<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>PTC NEWS Hindi-news-with-difference</title><link>https://www.ptcnews.tv</link><lastBuildDate><![CDATA[Fri, 17 Apr 2026 13:51:28 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>PTC NEWS Hindi-news-with-difference</title><url>https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2022/07/ptcnews-logo.jpg</url><link>https://www.ptcnews.tv</link></image><description>PTC News provide the latest Punjab news and top stories from across Punjab Find Punjab news headlines, photos, videos, photo gallery and political issues.</description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/reliance-family-reliance-foundation-vantara-reliance-retail-and-jio-jointly-launched-a-multi-pronged-campaign-to-support-the-flood-victims-of-punjab-4414912 ]]></guid><title><![CDATA[ पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए आगे आया रिलायंस परिवार, रिलायंस फाउंडेशन, वनतारा, रिलायंस रिटेल और जिओ ने मिलकर चलाया बहुआयामी अभियान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/reliance-family-reliance-foundation-vantara-reliance-retail-and-jio-jointly-launched-a-multi-pronged-campaign-to-support-the-flood-victims-of-punjab-4414912 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 23 Sep 2025 16:07:46 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ चंडीगढ़: रिलायंस कंपनी ने बाढ़ प्रभावित पंजाब में देखभाल और सहायता की दस-सूत्रीय योजना के साथ बहुआयामी अभियान की शुरुआत की है.&nbsp;गौरतलब है कि रिलायंस फाउंडेशन, वनतारा, रिलायंस रिटेल और जिओ सहित पूर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <div>चंडीगढ़: रिलायंस कंपनी ने बाढ़ प्रभावित पंजाब में देखभाल और सहायता की दस-सूत्रीय योजना के साथ बहुआयामी अभियान की शुरुआत की है.&nbsp;</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि रिलायंस फाउंडेशन, वनतारा, रिलायंस रिटेल और जिओ सहित पूरा रिलायंस परिवार ज़मीनी स्तर पर तत्काल मदद पहुंचाने में जुटा हुआ है&nbsp;</div><div><br></div><div>कंपनी की टीमें राज्य प्रशासन, पंचायतो&nbsp;ंऔर&nbsp;स्थानीय हितधारकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हुए, अमृतसर और सुल्तानपुर लोधी के सर्वाधिक प्रभावित गांवों में तत्काल राहत पहुंचाने में लगी हुई हैं...</div><div><br></div><div><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2025/09/90a7056de2caf25e7d818497aa01baad_856X647.webp" style="width: 756.198px;"><br></div><div><br></div><div>इस अवसर पर अनंत अंबानी ने कहा कि इस कठिन समय में पंजाब के साथ चलने के लिए रिलायंस फाउंडेशन प्रतिबद्ध है. परिवारों ने अपने घर, आजीविका और सुरक्षा की भावना खो दी है. पूरा रिलायंस परिवार उनके साथ खड़ा है- भोजन, पानी, आश्रय किट और इंसानों के साथ ही पशुओं की भी पूरी देखभाल कर रहा है और इसके लिए रिलायंस फाउंडेशन ने दस सूत्रीय योजना के साथ ये बहुआयामी अभियान की शुरुआत की है.&nbsp;</div><div><br></div><div>दस सूत्रीय अभियान में ये मदद शामिल हैं:&nbsp;</div><div><br></div><div><b>पोषण सहायता-</b></div><div><b><br></b>10 हज़ार सर्वाधिक प्रभावित परिवारों के लिए ज़रूरी खाद्य आपूर्ति के साथ सूखा राशन किट उपलब्ध करवाए जा रहे हैं.&nbsp;</div><div><br></div><div>एक हज़ार सर्वाधिक कमजोर परिवारों (खासतौर पर महिलाएं और बुज़ुर्ग जिन परिवारों में मुखिया हैं) के लिए पांच हज़ार रुपए की वाउचर आधारित सहायता मुहैया करवाई जा रही है.&nbsp;</div><div><br></div><div>सुरक्षित पेयजन&nbsp;सुनिश्चित करने के लिए जलभराव वाले इलाकों में पोर्टेबल वाटर फिल्टर की स्थापना करवाई जा रही है.&nbsp;</div><div><br></div><div><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2025/09/04b1945becccf03411b62f697d8c741d_863X633.webp" style="width: 756.198px;"><br></div><div><br></div><div><b>आश्रय सहायता-</b> </div><div><br></div><div>विस्थापित परिवारों की सुरक्षा के लिए तिरपाल, चादरे, मच्छरदानी, रस्सियां और बिस्तर सहित आपातकालीन आश्रय किट.&nbsp;</div><div><br></div><div>सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम प्रबंधन (पीएचआरएम)</div><div><br></div><div>बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए स्वास्थ्य जागरुकता&nbsp;सत्र और जल स्रोतों का कीटाणुशोधन.&nbsp;</div><div><br></div><div>हर परिवार के लिए स्वच्छता संबंधी ज़रूरी वस्तुओं सहित स्वच्छता किट का वितरण&nbsp;</div><div><br></div><div><b>पशुधन सहायता- </b></div><div><b><br></b></div><div><b><br></b>पशु चिकित्सा सर्वेक्षणों से पता चला है कि जलभराव के कारण पशुधन गंभीर संकट में है , तत्काल देखबाल को प्राथमिकता दी जा रही है.&nbsp;</div><div><br></div><div>रिलायंस फाउंडेशन और वनतारा, पशुपालन विभाग के लिए मिलकर दवाइयां, टीके और पशुधन शिविरों की स्थापना कर रहे हैं. लगभग 5 हज़ार मवेशियों के लिए 3 हज़ार साइलेज बंडल वितरित किए जा रहे हैं.