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सपा नेता की 7 मंजिला बिल्डिंग जमींदोज करने की कार्रवाई शुरू, बिक चुके हैं 80 प्रतिशत फ्लैट

By Vinod Kumar -- November 14th 2022 03:30 PM
सपा नेता की 7 मंजिला बिल्डिंग जमींदोज करने की कार्रवाई शुरू, बिक चुके हैं 80 प्रतिशत फ्लैट

लखनऊ/जयकृष्णा: हजरतगंज इलाके के प्रयाग नारायण रोड पर स्थित याजदान बिल्डिंग को ढहाने की कार्रवाई जारी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सपा नेता की याजदान बिल्डिंग को जमींदोज करने का आदेश जारी किया है। मुंबई से आई विशेष टीम बिल्डिंग को जमींदोज करने की कार्रवाई में जुटी है। सबसे पहले बिल्डिंग के सातवें फ्लोर पर हथौड़े से बिल्डिंग को जमींदोज करने की कार्रवाई की जा रही। बिल्डिंग को ढहाने की कार्रवाई का विरोध भी हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक याजदान बिल्डिंग सपा नेता फहज याजदान की है। पीएन रोड पर नजूल की जमीन पर इसका निर्माण साल 2015 में शुरू किया गया था। एलडीए अफसरों ने नजूल की भूमि पर बने अपार्टमेंट का निर्माण होने दिया। यहां तक कि अपार्टमेंट का नक्शा भी स्वीकृत कर दिया गया। शिकायत के बाद अपनी नौकरी बचाने के लिए वर्ष 2016 में एलडीए ने अपार्टमेंट को सील कर दिया। बाद में बिल्डर से 75 लाख रुपए समन नक्शा का भी जमा करा लिया गया। नक्शा स्वीकृत होने के कारण इस प्रोजेक्ट को यूपी रेरा में भी पंजीकृत कर लिया गया।

याजदान बिल्डिंग के 4 फ्लैटों में खरीदार रह रहे थे। पुलिस ने उनको भी बाहर निकाल दिया। यहां रहने वाले लोगों का कहना है, कि हमने तो रेरा में प्रोजेक्ट पंजीकृत होने पर ही अपने जीवन भर की कमाई यहां लगा दी। कुछ लोगों ने कर्जा भी लिया। इसमें एलडीए के अधिकारी भी दोषी हैं।

पिछले 2 साल से यह अवैध निर्माण चल रहा था। दो बार बिल्डिंग को प्राधिकरण ने सील भी किया था। फिर भी निर्माण कार्य चलता रहा। बिल्डर ने देखते ही देखते 7 मंजिला इमारत तैयार कर ली। इसमें करीब 40 फ्लैट तैयार किए गए हैं। बताया जा रहा है, कि इसके 80% फ्लैट बिक चुके हैं। बिल्डिंग को ढहाने की कार्रवाई से फ्लैट के खरीददार परेशान हैं।

एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया, कि एलडीए से याजदान बिल्डर्स को बिल्डिंग बनाने की स्वीकृति नहीं मिली थी। बिल्डिंग का निर्माण एलडीए के संज्ञान में नहीं था। बायर्स के साथ हमारी सहानुभूति है। बायर्स के लिए कोर्ट का रास्ता खुला है। ध्वस्तीकरण के लिए मुंबई से एक्सपर्ट बुलाए गए हैं। जांच के बाद दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। लगभग एक महीने में बिल्डिंग को जमींदोज करने का काम पूरा होगा।

- PTC NEWS

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