नई पीढ़ी को एक स्वस्थ वातावरण देने की आचार्य देवव्रत की मुहिम ला रही है रंग

गुरुकुल कुरुक्षेत्र में गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल और गुरुकुल के संरक्षक आचार्य देवव्रत पहुंचे हुए थे. अपने दौरे के दौरान उन्होंने प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने और ज्यादा से ज्यादा इस पद्धति को अपनाने की गुज़ारिश की, ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन मिल सके, और देश में ज़हरमुक्त खेती की परंपरा फिर से शुरू हो. गुरुकुल के ज़रिए आचार्य देवव्रत ने ज़ीरो बजट की प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने की मुहिम शुरू की है. आचार्य के मुताबिक इस पद्धति से न सिर्फ किसानों की फसलों के दाम दो गुणा बढ़ेंगे बल्कि इससे रोग मुक्त अनाज और अन्य फसले में मिलेंगी. कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर हरिओम ने भी इस बात की पुष्टि की है.

आपको बता दें कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि जिस भूमि का जैविक कार्बन 0.40 था, उस पर जब जीरो बजट प्राकृतिक कृषि की गई तो एक वर्ष के अन्दर ही जैविक कार्बन 0.82 से 1.12 प्रतिशत तक बढ़ गया जिससे प्रमाणित होता है कि इस पद्धति से बंजर भूमि को भी उपजाऊ बनाया जा सकता है. आचार्य देवव्रत की कोशिश भी यही है कि आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ वातावरण भेंट किया जा सके.