अब गांवों में बनेंगे कोविड आइसोलेशन सेंटर, हर पंचायत को 30 से 50 हजार की सहायता देगी सरकार

अब गांवों में बनेंगे कोविड आइसोलेशन सेंटर, हर पंचायत को 30 से 50 हजार की सहायता देगी सरकार

चंडीगढ़। ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को नियंत्रण करने के लिए हरियाणा सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार जल्द प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों के लिए आबादी अनुसार 50 हजार रुपये तक का फंड जारी करेगी। इस फंड के माध्यम से गांवों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए जाएंगे तथा उनमें ऑक्सीमीटर, स्टीम मशीन, थर्मामीटर, ब्लड प्रेशर चेकिंग मशीन व कोरोना से संबंधित आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की जाएगी ताकि कोरोना महामारी की दूसरी लहर से गांव स्तर पर ही मजबूती के साथ लड़ा जा सके।
corona
यह जानकारी सोमवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दी। वे सोमवार को जेजेपी राष्ट्रीय-प्रदेश कार्यकारिणी, सभी प्रकोष्ठों के प्रदेशाध्यक्षों, पार्टी विधायकों व जिला अध्यक्षों के साथ हुई वर्चुअल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री आवास पर उन्होंने इस संबंध में पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें- टिकरी बॉर्डर पर बंगाल की युवती से रेप मामले में गृह मंत्री अनिल विज ने दिया ये बयान

यह भी पढ़ें- वैक्सीन के ऑर्डर को लेकर बीजेपी और आप में सियासत

Andhra Pradesh: 11 covid Patients Died In Ruia Govt Hospital Tirupati due to oxygen supplyडिप्टी सीएम ने कहा कि गांवों में बढ़ रहे कोरोना के मामले चिंता का विषय है। इसको लेकर राज्य सरकार द्वारा जहां ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने के लिए आठ हजार टीमों का गठन किया जा रहा है तो वहीं इसके अलावा सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में कोरोना संक्रमण को काबू करने के लिए गांवों में ही कोरोना उपचार की व्यवस्था स्थापित करना बेहद जरूरी है इसलिए राज्य सरकार पंचायतों को तुरंत फंड मुहैया करवाएगी।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार सभी गांवों में उनकी आबादी अनुसार 10 हजार की जनसंख्या से कम वाले गांवों को 30 हजार और दस हजार से ज्यादा की आबादी वाले गांवों को 50 हजार रूपये का फंड देगी। उन्होंने कहा कि गांवों में चौपाल, सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों में कोरोना आइसोलेशन सैंटर बनाए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इनके संचालन के लिए एक टीम का गठन किया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मचारी (एएनएम), आंगनबाड़ी वर्कर्स व ग्राम पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे और इन टीमों को सीएचसी व पीएचसी के इंचार्ज मॉनिटर करेंगे।