&nbsp;</div><div><br></div><div><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2025/09/5138019e050ae02dcdd86014acd339d8_492X635.webp" style="width: 491.979px;"><br></div><div><br></div><div>वनतारा की ओर से 50 से अधिक सदस्यों वाली विशेषज्ञ टीम, आधुनिक बचाव के उपकरणों ओर सालों के अनुभव के साथ बनाए गए पशुओं के उपचार, मृत पशुओं के सम्मानजनक वैज्ञानिक दाह संस्कार सुनिश्चित करने और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करके संभावित बीमारियों के प्रकोप को रोकने के प्रयासों में सहयोग कर रही है.&nbsp;</div><div><br></div><div>रिलायंस की टीमें ज़िला&nbsp;प्रशासन, पशुपालन विभाग और स्थानीय पंचायतों के साथ मिलकर तत्काल जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने और मध्यम अवधि के पुनर्वास कार्यों की योजना बनाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं. जिओ पंजाब की टीम ने एनडीआरएफ टीमों के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में नेटवर्क बहाल करने की पूरी कोशिश में जुटी रही जिसका नतीजा ये हुआ कि अब पूरे राज्य में कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो चुकी है.&nbsp;</div><div><br></div><div>रिलायंस रिटेल टीम, रिलायंस फाउंडेशन और स्वयं सेवकों के साथ मिलकर, पंचायतों के माध्यम से पहचाने गए सबसे अधिक प्रभावित समुदायों के पोषण और स्वच्छता के लिए 21 ज़रूरी वस्तुओं की सूखा राशन किट और स्वच्छता किट भेज रही है.&nbsp;</div><div><br></div><div>संकट की इस घड़ी में रिलायंस फाउंडेशन, पंजाब के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है ताकि सब साथ मिलकर राज्य को इस आपदा से पूरी तरह से उबार सके और पंजाब एक बार फिर से मजबूत होकर खड़ा हो सके.&nbsp;</div><div><br></div><div>रिलायंस इंडस्ट्रीज़&nbsp;लिमिटेड की परोपकारी शाखा, रिलायंस फाउंडेशन का लक्ष्य नवीन और टिकाऊ समाधानों के ज़रिए भारत के विकास के लिए आ रही चुनौतियों&nbsp; का समाधान करने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाना है. संस्थापक और अध्यक्ष श्रीमती नाता अम्बानी के नेतृत्व में रिलायंस फाउंडेशन, ग्रामीण परिवर्तन, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास के लिए खेल, आपदा प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण, शहरी नवीनीकरण और कला-संस्कृति एवं विरासत पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी के समग्र कल्याण और बेहतर जीवन स्तर के लिए अथक प्रयास कर रहा है. इसने&nbsp;भारत भर में 91,500 से अधिक गांवों और शहरी क्षेत्रों में 87 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है.&nbsp;</div><div><br></div><div>अधिक जानकारी के लिए www.reliancefoundation.org पर विजिट किया जा सकता है.&nbsp;</div> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2025/09/9ccf4544a3d0e28563f92ea66eed162e_1280X720.webp' length='175027' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए आगे आया रिलायंस परिवार, रिलायंस फाउंडेशन, वनतारा, रिलायंस रिटेल और जिओ ने मिलकर चलाया बहुआयामी अभियान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/a-young-man-was-taking-a-selfie-in-rohtak-zoo-when-a-lioness-came-out-of-the-cage-4401542 ]]></guid><title><![CDATA[ रोहतक चिड़ियाघर में सेल्फी ले रहा था युवक, तभी पिंजरे से निकल आई शेरनी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/a-young-man-was-taking-a-selfie-in-rohtak-zoo-when-a-lioness-came-out-of-the-cage-4401542 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 12 Nov 2024 19:30:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रोहतक के तिलयार झील पर स्थित चिड़ियाघर में एक बड़ा हादसा टल गया। यहां शेरनी के पिंजरे के बाहर सेल्फी देते वक्त शेरनी पिंजरे से बाहर आ गई, गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और युवक ने भागकर अपनी जान  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p style="text-align: justify; "><span style="font-size: 1rem;">रोहतक के तिलयार झील पर स्थित चिड़ियाघर में एक बड़ा हादसा टल गया। यहां शेरनी के पिंजरे के बाहर सेल्फी देते वक्त शेरनी पिंजरे से बाहर आ गई, गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और युवक ने भागकर अपनी जान बचाई है।</span></p><p style="text-align: justify; "><span style="font-size: 1rem;"> घटना उस समय हुई जब चिड़िया घर देखने गया कुछ युवक शेरनी के पिंजरे के बाहर सेल्फी और वीडियो बना रहा थे। एक दीपक नाम का युवक बिल्कुल शेरनी के पिंजरे के दरवाजे के बाहर बैठा हुआ था और शेरनी उसके पीछे वीडियो में दिखाई भी दे रही है। इस दौरान शेरनी दरवाजे पर पंजा और टक्कर मारती हुई दिखाई दे रही है, इसके बाद अचानक युवक तेज गति से बाहर की तरफ भागता हुआ जा रहा है और युवक ने बताया कि दरवाजा इतना कमजोर था की शेरनी के धक्के से वह खुल गया और शेरनी पिंजरे से बाहर आ गई।</span><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2024/11/6f38b485954d73bec990214ce81002e5_1280X720.webp" style="width: 655px;"></p><p style="text-align: justify; "><span style="font-size: 1rem;">इस दौरान युवक ने बताया कि जैसे-तैसे उसकी जान बच पाई है। वहीं, इस घटना की सूचना मिलने पर चिड़ियाघर में मौजूद कर्मचारियों ने आनन-फानन में सभी लोगों को चिड़ियाघर से बाहर निकाला और शेरनी को वापिस पिंजरे में पहुंचाया। इधर, युवक ने बताया कि पिंजरे का दरवाजा इतना कमजोर था कि कोई छोटा बच्चा भी उसे तोड़ सकता है। युवक ने चिड़ियाघर की प्रबंधन टीम पर लापरवाही का आरोप लगाया हैऔर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा कि चिड़ियाघर में मौजूद कर्मचारी ही इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार है।