शिक्षा

रेशनलाइजेशन-नॉर्मलाइजेशन के विरोध में हसला ने बजाया बिगुल, सीएम आवास के घेराव के लिए निकले शिक्षकों को पुलिस ने रोका

By Vinod Kumar -- August 22, 2022 6:23 pm -- Updated:August 22, 2022 6:23 pm

पंचकूला/उमंग: हरियाणा सेकेंडरी शिक्षा विभाग द्वारा ट्रांसफर ड्राइव के दौरान किए गए रेशनलाइजेशन और नॉर्मलाइजेशन के विरोध में हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) के हजारों शिक्षकों ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव को कूच किया।

हसला की मुहिम का राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ और पंजाबी अध्यापक संघ ने भी समर्थन किया है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों को पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर रोका गया। जहां से 24 शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के OSD से मुलाकात के लिए पंचकूला से चंडीगढ़ रवाना हुआ।

हसला प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सिंधु का कहना है कि शिक्षा विभाग की तबादला नीति मुख्यमंत्री मनोहर लाल की एक महत्वकांक्षी योजना है और जिस सपने के साथ सीएम ने इस योजना को शुरू किया था। यह वैसे ही आगे बढ़ जाती तो शायद इसके परिणाम कुछ और ही होते, लेकिन सीएम की इस योजना को शिक्षा विभाग के ही अधिकारी मनमाफिक बदलाव करके पलीता लगाने में जुटे हुए हैं।

सतपाल सिंह सिंधु ने कहा कि विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते शिक्षकों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे पहले हसला सहित तमाम शिक्षक संगठन इन विसंगतियों को दूर करने के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात साबित हुआ है।

अधिकारी शिक्षकों की समस्यों का निवारण करने की बजाए पदों को ही खत्म करने में लगे हुए हैं, जिसके विरोध में शिक्षकों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। हसला ने मांग की है कि 300 पदों से कम संख्या वाले विषयों के लिए जोन की बाध्यता हटाई जाए। क्लस्टर लेवल पर तीनों स्ट्रीम दिए जाएं। साइंस स्ट्रीम के तीनों विषयों फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी में टोटल पार्टिसिपेट से 5 प्रतिशत ज्यादा पद उपलब्ध करवाए जाएं।

हसला ने कहा कि हाई स्कूल में हिंदी, इंग्लिश के प्राध्यापक पदों को खत्म कर दिया गया है। सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जहां केवल आर्ट स्ट्रीम है वहां पीजीटी साइंस व पीजीटी गणित के पदों को अनावश्यक तौर पर सरप्लस कर दिया है। कार्यभार होते हुए पांच साल से पहले अनेक पद कैप्ट कर दिए गए हैं। फिजिकल एजुकेशन, फाइन आर्ट सहित अनेक विषयों का नार्मलाइजेशन ठीक से नहीं किया गया है। वाणिज्य संकाय वाले ज्यादातर स्कूल से अर्थशास्त्र विषय को कैप्ट कर दिया गया है और गैर कानूनी रूप से वोकेशनल लेक्चरर को पीजीटी पद के विरुद्ध ड्राइव में शामिल किया जा रहा है।

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