हिमाचल की हसीन वादियों में खट्टर सरकार करेंगी चिंतन…विरोधियों की निशाने पर चिंतन शिविर…

Haryana Chief Minister, Mr. Manohar Lal boarding in a bus before leaving to three-day Chintin Shivir being organized at Timber Trail Heights, Parwanoo in Chandigarh on December 15, 2017.

हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में हरियणा सरकार का चिंतन शिविर शुरू हो चुका है।  परवाणु के नज़दीक टिंबर ट्रेल रिज़ोर्ट में प्रदेश के आला हुकमरान इस बात पर चिंतन के करेंगे कि किस तरह विकास को गति प्रदान की जाये और कैसे इस विकास का लाभ प्रदेश के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे।

रविवार दोपहर तक चलने वाले इस शिविर में किसानों की आय दुगनी करने और प्रदेश में कारोबार करना आसान बनाने जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी।  विभिन विभागों के मंत्री यहाँ आयोजित होने वाले सेशंस में अपने अपने विषयों पर प्रेजेंटेशन देंगे।  इन प्रेसेंटेशन्स को प्रस्तुत करने में उच्च अधिकारी मंत्रिओं की सहायता करेंगे।

सुबह 9 बजे से ही अधिकारियों और मंत्रियों का सचिवालय पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया था।  यहाँ से इन्हें हरियणा रोडवेज की 3 बसों में बैठा कर टिम्बर ट्रेल ले जाया गया।  मुख्यमंत्री खुद भी बस में ही बैठ कर रवाना  हुए।  शिविर को लेकर अधिकारी भी काफी उत्साहित नज़र आये।

ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के दास का कहना था कि शिविर में अनौपचारिक तौर पर विचार विमर्श करने का अवसर मिले गा।  वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना था कि  समय समय पर सरकार को अपने काम का मूल्यांकन करना चाहिए।  इस सोच को आगे बढ़ाते हुए इस चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा तो तैयार होगी ही साथ ही पिछले तीन सालों का लेख जोखा भी लिया जाएगा।

इस चिंतन शिविर को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर है।  इसे फ़िज़ूलखर्ची बताया जा रहा है।  सरकार पर मौज मस्ती करने का आरोप भी लग रहा है।  पर सीएम इस से ज़्यादा चिंतित नहीं है।  उनका कहने है की विपक्ष का काम केवल आलोचना करना है जबकि सरकार पूरी तरह से अपने ध्यान विकास पर केंद्रित कर रही है।  कहत्तर के मुताबिक काम काज का सतत मूल्यांकन बेहद आवश्यक है और इस के लिए खुशगवार माहौल में बातचीत करने से बेहतर कुछ नहीं हो सकता।  उन्हों ने कहा कि टिम्बर ट्रेल रिसोर्ट का चयन केवल इस लिए किआ गया है कट एकांत स्थान पर रोज़मर्रा की भागदौड़ से दूर प्रदेश के हिट में कुछ सोचा जा सके।