हरियाणा

गुरुग्राम में जल्द तैयार होगा लेंड बैंक, सरकारी जमीन का तैयार किया जाएगा डेटा

By Vinod Kumar -- July 04, 2022 4:59 pm

गुरुग्राम/नीरज वशिष्ठ: साइबर सिटी में विकास परियोजनाओं के लिए सरल व सुगम तरीके से सरकारी जमीन उपलब्ध करवाने के लिए लैंड बैंक जल्द ही शुरू होने जा रहा है। हरियाणा सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे भूमि बैंक की प्रक्रिया में तेजी लाने के डीसी निशांत कुमार यादव ने निर्देश दिए हैं।

राजस्व विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी गांवों, नगर पालिकाओं व परिषदों क्षेत्रों, जिले के दोनों नगर निगमों सहित विभिन्न विभागों की जमीन का डेटा एकत्रित करने को कहा गया है। उपायुक्त गुरुग्राम निशांत यादव ने कहा कि हरियाणा में आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की स्थापना के लिए राज्य सरकार लैंड बैंक नीति पर काम कर रही है। प्रदेश सरकार की लैंड बैंक नीति से जमीन बेचने वालों को उनकी जमीन का सही रेट मिलेगा और सरकार को विकास कार्यो के लिए आसानी से जमीन भी उपलब्ध हो पाएगी।

अकसर देखने मे आता है कि भूमि मालिकों, विशेष रूप से विदेशों में रहने वाले लोगों को बाजार में मंदी या महामारी, बिचौलियों के दबाव या विभिन्न कारणों से अपनी भूमि की बिक्री मजबूरन करनी पड़ती है। ऐसे में लैंड बैंक विभिन्न विभागों, भूमि मालिकों, किसानों और राज्य सरकार के लिए फायदे की स्थिति की पेशकश करेगा, जहां किसान प्रतिस्पर्धी मूल्य पर भूमि बेचने में सक्षम होगा।

वहीं, कई बार संबंधित जिले में सरकार के पास जमीन होने के बावजूद किसानों से महंगे भाव पर जमीन खरीदनी पड़ती है। ऐसे में जिले के सभी विभागों की उपलब्ध जमीन का डेटा इक्कठा कर लैंड बैंक में समायोजित किया जाएगा। इतना ही नहीं लैंड बैंक से आवश्यक सेवाओं, जिसमें जलघर, बिजली सब-स्टेशन, कॉलेज, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल एवं पॉलिटेक्निक आदि सहित अन्य विकास परियोजना की स्थापना के लिए जमीन मिल सकेगी।

साइबर सिटी में लैंड बैंक का डेटा बनाने के लिए गुरुग्राम की एसडीएम अंकिता चौधरी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जो यह सुनिश्चित करेंगी कि जिले में अगले 15 दिनों के भीतर ग्राम पंचायतों की ऐसी भूमि जो हर प्रकार के मुकदमों से मुक्त हो, नगर पालिका व परिषद की वो जमीन जो पट्टे पर देने के लिए खाली हो, नजूल भूमि यानी जिसका मालिकाना हक किसी के पास ना हो, उसकी रिपोर्ट तैयार हो जाए।

इसके साथ-साथ सरप्लस भूमि व किसी विभाग की वह भूमि जो किसी परियोजना को लेकर अधिग्रहित की गई थी, लेकिन प्रोजेक्ट ड्राप होने के कारण अभी तक खाली पड़ी है या सुप्रीम कोर्ट द्वारा शामलात जमीन को लेकर हरियाणा सरकार के पक्ष में फैसला दिए जाने के बाद सभी ग्राम पंचायतों सहित नगर परिषद व पालिकाओं की शामलात भूमि की भी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाई जाएगी, ताकि उस भूमि का म्यूटेशन पुनः पंचायत अथवा नगर पालिका व परिषद के नाम करने की प्रकिया को शुरू किया जा सके।

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