किसानों का मिशन यूपी और मिशन उत्तराखंड होगा शुरू, बीजेपी को हराने के लिए बनेगी रणनीति

बहादुरगढ़। (प्रदीप धनखड़) बंगाल चुनाव में बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने वाले किसान अब जल्द ही मिशन यूपी और मिशन उत्तराखंड शुरू करने जा रहे हैं। तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान आगामी चुनावों में भाजपा को हराने के लिए नई रणनीति बनाने में जुटे हैं।

इस सिलसिले में जल्द ही गाजियाबाद बॉर्डर पर यूपी और उत्तराखंड के किसानों के साथ एक बैठक होगी। यह कहना है संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बूटा सिंह का। बूटा सिंह का कहना है कि संयुक्त किसान मोर्चा यूपी और उत्तराखंड के किसानों के साथ बैठक करेगा। किस तरीके से बीजेपी के खिलाफ प्रचार किया जाए ये रणनीति भी बनाई जाएगी। किसान मोर्चा चुनावी राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और महापंचायत भी करेगा।

बूटा सिंह का कहना है कि आंदोलन समाप्त करने के 2 ही रास्ते हैं। या तो सरकार तीनों कृषि कानून वापस ले या फिर किसान बीजेपी का सफाया कर दें। बूटा सिंह का ने बताया कि 26 जून को किसान आंदोलन के 7 महीने पूरे होने पर गवर्नर हाउस का घेराव करेंगे। देशभर में गवर्नर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की 1100 करोड़ रुपये से अधिक के राहत पैकेज की घोषणा

यह भी पढ़ें- सीबीएसई 12वीं बोर्ड के 31 जुलाई तक घोषित होंगे नतीजे


वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के आधी रात को भी बातचीत के लिए तैयार वाले बयान पर भारतीय किसान यूनिन एकता डकोंद के प्रधान बूटा सिंह का कहना है कि किसान बातचीत को तैयार हैं लेकिन बातचीत कृषि कानूनों को रद्द कराने पर ही होगी।