अपराध/हादसा

बैंक मैनेजर ने करोड़ों के घोटाले को दिया अंजाम, विजिलेंस ब्यूरों ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

By Vinod Kumar -- July 29, 2022 3:48 pm -- Updated:July 29, 2022 6:40 pm

चंडीगढ़: आज केंद्रीय सहकारी बैंक रूपनगर में 1 करोड़ 24 लाख 46 हजार 547 रुपए की वित्तीय धोखाधड़ी करने के आरोप में सहायक मैनेजर बिकरमजीत सिंह और सीनियर मैनेजर अशोक सिंह मान को गिरफ़्तार किया गया है।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि ब्यूरो ने शिकायत की पड़ताल के दौरान पाया कि आरोपी बिकरमजीत सिंह ने साल 2011 से 2016 तक बैंक में अपनी तैनाती के दौरान बैंक मैनेजरों और बैंक के अन्य कर्मचारियों के अकाउंट आईडी, पासवर्ड और अन्य विवरणों का दुरुपयोग करके बड़ी रकम का घपला किया था।

 

उन्होंने बताया कि आरोपी मैनेजर को अलग-अलग बैंकों से इनवारड चैक की क्लीयरेंस/ ड्राफ्ट रकम ट्रांसफर करने और स्टेट कॉ-आपरेटिव बैंक के चालू खातों के मिलान के लिए तैनात किया गया था। आरोपी ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी वाले पैसे अपने पारिवारिक सदस्यों और रिशतेदारों के खातों में ट्रांसफर किये थे। आरोपी ने 1 करोड़ 24 लाख 46 हजार 547 रुपए का घपला किया गया।

 

Punjab's drug inspector Bableen Kaur held on corruption charge

विजिलेंस ब्यूरों ने बताया कि दो साल पहले सहकारी बैंक की तरफ से गई आंतरिक जांच में भी बिकरमजीत सिंह को दोषी ठहराया गया था। बिकरमजीत सिंह ने साल 2011 से 2016 तक सीनियर मैनेजर अशोक सिंह मान के अलावा पैसे ट्रांसफर करने के लिए अन्य कर्मचारियों की आईडी के पासवर्ड का प्रयोग किया।

 

जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि बिकरमजीत ने ज़्यादातर अशोक सिंह मान की आईडी और पासवर्ड का प्रयोग किया, लेकिन अशोक सिंह मान ने कभी भी बैंक और उच्च अधिकारियों को इस सम्बन्धी कोई शिकायत नहीं की। इस लिए वित्तीय धोखाधड़ी में मिलीभगत के आरोप के अंतर्गत दोनों पर कार्रवाई की गई है।

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