जेल में राम रहीम के एक साल..कैसे गुज़र रहे हैं बलात्कारी बाबा के दिन ?

Sunaria Jail
रोहतक, 25 अगस्त: डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल में एक साल हो चुका है। दो साध्वियों से रेप मामले में दोषी ठहराए जाने पर पंचकूला में जमकर हिंसा हुई थी, जिसके बाद राम रहीम 25 अगस्त 2017 को इस जेल में लाया गया था। सजा के बाद से ही राम रहीम सुनारिया जेल में है। उसे सुनारिया जेल में अलग सेल में रखा गया है जहां उसके साथ कोई अन्य कैदी नहीं है और न ही किसी कै़दी को उससे मुलाकात की इजाज़त है। राम रहीम से सोमवार या गुरुवार को मुलाकात के लिए जब भी परिजन या वकील आते हैं तब बाकी कैदियों को बैरक में बंद कर दिया जाता है, उसके बाद ही राम रहीम की मुलाकात कराई जाती है।
 
जेल के सूत्र बताते हैं कि राम रहीम ने जब जेल में आया था उस वक्त उसका वज़न 105 किलोग्राम था लेकिन एक साल के दौरान वज़न घटकर 92 किलोग्राम रह गया है। दाढ़ी सफेद हो चुकी है। हालांकि सिर के बाल पहले की तरह लंबे हैं। सुबह-शाम वह सैर भी करता है। राम रहीम के सेल में देखरेख के लिए 4 नंबरदार रखे हुए हैं। नंबरदार उन कैदियों को बनाया जाता है, जो बुजुर्ग होते हैं। 


कैसी है बलात्कारी बाबा की सेल !
बाबा की सेल करीब आधा एकड़ में है जिसके चारों ओर काफी ऊंची दीवार है। गुरमीत राम रहीम सुबह करीब साढ़े 5 बजे सोकर उठता है जिसके बाद योग करता है। दिन भर सामान्य कैदियों की तरह जीवन व्यतीत कर रहा है। सेल में लगाई गई सब्जियों की देखभाल भी खुद ही करता है। वैसे तो डेरा प्रमुख के सेल में गीता रखी गई है, लेकिन राम रहीम धार्मिक साहित्य के अलावा प्रसिद्ध साहित्यकारों को भी रुचि के साथ पढ़ता है। गुरमीत को जब कैंटीन से सामान लेना होता है उस समय जेल के बाकी कैदियों को उनकी बैरक में बंद कर दिया जाता है, ऐसे में सुरक्षाकर्मियों और कैंटीन के कर्मियों के अलावा उसे कोई नहीं देख पाता। 
 
जन्मदिन के बाद से रोज़ाना आ रहे हैं सैकड़ों कार्ड
गुरमीत राम रहीम का 15 अगस्त को जन्मदिन था। उस दिन के बाद से अब तक रोजाना राम रहीम के नाम डाकघर सैकड़ों बर्थ डे कार्ड आ रहे हैं। पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज स्थित उप-डाकघर में कार्ड के ढेर लगे हैं। ये कार्ड देश के अलग-अलग हिस्से से आ रहे हैं।