रेलवे ने अफवाहों पर लगाया विराम, रेल सेवा बंद करने या कटौती करने का कोई प्रस्ताव नहीं

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रेलवे ने अफवाहों पर लगाया विराम, रेल सेवा बंद करने या कटौती करने का कोई प्रस्ताव नहीं

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों ने शहरों और कस्बों में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नाईट कर्फ्यू और लॉकडाउन लगाया है। इस बीच रेल सेवा बंद होने की भी अफवाह उड़ने लगी, जिसे रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनील शर्मा से खारिज कर दिया है। नई दिल्‍ली में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि देश में रेल सेवा को बंद करने अथवा इसमें कटौती करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, न ही रेलवे का ऐसा कुछ इरादा है। मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों के लिए रेलगाड़ियों में पर्याप्‍त संख्‍या में सीट उपलब्ध हैं।

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उन्होंने कहा कि यात्रियों के लिए रेलगाड़ियों की कोई कमी नहीं है और आवश्यकता के अनुसार रेल सेवा का विस्तार किया जाएगा। महाराष्ट्र में रेल संचालन पर सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से राज्य में रेल सेवा को समाप्त करने अथवा इसमें किसी तरह की कटौती का कोई भी प्रस्ताव नहीं आया है।

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सुनील शर्मा ने कहा कि भारतीय रेलवे मांग के अनुसार ट्रेनों की सेवाएं प्रदान करना जारी रखेगा। वर्तमान में, भारतीय रेलवे प्रतिदिन औसतन कुल 1402 स्पेशल ट्रेन चला रहा है। कुल 5381 उपनगरीय ट्रेन सेवाएं और 830 पैसेंजर ट्रेन सेवाएं भी चालू हैं। इसके अलावा, 28 विशेष ट्रेनों को उच्च सुरक्षा के साथ अत्यधिक संरक्षित ट्रेनों के क्लोन के रूप में संचालित किया जा रहा है।

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इसके अलावा, मध्य रेलवे ने अप्रैल-मई 2021 के दौरान यात्रियों की संख्या को देखते हुए 58 रेलगाड़ियों (29 जोड़ी) और पश्चिम रेलवे ने 60 रेलगाड़ियों (30 जोड़े) के साथ अतिरिक्त ट्रेनें शुरू की जा चुकी हैं। ये ट्रेनें गोरखपुर, पटना, दरभंगा, वाराणसी, गुवाहाटी, बरौनी, प्रयागराज, बोकारो, रांची और लखनऊ आदि जैसे स्थानों पर चल रही हैं, क्योंकि ये बहुत अधिक व्यस्त रूट हैं।

आपको बता दें कि माल ढुलाई में, भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2020-21 में 1232.64 मिलियन टन (MT) की अब तक की सबसे अधिक ढुलाई की। भारतीय रेलवे का फ्रेट रेवेन्यू 2019-20 के दौरान 1,13,897 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2020-21 में बढ़कर 1,17,386 करोड़ रुपये (लगभग) रहा।
इसके अला वा भारतीय रेलवे ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, पिछले वर्ष 24 किमी प्रति घंटे से फ्रेट ट्रेनों की गति को इस वर्ष दोगुना कर 44 किमी प्रति घंटे कर दिया है। वहीं अगस्त 2020 से 450 किसान रेल सेवाएं चलाई गई हैं, 1.45 लाख टन से अधिक कृषि उपज और सब्जियों का रिवहन किया गया।