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अपराध/हादसा

अंकिता हत्याकांड: परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार, सबूत मिटाने के लिए रिजॉर्ट तोड़ा गया

By Vinod Kumar -- September 25th 2022 12:02 PM -- Updated: September 25th 2022 12:03 PM

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में लागों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अंकिता को इंसाफ दिलाने और आरोपियों को फांसी की मांग के लिए जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच रविवार सुबह अंकिता का शव श्रीनगर (उत्तराखंड) पहुंचा, जहां आज उसकी अंतिम संस्कार होना था, लेकिन परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।

अंकिता के परिजनों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों ने प्रशासन से पूछा कि रिजॉर्ट को क्यों तोड़ा गया। परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सबूत मिटाने के लिए इस रिजॉर्ट को तोड़ा गया है। रिजार्ट में सारे सबूत थे। अंतिम संस्कार से पहले परिजनों की मांग है कि अंकिता मर्डर केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा हो सके।

बता दें कि उत्तराखंड में 19 साल की युवती अंकिता को नहर में धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया था। छह दिन बाद अंकिता का शव ऋषिकेश के चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। अंकिता हत्याकांड में पुलिस ने बीजेपी नेता के बेटे को गिरफ्तार किया है।

19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी ने कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड में बीजेपी सरकार में पूर्व राज्यमंत्री विनोद आर्या के बेटे पुलिकित आर्य के रिजॉर्ट में अगस्त के महीने में बतौर रिसेप्शनिस्ट नौकरी शुरू की थी। 18 अगस्त को अंकिता लापता हो गई थी। 19 अगस्त को उसके माता पिता ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में लिखवाई थी।

रिजॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि 18 सितंबर को शाम करीब आठ बजे अंकिता रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर अंकित और भाष्कर के साथ रिजॉर्ट से गई थी। इसके बाद करीब साढ़े दस बजे ये तीनों ही रिजॉर्ट में लौटे। अंकिता उनके साथ नहीं थी। इस आधार पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो साजिश की परतें खुलने लगीं।

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