सावधान! कोविड-19 इलाज की प्रतिपूर्ति का वादा करने वाले ‘फ़िशिंग‘ ई-मेल पर नहीं करे क्लिक

Haryana Police caution people against phishing emails

चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों को कोविड-19 का मुफ्त इलाज या राशि की प्रतिपूर्ति का वादा करने वाली ‘फ़िशिंग‘ ई-मेल बारे आगाह किया है। पुलिस ने नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा है कि वे ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करें क्योंकि ऐसा करने से यूजर्स धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।

नागरिकों को इस तरह के साइबर हमलों से सावधान रहने की सलाह देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), नवदीप सिंह विर्क ने आज यहा बताया कि कोरोनावायरस के प्रसार से देश में साइबर हमलों में भी वृद्धि देखी गई है। हरियाणा पुलिस साइबर अटैक को लेकर लगातार लोगों को सावधान करती आ रही है।
साइबर क्रिमिनलस द्वारा भोलेभाले लोगों और व्यवसायों को लक्षित करते हुए कोविड-19 महामारी द्वारा उत्पन्न स्थिति का फायदा उठाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। ऐसे जालसाज यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने के लिए उन तमाम प्राधिकरण का प्रतिरूपण कर सकते हैं जिन्हें कोविड-19 इलाज संबंधी सरकारी सहायता का काम सौंपा गया है।

Haryana Police caution people against phishing emails

एडिशनल डीजीपी ने धोखाधड़ी के तरीके बारे बताते हुए कहा कि साइबर हमलावर ncovid19@gov.in या इससे मिलते-जुलते प्रमाणिक एजेंसी के पते का उपयोग कर कोविड-19 बारे फ़िशिंग ईमेल भेज सकते हैं। इसके बाद ऐसे जालसाज सरकार द्वारा कोरोनावाइरस के अनिवार्य टैस्टिंग आदेशों के बारे में यूजर्स को सूचित कर जाली लिंक पर क्लिक द्वारा पंजीकरण करने के लिए कहते हैं। जैसे ही यूजर्स क्लिक करता है, साइबर धोखेबाज नागरिकों का महत्वपूर्ण और व्यक्तिगत डेटा चोरी कर लेते हैं।

Haryana Police caution people against phishing emails

साइबर सुरक्षा के उपायों को जिक्र करते हुए विर्क ने कहा कि यूजर्स को असत्यापित ईमेल अटैचमेंट को डाउनलोड करने तथा फर्जी लिंक विशेषकर स्वास्थ्य सूचना या कोविड-19 से संबंधित किसी भी लिंक पर जाने से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त, लोगों को किसी भी ऐसे संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए जो कोविड-19 इलाज की प्रतिपूर्ति का वादा करता है। उन्होंने कहा कि ये फ़िशिंग मैसेज हैं और सरकार द्वारा कोविड-19 संबंधी वितीय सहायता के लिए जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों द्वारा नहीं भेजे जाते हैं।

—PTC NEWS—