हरियाणा

मंहगाई दर में हरियाणा टॉप के राज्यों में शामिल, शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में दिखा ज्यादा असर

By Vinod Kumar -- February 15, 2022 1:30 pm -- Updated:February 15, 2022 3:34 pm

retail inflation: इन दिनों देश की जनता महंगाई की मार झेल रही है। खाद्य पदार्थों समेत अन्य वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। महंगाई दर में हरियाणा देश भर में पहले स्थान पर है। NSO की ओर से जारी आंकड़ो से इसका खुलासा हुआ। हरियाणा जनवरी महीने में मंहगाई दर 7.23 फीसदी रही है। इसके बाद बंगाल ऐसा राज्य है जहां मंहगाई दर 7 के ऊपर दर्ज की गई है।

हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में मंहगाई दर 8.23 और शहरी क्षेत्रों में 6.03 रही। सबसे कम महंगाई दर 4.09 दर्ज की गई है। पूरे देश में मंहगाई दर 6.01 रही। खुदरा महंगाई दर का यह स्तर रिजर्व बैंक के संतोषजनक दायरे से अधिक है। सरकारी की ओर से जारी डेटा के मुताबिक, पिछले महीने खाद्य उत्पादों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की वजह से खुदरा मंहगाई दर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। जनवरी में यह 6.01 फीसदी तक पहुंच गई, जबकि दिसंबर में यह दर 5.66 पर थी। यह आरबीआई की ओर से सालाना आधार पर तय किए गए मुद्रास्फीति लक्ष्य से भी ज्यादा है।

Wholesale inflation eases to 12.96 percent in January

इस बीच, दिसंबर 2021 की मुद्रास्फीति के आंकड़े को 5.59 प्रतिशत से संशोधित कर 5.66 प्रतिशत कर दिया गया है। जनवरी 2021 में यह 4.06 प्रतिशत थी। इससे पहले, जून 2021 में मुद्रास्फीति 6.26 प्रतिशत के उच्च स्तर पर रही थी। राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) के सोमवार को जारी मुद्रास्फीति आंकड़ों के अनुसार खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर जनवरी 2022 में 5.43 प्रतिशत रही जो इससे पिछले महीने 4.05 प्रतिशत थी।

सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़े के अनुसार तेल और वसा खंड में खुदरा मुद्रास्फीति 18.7 प्रतिशत रही। ईंधन एवं प्रकाश, कपड़ा और जूता-चप्पल (फुटवियर) तथा परिवहन एवं संचार क्षेत्रों समेत अन्य खंडों में महंगाई दर सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़ी। अनाज और उसके उत्पादों की महंगाई दर बढ़कर जनवरी में 3.39 प्रतिशत रही जो दिसंबर 2021 में 2.62 प्रतिशत थी।

Wholesale inflation eases to 12.96 percent in January

इसके अलावा मांस और मछली श्रेणी में मुद्रास्फीति बढ़कर 5.47 प्रतिशत रही जो पिछले महीने 4.58 प्रतिशत थी। सब्जियों के मामले में महंगाई दर बढ़कर 5.19 प्रतिशत हो गयी जबकि दिसंबर में इसमें 2.99 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।

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महंगाई दर का बढ़ना चिंताजनक कहा जा सकता है, क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति दर भारतीय रिजर्व बैंक की लक्ष्य सीमा को पार कर गई है। रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति पर विचार करते समय मुख्य रूप से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पर गौर करता है। सरकार ने केंद्रीय बैंक को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ खुदरा महंगाई दर चार प्रतिशत पर बनाये रखने की जिम्मेदारी दी हुई है।

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