जाएगा। अगर फिर भी फैसला राम रहीम के विरूद्ध आता है तो पंचकूला और अन्य जगह पर इकट्‌ठा लोगों को उत्साहित करके/तोड़ फोड़ करवाई जाएगी और राम रहीम को कोर्ट कांम्प्लैक्स से ही फरार करवा लिया जाएगा। चमकौर सिंह की ड्यूटी संगत इकट्‌ठा करवाने तथा आगजनी, तोड़फोड़ करवाने के लिए लगाई थी।

हनीप्रीत ने कबूल किया है कि राम रहीम को भगाने की जिम्मेवारी राकेश पीए, ड्राइवर फूल सिंह, प्राइवेट पीएसओ प्रीत सिंह और पंजाब पुलिस के पीएसओ कर्मजीत की लगाई गई थी। पंचकूला के इंतजाम के लिए डेरा की तरफ से सवा करोड़ रुपए हनीप्रीत ने बेअंत कौर कैशियर से राकेश पीए के माध्यम से चमकौर को भी दिलवाए थे। तय योजना के अनुसार सभी सदस्यों ने सक्रिय होकर अपना-अपना कार्य करना शुरू कर दिया था। इसी बीच पंचकूला में बढ़ती भीड़ को देखकर किसी व्यक्ति ने हाईकोर्ट में पीआईएल डाल दी थी।

हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई शुरू करने के कारण उनके ऊपर दबाव बनने लगा था। जिसके चलते उन्होंने राम रहीम से संगत को वापस जाने के लिए एक अपील वॉट्सऐप पर डलवाकर वायरल करवा दिया था। लेकिन डेरा के जिम्मेदार व्यक्तियों के माध्यम से उन्हें मौखिक संदेश दिलवा दिया था कि आप डटे रहो आपने कहीं नहीं जाना।

हनीप्रीत ने बताया कि राम रहीम को सजा होने के बाद उसके खिलाफ भी केस होने के कारण पुलिस उसे तलाश करने लग गई थी। जिस कारण वह अपनी डेरा सेवादार सुखदीप कौर उफ्र जींदु पत्नी बगड़ सिंह के घर बठिंडा, में रही थी। इसी दौरान उसने वकील के कहने पर संगत को दोबारा अपने साथ जोड़ने की नीयत से भावुक होकर एक्टिंग करते हुए एक वीडियो वायरल किया था। वो वीडियो बठिंडा में सुखदीप के घर पर बनाई थी। जिस मोबाइल से वह वीडियो बनाई थी, वह उसने सुखदीप को दिया था। 25-8-2017 के बाद वह अपनी साथियों आदित्य इंसां, पवन इंसां, नवीन नागपाल उर्फ गोबीराम के साथ यूपी चचीया नगरी, चंबा हिमाचल प्रदेश, कोटा राजस्थान, श्री मुक्तसर साहिब पंजाब में अलग-अलग ठिकानों पर छिप कर रही है।