&nbsp;</span><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2024/11/31b6a037757a07a0f0d5e246245276ba_1280X720.webp" style="width: 655px;"></p><div style="text-align: justify; "><span style="font-size: 1rem;">वहीं, युवक ने चिड़ियाघर में आने वाले लोगों को खुद अपनी सुरक्षा का ध्यान देने की बात कही है। इधर, इस घटना को लेकर चिड़ियाघर में कोई भी अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।</span></div> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2024/11/e039a3aa46df8046ad493ed2a8557169_1280X720.webp' length='111751' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ रोहतक चिड़ियाघर में सेल्फी ले रहा था युवक, तभी पिंजरे से निकल आई शेरनी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/international-news-dog-became-human-by-spending-rs-12-lakh-video-viral-728819 ]]></guid><title><![CDATA[ 12 लाख रुपये खर्च कर इंसान बना 'कुत्ता', पहली बार सार्वजनिक स्थान पर टहलते हुए आया नज़र, Video Viral ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/international-news-dog-became-human-by-spending-rs-12-lakh-video-viral-728819 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 01 Aug 2023 13:06:41 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो : लगभग 14,000 डॉलर यानि 12 लाख रुपये खर्च करने के बाद, एक जापानी व्यक्ति का आखिरकार कुछ और बनने का अपना सपना पूरा हो गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जापान के एक शख्‍स ने कुत्‍ता बनने के लिए 12 ल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>ब्यूरो :</b> लगभग 14,000 डॉलर यानि 12 लाख रुपये खर्च करने के बाद, एक जापानी व्यक्ति का आखिरकार कुछ और बनने का अपना सपना पूरा हो गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जापान के एक शख्‍स ने कुत्‍ता बनने के लिए 12 लाख रुपये भी खर्च कर दिए। जिसके बाद से पहली बार इंसान से कुत्‍ता बना यह शख्‍स अब&nbsp; सार्वजनिक रूप से जापान की सड़कों पर टहलते हुए देखा गया है। जिसके बाद से इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।&nbsp;</span><br></p><p><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/08/2_77fed3d808a395eb3e69ed072293e85d_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><b>यहां देखें वीडियो&nbsp;</b></p><p><video controls="" src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/08/WhatsApp-Video-2023-08-01-at-1.03.11-PM_1690875231.mp4" width="640" height="360" class="note-video-clip"></video><b><br></b></p><p><b><br></b><span style="font-size: 1rem;">इस ड्रेस के बनाने में लगभग 40 दिन का समय लगा है ।&nbsp; जिसके बाद आदमी का यह सपना पूरा हुआ है। अपने यूट्यूब चैनल पर इस शख्स ने कुत्ते की तरह चलते हुए कई वीडियो पोस्ट किए हैं। इन वीडियो में, जिन्हें हजारों बार देखा जा चुका है, आदमी को लॉन पर अठखेलियां करते, फर्श पर लोटते और कुत्ते की तरह खेलते हुए देखा जा सकता है - बिल्कुल एक कुत्ते की तरह।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यहां तक ​​कि उन्होंने यह पोशाक पहनकर अपनी पहली सार्वजनिक सैर भी की, और एक व्यस्त सड़क पर परेड करते हुए लोगों को हैरान कर दिया। इस वीडियो को यूट्यूब पर अब तक लगभग 3 मिलियन बार देखा जा चुका है।</span><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/08/1-(1)_53cbd167a1fa6a7ccaa49183152ce7ab_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><br></p><p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पोशाक का निर्माण ज़ेपेट नामक कंपनी द्वारा किया गया था। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि "कोली कुत्ते की तर्ज पर बनाया गया है।&nbsp; यह चार पैरों पर चलने वाले असली कुत्ते जैसा दिखता है।"</p><p><span style="font-size: 1rem;">पहले पोस्ट किए गए एक वीडियो में, टोको ने स्वीकार किया था कि जब से वह बच्चा था, तब से उसका हमेशा "एक जानवर बनने का एक अस्पष्ट सपना" था।</span><br></p><p>"जब मैंने वह सपना पूरा किया, तो यह इस तरह से निकला," उन्होंने क्लिप में लिखा, और कहा कि नस्ल और मनुष्यों के बीच आकार में नगण्य अंतर के कारण उन्होंने कोली बनना चुना।</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/08/1-%281%29_49031dfbb0c3c923d336768367d63338_1280X720.webp' length='34930' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ 12 लाख रुपये खर्च कर इंसान बना 'कुत्ता', पहली बार सार्वजनिक स्थान पर टहलते हुए आया नज़र, Video Viral ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/national-news-eid-al-adha-2023-try-these-delicious-dishes-this-bakra-eid-727206 ]]></guid><title><![CDATA[ Eid al-Adha 2023 : इस बकरीद पर आज़माएं ये स्वादिष्ट व्यंजन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/national-news-eid-al-adha-2023-try-these-delicious-dishes-this-bakra-eid-727206 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 28 Jun 2023 13:57:31 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो : यह पैगंबर इब्राहिम (अब्राहम) की ईश्वर की आज्ञा का पालन करते हुए अपने बेटे की बलि देने की इच्छा की याद दिलाता है। हालाँकि, जैसे ही इब्राहिम अपने बेटे की बलि देने वाला था, भगवान ने विकल्प के रू ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>ब्यूरो :</b> यह पैगंबर इब्राहिम (अब्राहम) की ईश्वर की आज्ञा का पालन करते हुए अपने बेटे की बलि देने की इच्छा की याद दिलाता है। हालाँकि, जैसे ही इब्राहिम अपने बेटे की बलि देने वाला था, भगवान ने विकल्प के रूप में एक मेढ़ा प्रदान किया, जो भक्ति और दया के अंतिम कार्य का प्रतीक था।</span></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/Eid-3_0408b742e4ae08af395d8a63d1950667_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">दावतें ईद-उल-अज़हा समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बलि के मांस का उपयोग करके कई स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं, और इस अवसर को चिह्नित करने के लिए अन्य पारंपरिक व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं और प्रियजनों के साथ आनंद लिया जाता है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">बिरयानी, कबाब, मटन करी और शीर खुरमा कुछ स्वादिष्ट व्यंजन हैं जिन्हें ईद अल-अधा के दौरान तैयार और खाया जाता है।</span><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/List-of-dishes-that-you-can-savour-on-Eid-ul-Fitr-4_92a84860d371559cb5247da21bfa7c2e_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><b>सीख कबाब</b></p><p>ईद की दावत के दौरान परोसा जाने वाला एक स्वादिष्ट और स्वादिष्ट व्यंजन 'सीख कबाब' है। सीख कबाब ग्रिल्ड या भुने हुए मांस के कटार होते हैं जो कीमा बनाया हुआ मेमने या गोमांस से बनाए जाते हैं। इन्हें विभिन्न प्रकार के मसालों, जड़ी-बूटियों और प्याज के साथ मिलाया जाता है।</p><p><b style="font-size: 1rem;">मटन बिरयानी</b><br></p><p>मटन बिरयानी एक लोकप्रिय भोजन है जो कई लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान रखता है। मटन बिरयानी में जायके और स्वाद का एकदम सही संतुलन था। लंबे दाने वाला बासमती चावल पूरी तरह से पका हुआ था, प्रत्येक दाना अलग और सुगंधित था।</p><p><b style="font-size: 1rem;">मटन करी</b><br></p><p>मटन करी एक मसालेदार और सुगंधित करी है जो बकरी या मेमने के कोमल टुकड़ों को विभिन्न मसालों और जड़ी-बूटियों में पकाकर बनाई जाती है। इसे चावल, नान या तंदूरी रोटी के साथ परोसा जाता है।</p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/Eid-2_0a886a8c816c3ada770376f0dec3b77a_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">हलीम</b><br></p><p>हलीम एक धीमी गति से पकाया जाने वाला स्टू है जो दाल, मांस (बीफ या मटन), गेहूं और मसालों से बनाया जाता है। इसे स्वादिष्ट बनाने के लिए स्टू को धीरे-धीरे उबाला जाता है और घंटों तक हिलाया जाता है। इसे बड़ी मात्रा में तैयार किया जाता है ताकि परिवार और दोस्त एक साथ भोजन कर सकें। तले हुए प्याज, कटा हुआ हरा धनिया, और नींबू का रस निचोड़ने से पकवान का स्वाद बढ़ जाता है।</p><p><b style="font-size: 1rem;">शीर खुरमा</b><br></p><p>ईद पर परोसी जाने वाली सबसे लोकप्रिय पारंपरिक मिठाई 'शीर खुरमा' है, जिसमें एक स्वर्गीय स्वाद होता है जो मिठास, मलाई और सुगंधित मसालों का मिश्रण होता है।</p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/List-of-dishes-that-you-can-savour-on-Eid-ul-Fitr-3_c9a53d1297dcac122cc51a54245f69f7_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">शाही टुकड़ा</b><br></p><p>शाही टुकड़ा, जिसे 'डबल का मीठा' के नाम से भी जाना जाता है, एक लोकप्रिय मिठाई है जिसे ईद के दौरान तैयार किया जाता है और इसका आनंद लिया जाता है। इसे केसर युक्त दूध में भिगोकर तली हुई ब्रेड स्लाइस और ऊपर से इलायची और बादाम, गुलाब की पंखुड़ियां, पिस्ता और केसर के धागे जैसे सूखे मेवे डालकर बनाया जाता है।</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/06/List-of-dishes-that-you-can-savour-on-Eid-ul-Fitr-4_92a84860d371559cb5247da21bfa7c2e_1280X720_2c5a533aa5bc94fee5d82e7233db0082_1280X720.webp' length='61553' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ Eid al-Adha 2023 : इस बकरीद पर आज़माएं ये स्वादिष्ट व्यंजन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/west-bengal-news-worldamp039s-most-expensive-mango-amp039miyazakiamp039-displayed-at-mango-festival-know-its-price-726324 ]]></guid><title><![CDATA[ पश्चिम बंगाल: मैंगो फेस्टिवल में प्रदर्शित हुआ दुनिया का सबसे महंगा आम 'मियाज़ाकी', जानिए इसकी कीमत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/west-bengal-news-worldamp039s-most-expensive-mango-amp039miyazakiamp039-displayed-at-mango-festival-know-its-price-726324 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 10 Jun 2023 12:17:18 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो : सिलीगुड़ी के तीन दिवसीय मैंगो फेस्टिवल के सातवें संस्करण में अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 2.75 लाख रुपये प्रति किलो की कीमत वाला दुनिया का सबसे महंगा आम 'मियाज़ाकी' प्रदर्शित किया गया।&nbsp;  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>ब्यूरो : </b>सिलीगुड़ी के तीन दिवसीय मैंगो फेस्टिवल के सातवें संस्करण में अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 2.75 लाख रुपये प्रति किलो की कीमत वाला दुनिया का सबसे महंगा आम 'मियाज़ाकी' प्रदर्शित किया गया।&nbsp; एसोसिएशन फॉर कंजर्वेशन एंड टूरिज्म (एसीटी) के सहयोग से मोडेला केयरटेकर सेंटर एंड स्कूल (एमसीसीएस) द्वारा आयोजित सिलीगुड़ी के एक मॉल में 9 जून को उत्सव की शुरुआत हुई। उत्सव में आम की 262 से अधिक किस्मों को प्रदर्शित किया जाएगा और उत्सव में पश्चिम बंगाल के नौ जिलों के 55 उत्पादकों ने भाग लिया।</span><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/WhatsApp-Image-2023-06-10-at-11.41.53-(1)_87c9150b6167b53df036f015df8f8483_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><br></p><p>प्रदर्शित की जाने वाली कुछ किस्मों में अल्फांसो, लंगड़ा, आम्रपाली, सूर्यपुरी, रानीपसंद, लक्ष्मणभोग, फजली, बीरा, सिंधु, हिमसागर, कोहितूर और अन्य शामिल हैं। सिलीगुड़ी के एक आम प्रेमी सैंडी आचार्य ने कहा कि उन्हें एक ही मंच पर आम की इतनी सारी किस्मों को देखने का मौका मिला है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें फेस्टिवल में दुनिया का सबसे महंगा आम 'मियाजाकी' देखने को मिला। उन्होंने कहा कि यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि बंगाल के किसान इस आम को अपने बगीचों में उगा रहे हैं।</p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/WhatsApp-Image-2023-06-10-at-11.41.53_65374258a60192c0d544aee099243e59_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p>पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के लाभपुर के एक मियाज़ाकी किसान शौकत हुसैन ने कहा कि वह पहली बार उत्सव में भाग ले रहे हैं और वह उत्सव में मियाज़ाकी किस्म लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश से मसौदा तैयार करने वाले पौधे मंगवाए और उन्हें बीरभूम में अपने बगीचे में लगाया।</p><p><iframe src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?height=314&href=https://www.facebook.com/PTCHaryana/videos/1302706590670242/&show_text=false&width=560&t=0" width="560" height="314" style="border:none;overflow:hidden" scrolling="no" frameborder="0" allowfullscreen="true" allow="autoplay; clipboard-write; encrypted-media; picture-in-picture; web-share" allowFullScreen="true"></iframe>&nbsp;</p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "भारी उत्पादन के साथ सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसे राज्य के किसी भी हिस्से में उगाया जा सकता है और किसानों की आर्थिक स्थिति को बदल सकता है।" राज बसु, संयोजक, एसीटी और मैंगो फेस्टिवल के सह-भागीदार ने कहा कि उन्होंने आम की 262 से अधिक किस्मों को प्रदर्शित किया था, उनमें से मियाज़ाकी उत्सव का प्रमुख आकर्षण था।</span><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/WhatsApp-Image-2023-06-10-at-11.41.53_65374258a60192c0d544aee099243e59_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p>"लोग आम के चारों ओर घूम रहे हैं और हमें बड़ी पूछताछ मिली है। वे त्योहार के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देना चाहते हैं। एसोसिएशन ने यूनेस्को से बांग्लादेश-दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) कॉरिडोर में सोमपुर पहाड़पुर महाविहार को आम हेरिटेज कॉरिडोर या इंटुंजेबल घोषित करने की अपील की है। जल्द ही सांस्कृतिक विरासत", बसु ने कहा।</p><p><span style="font-size: 1rem;">मियाज़ाकी आम का उत्पादन कैलिफोर्निया में 1940 के वर्ष में शुरू किया गया था। बाद में इसे जापान के मियाज़ाकी शहर में लाया गया और इस तरह इसका नाम मियाज़ाकी आम पड़ा।</span><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">हाल ही में ज्यादातर बंगाल के भारतीय उत्पादकों ने अपने बगीचों में इस किस्म को उगाना शुरू कर दिया है। इसे 'रेड सन' और बंगाली में 'सूरजा डिम' (लाल अंडा) के नाम से भी जाना जाता है। आम अपने पोषक तत्वों, स्वाद, रंग और शर्करा की मात्रा के लिए लोकप्रिय है।</span></p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/06/WhatsApp-Image-2023-06-10-at-11.41.53-%281%29_87c9150b6167b53df036f015df8f8483_1280X720_cc8136fad79e28152aa55be55a2fd226_1280X720.webp' length='53077' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ पश्चिम बंगाल: मैंगो फेस्टिवल में प्रदर्शित हुआ दुनिया का सबसे महंगा आम 'मियाज़ाकी', जानिए इसकी कीमत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/international-news--sex-made-a-game-will-the-championship-start-from-tomorrow-detail-here-726154 ]]></guid><title><![CDATA[ फैक्ट चेक: सेक्स को बना दिया खेल ? कल से शुरू होगी चैंपियनशिप ? इस खबर में जानें पूरी सच्चाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/international-news--sex-made-a-game-will-the-championship-start-from-tomorrow-detail-here-726154 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 07 Jun 2023 12:14:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Sweden Sex Championship 2023: दुनिया में सैकड़ों खेल प्रतियोगिताएं होती हैं जिनमें खिलाड़ी भाग लेते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, वॉलीबॉल, हॉकी, बैडमिंटन और बेसबॉल जैसे खेल लगभग सभी जानते हैं । लेकिन स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Sweden Sex Championship 2023:</b> दुनिया में सैकड़ों खेल प्रतियोगिताएं होती हैं जिनमें खिलाड़ी भाग लेते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, वॉलीबॉल, हॉकी, बैडमिंटन और बेसबॉल जैसे खेल लगभग सभी जानते हैं । लेकिन स्वीडन ने दुनिया के लिए एक ऐसे खेल की घोषणा की जिसके बारे में सुनकर कोई भी विश्वास नहीं करेगा।&nbsp;</span><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/sweden-sex-championship-(3)_029e88dd95745b71c50fbabf3efa7335_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p>स्वीडन दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है। जिसने सेक्स को एक खेल के रूप में मान्यता दी है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है। स्वीडन यूरोपीय सेक्स चैंपियनशिप की मेजबानी करने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वीडन ने हाल ही में सेक्स को एक स्पोर्ट के तौर पर रजिस्टर किया है। यूरोपियन सेक्स चैंपियनशिप इसी महीने 8 जून से शुरू होगी। इसमें भाग लेने के लिए कुल 20 देशों के प्रतियोगियों ने पंजीकरण कराया है। चैंपियनशिप, जो कई हफ्तों तक चलेगी, प्रतिभागियों को प्रत्येक दिन छह घंटे प्रतिस्पर्धा करने की आवश्यकता होगी। प्रतिभागियों को मैच की तैयारी के लिए 45 मिनट का समय मिलेगा। इस चैंपियनशिप को लेकर प्रतियोगियों में काफी उत्साह है।</p><p><br></p><p><b>क्या हैं चैंपियनशिप के नियम ?&nbsp;</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">यूरोपियन सेक्स चैंपियनशिप में कुल 16 इवेंट होंगे। इसमें प्रलोभन, मौखिक सेक्स, प्रवेश, मालिश, दिखने, सबसे सक्रिय जोड़े और प्रत्येक गेम के विजेता को न्यायाधीशों और दर्शकों के वोटों द्वारा तय किया जाएगा। इस दौरान 30 फीसदी वोट जजों के होंगे, जबकि 70 फीसदी दर्शकों के। दोनों के मतों के आधार पर विजेता घोषित किया जाएगा। वहीं, स्वीडिश फेडरेशन ऑफ सेक्स के अध्यक्ष ड्रैगन ब्राटिक का कहना है कि सेक्स को एक खेल के रूप में मान्यता देने से लोगों में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा समाज में वर्जित मानी जाने वाली सेक्स के प्रति लोगों के विचारों में उदारता आएगी।</span><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/sweden-sex-championship-(5)_c0c532785cfb686f9f629320c6d01be5_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><b>क्या है सच्चाई ?</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">आपको बता दें कि यह रिपोर्ट सही नहीं है। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, लेकिन स्वीडन मीडिया के मुताबिक ऐसी कोई चैंपियनशिप नहीं हो रही है। इसे शुरू करने की तैयारी थी लेकिन अनुमति नहीं मिली है।</span></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/sweden-sex-championship-(1)_3a54f3bdb2f769d6baa1d8e65faa1d01_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">आवेदन खारिज कर दिया गया था</b><br></p><p>यह सच है कि स्वीडन में सेक्स चैंपियनशिप शुरू करने की कोशिश की गई थी। आउटलेट के अनुसार, देश में एक सेक्स फेडरेशन है और इसके प्रमुख ड्रैगन ने ब्रैक्टिक सेक्स चैंपियनशिप आयोजित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सेक्स के प्रभाव की व्याख्या करना था। इसके लिए महासंघ ने राष्ट्रीय खेल परिसंघ का हिस्सा बनने के लिए आवेदन किया था, लेकिन अनुमति नहीं मिली। उसने जनवरी में आवेदन किया था। लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। क्योंकि यह अधूरा था और कुछ शर्तों को पूरा नहीं करता था।</p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/06/sweden-sex-championship-(2)_c75caf8a766b97515adf641b22ae66ae_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><b style="font-size: 1rem;"><br></b></p><p><b style="font-size: 1rem;">चैंपियनशिप की खबर क्या थी?</b></p><p>रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चैंपियनशिप के लिए 20 लोगों ने रजिस्ट्रेशन भी कराया है। प्रतियोगिता 16 विभिन्न श्रेणियों में होने की बात कही गई थी। प्रत्येक मैच में प्रतिभागी को 5 से 10 अंक मिलते हैं। अंत में, सबसे अधिक अंकों वाली जोड़ी को विजेता घोषित किया जाता है। यह टूर्नामेंट स्वीडन के गोथेनबर्ग में होना था।</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/06/sweden-sex-championship-%281%29_3a54f3bdb2f769d6baa1d8e65faa1d01_1280X720_0feda83d7ee6d06e172681af43f20f5e_1280X720.webp' length='26772' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ फैक्ट चेक: सेक्स को बना दिया खेल ? कल से शुरू होगी चैंपियनशिप ? इस खबर में जानें पूरी सच्चाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/national-news-deer-immersed-in-devotion-of-krishna-dances-with-devotees-over-kirtan-video-viral-725560 ]]></guid><title><![CDATA[ Viral Video: कृष्ण की भक्ति में डूबा एक मृग, भक्तों के साथ किया नृत्य ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/national-news-deer-immersed-in-devotion-of-krishna-dances-with-devotees-over-kirtan-video-viral-725560 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 27 May 2023 11:28:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो : कीर्तन की धुन इतनी मनमोहक होती है कि हर कोई इसे सुनकर उसमें लीन हो जाना चाहता है। इस्कॉन मंदिरों और मथुरा और वृंदावन जैसे स्थानों में आप कई कृष्ण भक्तों को कीर्तन की धुन पर नाचते हुए देखेंगे। ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>ब्यूरो :</b> कीर्तन की धुन इतनी मनमोहक होती है कि हर कोई इसे सुनकर उसमें लीन हो जाना चाहता है। इस्कॉन मंदिरों और मथुरा और वृंदावन जैसे स्थानों में आप कई कृष्ण भक्तों को कीर्तन की धुन पर नाचते हुए देखेंगे। लेकिन क्या आपने कभी किसी हिरण को कीर्तन की धुन पर नाचते देखा है? अगर नहीं देखा तो एक बार इस वीडियो को देख लीजिए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को एक IFS अधिकारी ने कैप्शन के साथ शेयर किया है- बच्चों के साथ कीर्तन का लुत्फ उठाता काला हिरण।&nbsp;</span><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">कहां से आया वीडियो और कैसे हुआ वायरल?</b><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">फिलहाल ये वीडियो कहां का है और कब फिल्माया गया है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।&nbsp; अधिकारी ने इस वीडियो को वॉट्सऐप फॉरवर्ड बताया है। 27 सेकेंड के इस वीडियो में आप बच्चों के एक समूह को दो बैलों के साथ मंजीरा खेलते हुए देख सकते हैं।&nbsp; साथ ही उनके पास एक कथित काला हिरण भी नजर आ रहा है। वह अपनी जगह ऊंची छलांग लगा रहा है। अब इस बात में कितनी सच्चाई है कि ये हिरण कीर्तन की धुन पर नाच रहा है या यूं ही कूद रहा है आप खुद ही तय कर लीजिए।</span><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">यहां देखें वीडियो&nbsp;</b><br></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: "Helvetica Neue", sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;"><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">It’s not without a reason that BlackBucks are called krishnasaar, krishna jinka, &amp; krishna mriga in India…<br><br>According to Hindu mythology, the blackbuck draws the chariot of Lord Krishna.<br><br>Participating in the Devotional Kirtan with equal jest ???? <a href="https://t.co/uNMJFsVrDO">pic.twitter.com/uNMJFsVrDO</a></p>&mdash; Susanta Nanda (@susantananda3) <a href="https://twitter.com/susantananda3/status/1661932773257658370?ref_src=twsrc^tfw">May 26, 2023</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></span><br></p><p><br></p><p><b>भगवान कृष्ण और हिरन के बीच संबंध</b></p><p>इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए आईएफएस ऑफिसर सुशांत नंदा ने लिखा है कि भारत में काले हिरण को कृष्णासर, कृष्णा जिंका और कृष्णामृग कहा जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, काला हिरण भगवान कृष्ण के रथ को खींचता है। शायद यही वजह है कि वह अन्य भक्तों की तरह पूरे मन से कीर्तन का लुत्फ उठा रहे हैं। वीडियो को अब तक 1 लाख 84 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है और 3 हजार से ज्यादा बार लाइक किया जा चुका है। वीडियो पर लोग खूब कमेंट भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा 'इट्स सो क्यूट'। एक अन्य ने लिखा- 'यह पालतू हिरण जैसा लग रहा है।'&nbsp;</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/05/dancing-indian-deer_f5dc74f7dca275a0348d1e6e31b8e120_1280X720_0e70b08626b26f2a208513b30cbf1db0_1280X720.webp' length='39506' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ Viral Video: कृष्ण की भक्ति में डूबा एक मृग, भक्तों के साथ किया नृत्य ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/sandalwood-farming-in-himachal-pradesh-722461 ]]></guid><title><![CDATA[ ये हैं हिमाचल के Sandalwood Man! लगा चुके हैं चंदन के 5 लाख पौधे ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/sandalwood-farming-in-himachal-pradesh-722461 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 03 Apr 2023 17:21:51 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मंडी: कुछ पाने की हसरत हो, तो रास्ते में मुश्किलें जितनी मर्ज़ी आएं फर्क नहीं पड़ता. बस जुनून होता है कुछ कर दिखाने का, कुछ अलग कर दिखाने का.&nbsp;ऐसी ही एक राह पर चल रहे हैं हिमाचल प्रदेश के किसान भूपर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>मंडी: कुछ पाने की हसरत हो, तो रास्ते में मुश्किलें जितनी मर्ज़ी आएं फर्क नहीं पड़ता. बस जुनून होता है कुछ कर दिखाने का, कुछ अलग कर दिखाने का.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ऐसी ही एक राह पर चल रहे हैं हिमाचल प्रदेश के किसान भूपराम शर्मा. जिन्होंने चंदन की खेती की शुरुआत की और अभी भी और बेहतर खेती करने के लिए शोध कर रहे हैं.