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हरियाणा की पहली ड्रोन पायलट बनीं निशा सोलंकी, किसानों को देंगी ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण

हरियाणा की निशा सोलंकी अब किसानों को ड्रोन उड़ानें की ट्रेनिंग देंगी। डीसीए से सर्टिफाइड कोर्स कर एग्रीकल्चर इंजीनियर डिग्री हासिल कर चुकी निशा सोलंकी प्रदेश की प्रथम महिला ड्रोन पायलट बन चुकी हैं। निशा ने एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की है। निशा अब एमएचयू के साथ जुड़कर किसानों के खेतों में जाकर ड्रोन उड़ाने का डेमोस्ट्रेशन दे रही हैं।

Written by  Vinod Kumar -- December 29th 2022 11:42 AM
हरियाणा की पहली ड्रोन पायलट बनीं निशा सोलंकी, किसानों को देंगी ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण

हरियाणा की पहली ड्रोन पायलट बनीं निशा सोलंकी, किसानों को देंगी ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण

करनाल/डिंपल चौधरी: हरियाणा की निशा सोलंकी अब किसानों को ड्रोन उड़ानें की ट्रेनिंग देंगी। निशा हरियाणा की पहली महिला ड्रोन पायलट हैं। किसानों को ट्रेनिंग देने में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविघालय करनाल उनका सहयोग करेगा।

डीसीए से सर्टिफाइड कोर्स कर एग्रीकल्चर इंजीनियर डिग्री हासिल कर चुकी निशा सोलंकी प्रदेश की प्रथम महिला ड्रोन पायलट बन चुकी हैं, गत दिनों में निशा सोलंकी ने डीसीए से इंस्ट्रक्टर का कोर्स भी पूरा कर लिया है। ड्रोन पायलट निशा सोलंकी ने कहा कि खेती किसानी में महिलाओं का पुरुषों के बराबर महत्व होता है, लेकिन उनके महत्व को कम करके आंका जाता है।


निशा ने एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की है, उनकी सोच थी कि लीक से हटकर काम किया जाए, जिसके बारे में किसी ने सोचा न हो। इसी सोच को अमलीजामा पहनाते हुए ड्रोन पायलट बनने की सोची ओर मेहनत ओर लग्न से उसका सपना पूरा हो गया। इसी की बदौलत निशा को प्रगृति मैदान दिल्ली के ड्रोन फेस्टिवल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिला।

निशा सोलंकी ने कहा कि उनका एग्रीकल्चर इंजीनियर करने के पीछे मुख्य मकसद किसानों को नई- नई तकनीकों से जोड़ना साथ ही तकनीक ऐसी हो, जिससे न केवल किसानों को वर्तमान में फायदा हो, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ पहुंचे। इसी सोच के साथ डिग्री हासिल की ओर उससे आगे बढ़कर ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

निशा अब एमएचयू के साथ जुड़कर किसानों के खेतों में जाकर ड्रोन उड़ाने का डेमोस्ट्रेशन दे रही हैं। किसान ड्रोन से स्प्रे करके न केवल भारी मात्रा में पानी की बचत कर सकते हैं, बल्कि मित्र कीटों को बचा सकते हैं। जहां एक एकड़ में परपंरागत तरीके से स्प्रे करने पर 200 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, यहीं काम ड्रोन से करने से मात्र 10 लीटर में होगा। 

- PTC NEWS

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