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अंतरिक्ष का 'बादशाह' बनेगा भारत, अगले साल जून में लॉन्च होगा चंद्रयान-3

By Vinod Kumar -- October 23rd 2022 10:37 AM

ISRO ने एक बार फिर इतिहास रचा है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत ने बड़ी उड़ान भरकर दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। इसरो के रॉकेट LVM3 एक निजी संचार फर्म वनवेब के 36 सैटेलाइट्स को श्रीहरिकोटा लॉन्च किया गया। अगले साल की पहली छमाही में LVM-3 द्वारा 36 वनवेब उपग्रहों का एक और सेट लॉन्च किया जाएगा।

इसरो (ISRO) के अध्यक्ष वैज्ञानिक एस सोमनाथ ने कहा कि इसरो का रॉकेट LVM3 एक निजी संचार फर्म वनवेब के 36 उपग्रहों को ले गया है। दरअसल वनवेब के साथ इसरो की डील हुई है। वह ऐसी दो लॉन्चिंग करेगा। अभी इसरो इस डील से संबंधित एक और लॉन्चिंग करेगा।

डॉ एस सोमनाथ ने कहा कि अगले साल जून में चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च किया जाएगा। चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) लगभग तैयार है। इसके कुछ परीक्षण बाकी हैं। चंद्रयान-3 मिशन चंद्रयान-2 ऑर्बिटर (Chandrayaan-2 Orbiter) पर निर्भर करेगा। यह पहले से ही चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा कर रहा है। चंद्रयान-3 रोवर मिशन चंद्रयान-2 के वक्त भेजे गए रोवर जैसा नहीं है। इसकी इंजीनियरिंग काफी अलग है। हमने इसे और अधिक मजबूत बनाया है, ताकि पिछली बार की तरह समस्या नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि नए रोवर में कई बदलाव किए गए हैं। इम्पैक्ट लेग को मजबूत बनाया गया है। इसके उपकरण भी पहले से अच्छे हैं। रोवर को विकसित किया जा रहा है ताकि यात्रा की जाने वाली ऊंचाई की गणना करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जा सके। लैंडिंग के लिए खतरे से मुक्त स्थानों की पहचान की जा सके इसके लिए बेहतर सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एबॉर्ट मिशन और मानवरहित परीक्षण उड़ान की सफलता के बाद इसरो की योजना 2024 के अंत तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को कक्षा में भेजने की है। सितंबर 2019 में चंद्रयान-2 मिशन के दौरान लैंडर ‘विक्रम’ के चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वहां यान उतारने का भारत का पहला प्रयास विफल हो गया था।

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