देश की सबसे बड़ी अदालत के आदेशों के खिलाफ ये कैसा आंदोलन…

एक ऐसा कानून…जिसमें कोर्ट ने कहा पहले जांच करो…फिर गिरफ्तारी करो…एक ऐसा कानून जिसमें कोर्ट ने कहा…आरोप साबित हो…तभी कार्रवाई करो…तभी गिरफ्तारी करो…एक ऐसा कानून…जो साल 1989 में बना…लेकिन कानून का दुरुपयोग हुआ तो कोर्ट ने कहा…कानून में संशोधन हो…और संशोधन के बाद हर मामले में पहले जांच करो…फिर गिरफ्तारी करो…और कोर्ट के इस आदेश के बाद सड़कों पर तस्वीर क्या बनी…वो इन तस्वीरों से जाहिर है….
सुप्रीम कोर्ट के दलित उत्पीड़न कानून में फेरबदल के आदेश के बाद…देश में हालात बिगड़े…दलित संगठनों ने प्रदर्शन किए…और इस प्रदर्शन का खामियाजा हरियाणा को किस तरह भुगतना पड़ा…वो इन आंकड़ों से साफ हो जाएगा…पूरे हरियाणा में भारत बंद के दौरान तनाव पनपा…ट्रेनें रोकी गई…बसों में तोड़फोड़ हुई…सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया…और इस सब के चलते…हरियाणा भर में…100 लोगों को गिरफ्तार किया गया…प्रदेशभर में 47 मुकद्दमें दर्ज किए गए…हरियाणा पुलिस के कुल…84 जवान…इन प्रदर्शनों में घायल हुए है…वहीं 8 आम नागरिक भी इस दौरान हिंसा का शिकार हुए…प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया…हरियाणा पुलिस के मुताबिक…24 सरकारी गाड़ियों और…60 निजी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया गया है….
पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने ये आंकड़े पेश किए हैं…इसके चलते प्रदेशभर में तनाव की स्थिति बनी रही…लेकिन हरियाणा पुलिस हालातों से निपटने में पुलिस के मुताबिक…कामयाब रही है…लेकिन खट्टर सरकार के दौरान हरियाणा में…सड़क पर संग्राम की लिस्ट में….एक नया वाक्या…जरूर जुड़ गया है…