मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्तों के साथ की कोरोना नियंत्रण के संबध में तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्तों के साथ की कोरोना नियंत्रण के संबध में तैयारियों की समीक्षा

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में वैश्विक कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने और प्रभावी ढंग से इसका मुकाबला करने के लिए समय-समय पर सक्रिय रणनीतियां बनाई जा रही हैं। पिछले आठ दिनों में उन्होंने स्वयं 17 जिलों का दौरा किया है और कोविड-19 की रोकथाम के बारे में की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। आने वाले दिनों में वे पांच और जिलों का दौरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार कोविड-19 मामलों में वृद्धि की संभावना है। इसलिए सभी उपायुक्तों को अब इस महामारी की रोकथाम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और कोविड-19 प्रबंधन की तैयारियों जैसे टेस्टिंग सुविधा बढ़ाने, क्लिनिकल मैनेजमेंट पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ जन-जागरूकता गतिविधियां विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ानी होंगी।

मुख्यमंत्री आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 की तैयारियों की निगरानी के लिए जिला इंचार्ज के रूप में तैनात प्रशासनिक सचिवों और जिला उपायुक्तों के साथ कोरोना की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। गृह और स्वास्थ्या मंत्री अनिल विज ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों में सामान्य, आईसीयू और ऑक्सीजनयुक्त बैड की उपलब्धता तथा निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। सीएम ने ऑक्सीजन की समय पर आपूर्ति, बिस्तरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और टेस्टिंग सुविधाओं में तेजी लाने के लिए समर्पित प्रयास करने के भी निर्देश दिए।

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मनोहर लाल ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पतालों में ऑक्सीजन, बेड और दवाओं की नियमित ऑडिटिंग की जानी चाहिए ताकि ऑक्सीजन की मांग व आपूर्ति के संबंध में वर्तमान और भविष्य की रणनीतियां बनाई जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के प्रत्येक अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति और मांग की निगरानी के लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति जल्द से जल्द गठित की जाए।


उन्होंने जिला उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि उपायुक्त स्वयं ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की निगरानी करें और ऑक्सीजन टैंकर की अनलोडिंग जल्द से जल्द सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एंटीजन टेस्ट पर अधिक जोर देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच कैंप और जागरूकता शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए।