झज्जर अनाज मंडी में बाजरे की खरीद नहीं होने से किसानों में रोष

Anaj Mandi
झज्जर अनाज मंडी में बाजरे की खरीद नहीं होने से किसानों में रोष

झज्जर। ( प्रदीप धनकर ) अनाज मंडी में सरकारी खरीद एजेंसियों की ओर से बाजरे की खरीद रोक दी गई है। साथ ही अनाज मंडी से बाजरे का उठान नहीं होने के कारण किसानों और आढ़तियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खरीद रुकने से कई गांवों के किसानों की फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पाई, सरकार ने 1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक का बाजरा खरीदने के लिए रोस्टर तैयार किया था लेकिन 8 नवंबर को ही बाजरे की खरीद रोक दी गई थी। जिससे किसान और आढ़ती परेशान हैं।अनाज मंडी से बाजरे का उठान न होने के कारण और दूसरी अनाज मंडियों से बाजरा आने की वजह से मंडी पूरी तरह से भर गई है यहां पर बाजरा डालने के लिए जगह तक नहीं है झज्जर की अनाज मंडी में करीब 40 हजार कट्टे बाजरा पड़ा है। खरीद एजेंसी के नियमानुसार बाजरे का भंडार होने के बाद ही उसकी राशि का भुगतान किया जाता है। लेकिन बाजरे का उठान न होने की वजह से उनका भंडार नहीं हो पा रहा है और किसानों को राशि मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। इस बार बाजरे का उठाने होने की वजह से किसानों को राशि का भुगतान नहीं हो पाया है और वह बाजरा बेचने के बाद भी राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

Kisan
झज्जर अनाज मंडी में बाजरे की खरीद नहीं होने से किसानों में रोष

झज्जर अनाज मंडी प्रधान सतबीर आढ़ती ने बताया कि बाजरे का उठान न होने की वजह से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मंडी में बाजरा डालने की जगह भी नहीं बची है। झज्जर की मंडी का बाजरा उठाया नहीं जा रहा है और दूसरी मंडियों से लाकर यहां पर बाजरे का भंडार किया जा रहा है। जबकि अधिकारी हमारी एक तक नहीं सुनते। मंडी में आढ़ती के चकर लगा रहे किसान ने बताया की हमारी रोजी रोटी खेती है फसल पैदा होगी फसल अनाज मंडी में बेच दी लेकिन भुगतान अभी तक नहीं मिला हैं। वहीं खरीद रुकने से बहुत सारे किसानों की बाजरे की फसल अब तक मंडी तक नहीं पहुंची। किसानों ने बाजरे की खुली खरीद करवाने की मांग की है। वहीं कोई भी अधिकारी इस सम्बंध में कैमरे के सामने कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। तो वही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हमेशा किसान के हितों कि बात करते हुए कहा कि हम किसान के अन्न का एक एक दाना खरीदेंगे पिछली मनोहर सरकार में भी मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि हमने किसान के बाजरे का एक एक दाना ख़रीदा है लेकिन आज यहाँ स्थिति कुछ और भी बयां कर रही है। देखने वाली बात यह है कि कल ही जय प्रकाश दलाल ने मंत्री पद की शपथ ली और कृषि मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल लिया है क्या वो इस तरफ ध्यान देंगे और किसानो को उनका हक दिलवा पाएंगे।

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—PTCNews—