कुंभ में शामिल हुए संत महामंडलेश्वर कपिल की कोरोना से मौत

Mahamandaleshwar Kapil Death
कुंभ में शामिल हुए संत महामंडलेश्वर कपिल की कोरोना से मौत

देहरादून। कुंभ में शामिल हुए संत महामंडलेश्वर कपिल की कोरोना से मौत हो गई। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उनका इलाज देहरादून में चल रहा था। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक महामंडलेश्वर कपिल निर्वाणी अखाड़ा के थे। ये संत चित्रकूट से हरिद्वार कुंभ में शामिल हुए थे। कैलाश अस्पताल के डायरेक्टर पवन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि इस साल कुंभ मेला हरिद्वार में आयोजित किया गया है। ऐसा माना जाता है कि जब समुद्र मंथन के बाद अमृत को लेकर देव और दानव लड़ रहे थे तब अमृत की बूंदे छलक कर चार स्थानों पर गिरी। प्रयागराज, नासिक, उज्जैन और मायापुरी जिसे अब हरिद्वार के नाम से जाना जाता है।

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कुंभ में शामिल हुए संत महामंडलेश्वर कपिल की कोरोना से मौत

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Mahamandaleshwar Kapil Death
कुंभ में शामिल हुए संत महामंडलेश्वर कपिल की कोरोना से मौत

इन्हीं स्थानों पर हर 12वें साल कुंभ आयोजित होता है, लेकिन इस बार हरिद्वार में कुंभ 12 वर्ष बाद नहीं बल्कि 11 वर्ष बाद लगा है। कुंभ का आयोजन ज्योतिष गणना के आधार पर किया जाता है। लेकिन वर्ष 2022 में बृहस्पति ग्रह कुंभ राशि में नहीं होंगे इसलिए इसी वर्ष 11वें साल में कुंभ का आयोजन किया जा रहा है।

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कुंभ में शामिल हुए संत महामंडलेश्वर कपिल की कोरोना से मौत

महामारी के मद्देनजर सरकार और प्रशासन ने कई तरह की व्यवस्थाओं का इंतजाम किया है। श्रद्धालुओं को कुंभ में शामिल होने के लिए कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट देनी होगी, अन्यथा अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर श्रद्धालु ट्रेन से हरिद्वार पहुंच रहे है तो उन्हें रेलवे स्टेशन पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और जो लोग बस से पहुंच रहे हैं उन्हें बस स्टैंड पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

जिसके पास कोरोना रिपोर्ट नहीं होगी उनका रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर ही एंटीजन टेस्ट किया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट अगले 15 मिनट में दे दी जाएगी। नेगेटिव आने पर मेले में जाने की अनुमति होगी और पॉजिटिव आने पर क्वारेनटाइन सेंटर भेज दिया जाएगा। ये क्वारेनटाइन सेंटर सरकार द्वारा बनाए गए हैं।