फिर से आंदोलन की राह पर जाट, भाईचारा न्याय यात्रा से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग

Haryana jats starts brotherhood justice journey for pending demands
फिर से आंदोलन की राह पर जाट, भाईचारा न्याय यात्रा से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग

रोहतक। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति हरियाणा द्वारा आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में यशपाल मलिक ने सरकार की वायदाखिलाफी पर बोलते हुऐ कहा कि अभी भी हरियाणा के जाटों को ओबीसी श्रेणी में आरक्षण व आन्दोलन के दौरान दर्ज सभी केसों की वापसी की मांग पूरी नहीं हुई है। लम्बे समय तक लोकसभा और उसके बाद हरियाणा में विधानसभा चुनावों के कारण सरकार द्वारा इस दिशा में कोई भी कार्य नहीं किया गया और चुनावों के समय भी जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा भी भाईचारा बनाने के प्रयास किये जाते रहे। अब नई सरकार का गठन हो चुका है और हरियाणा की जनता ने उन जाट विधायकों एवं गैर जाट विधायकों तथा नेताओं को भी नकार दिया है जो अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा में हरियाणा का भाईचारा खराब कर रहे थे।

अब संघर्ष समिति ने सरकार की वायदाखिलाफी पर भाईचारा न्याय यात्रा के माध्यम से जन जागरण अभियान चलाया जायेगा। जो मांगें अभी तक अधूरी हैं उन्हें पूरी कराने के लिये इस यात्रा के माध्यम से भविष्य में शुरू होने वाले शान्तिपूर्वक आन्दोलन की तैयारी की जायेगी। इस यात्रा की शुरूआत छोटूराम धाम-जसिया, रोहतक से की गई। यह यात्रा पूरे हरियाणा में सभी विधानसभा क्षेत्रों से होते हुए 22 फरवरी 2020 को जाट आरक्षण आन्दोलन में शहीद होने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिये आयोजित शहीद रैली-लाठ जौली, सोनीपत में समाप्त होगी।

Haryana jats starts brotherhood justice journey for pending demands
फिर से आंदोलन की राह पर जाट, भाईचारा न्याय यात्रा से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग

इस शहीद रैली में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ साथ यह भी निर्णय लिया जायेगा कि अगर समय रहते सरकार समाज की मांगें पूरी नहीं करती, तब भविष्य में आन्दोलन की क्या रूप रेखा होगी। भाईचारा न्याय यात्रा के दौरान निम्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
1. यात्रा प्रत्येक जिला स्तर से शुरू होकर उस जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जन जागरण अभियान चलायेगी।
2. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के विधायक को समाज की माँगों को पूरा कराने में सहयोग देने के लिये ज्ञापन सौंपा जायेगा।
3. 22 फरवरी 2020 को आयोजित होने वाली शहीद रैली में भविष्य के आन्दोलन की रणनीति के लिये सभी से सलाह लेकर सरकार द्वारा माँगों को पूरी ना करने पर आन्दोलन की रणनीति तय कर आन्दोलन की रूप रेखा की घोषणा कर दी जायेगी।




यशपाल मलिक ने कहा कि 16 जनवरी 2020 में खापों के प्रयास से कैप्टन अभिमन्यु और उनके परिवार के बीच उनकी कोठी फूंकने के दर्ज मुकदमों में आपसी फैसले का संघर्ष समिति खापों व कैप्टन परिवार का धन्यवाद करती है।

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—PTC NEWS—