</span></p><p><br></p><p><b>अब तक लगा चुके हैं 5 लाख चंदन के पौधे</b></p><p>मंडी के भूपराम शर्मा को हिमाचल प्रदेश में चंदन की खेती का जनक कहा जाता है, लेकिन भूपराम शर्मा अपने आप को चंदन का सेवक कहते हैं. भूपराम शर्मा प्रदेश में अब तक लगभग पांच लाख चंदन के पौधे तैयार करने में कामयाब हो चुके हैं. भूपराम शर्मा के हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में भी प्लांट हैं.</p><p><br></p><p><b>2008 में किया था पहला प्रयास</b></p><p>पीटीसी न्यूज़ ने किसान भूपराम शर्मा के साथ बातचीत की. उन्होंने बताया कि वो साल 2008 में देहरादून से चंदन के बीज लेकर आए और चंदन उगाने की कोशिश की, लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई. इसके बाद वो लगातार देश के कई हिस्सों में पहुंचकर इसका तकनीकी अध्ययन करते रहे और आखिरकार साल 2014 में तत्तापानी में चंदन की नर्सरी तैयार करने में सफलता हासिल की.</p><p><iframe src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?height=314&href=https://www.facebook.com/ptcnewshimachal/videos/1659099237845944/&show_text=false&width=560&t=0" width="560" height="314" style="border:none;overflow:hidden" scrolling="no" frameborder="0" allowfullscreen="true" allow="autoplay; clipboard-write; encrypted-media; picture-in-picture; web-share" allowFullScreen="true"></iframe><br></p><p>भूपराम शर्मा यहीं नहीं रुके, चंदन की खेती को लेकर उन्होंने प्रदेश, राष्ट्रीय स्तर पर वन विभाग के बड़े अधिकारियों से मुलाकात की. भूपराम शर्मा का कहना है कि रोपण के बाद चंदन के पौधे की सफलता दर 10 प्रतिशत तक रहती है पर आमदन अच्छी रहती है. भूपराम शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में बर्फ रहित क्षेत्र में चंदन के पौधे को उगाया जा सकता है. भूपराम चंदन का एक साल का पौधा 40 रुपए, जबकि दो साल का पौधा 200 रुपए में किसानों को उपलब्ध करवाते हैं. तीन साल तक अगर पौधा मर जाता है, तो वो फ्री में उसके बदले पौधा किसान को उपलब्ध करवाते हैं. तैयार हुए उत्पादों को भूपराम खुद भी खरीद रहे हैं. भूपराम शर्मा कहते हैं कि चंदन के हर हिस्से का सही इस्तेमाल करेंगे. इसके टहनी, बीज और पत्ती की खरीद होगी. उनका मानना है कि चंदन की खेती कर प्रदेश के किसान आर्थिक तौर पर मज़बूत हो सकते हैं. किसान भूपराम शर्मा ने प्रदेश के किसानों को चंदन की खेती कर अर्थव्यवस्था मज़बूत करने की अपील की है.</p><div><br></div> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/04/image_6e7e6ff68053f010377bc177328ba676_1280X720.webp' length='89937' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ ये हैं हिमाचल के Sandalwood Man! लगा चुके हैं चंदन के 5 लाख पौधे ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/mp-khandwa-news-young-man-running-to-rest-and-fell-asleep-woke-up-after-the-race-was-over-722146 ]]></guid><title><![CDATA[ वनरक्षक भर्ती के दौरान दिखी कछुए और खरगोश की दौड़, यहां भी जीत गया कछुआ, कैसे ? जानिए पूरा मामला... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/mp-khandwa-news-young-man-running-to-rest-and-fell-asleep-woke-up-after-the-race-was-over-722146 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 29 Mar 2023 11:12:53 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो: कछुए और खरगोश की कहानी सबने पढ़ी और सुनी है। उस कहानी में यह बताया गया है कि खरगोश जिसे अपने पर पूरा भरोसा था कि वह रेस जीत जाएगा। लेकिन अंत में वह कछुए से रेस हार जाता है। यह तो थी एक कहानी जि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>ब्यूरो:</b> कछुए और खरगोश की कहानी सबने पढ़ी और सुनी है। उस कहानी में यह बताया गया है कि खरगोश जिसे अपने पर पूरा भरोसा था कि वह रेस जीत जाएगा। लेकिन अंत में वह कछुए से रेस हार जाता है। यह तो थी एक कहानी जिसमें हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। अब आपको हकीकत में हम एक सच्ची घटना बताने जा रहे हैं जो पूरी तरह खरगोश और कछुए की कहानी से मिलती है।</span><br></p><p><b>यहां जाने पूरा मामला</b></p><p>इस कहानी का दृश्य मध्य प्रदेश के खंडवा से है। जहां कल यानि बीते मंगलवार को वनरक्षकों की भर्ती के लिए दौड़ रखी गई थी। इस भर्ती में 24 किलोमीटर की दौड़ को 4 घंटे में पूरा करना था। जिसके लिए 61 युवाओं ने एक साथ दौड़ शुरू की।&nbsp;</p><p>इन 61 युवाओं में एक 21 वर्षीय युवा डबरा से आया हुआ था। जिसका नाम पहाड़ सिंह था। वह भी भर्ती होने के लिए रेस में दौड़ा और सबसे आगे निकल गया। पहाड़ सिंह ने 3 घंटे में 21 किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी। जिसके बाद उसने पीछे मुड़ कर देखा तो उसे दूर-दूर तक कोई दिखाई नहीं दिया। पहाड़ सिंह ने देखा कि दूर- दूर तक कोई नहीं है तो थोड़ा आराम कर लिया जाए। जिसके बाद वह सड़क के किनारे खड़े डंपर की आड़ में लेट कर आराम करने लगा और उसे नींद पड़ गई।&nbsp;</p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/03/Screenshot-11_23aebdd7a0e79b8f02ec98be7e224f90_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><br></p><p>जिसके बाद दौड़ जब खत्म हो गई तो अधिकारियों द्वारा धावकों की गिनती की जाने लगी। गिनती के दौरान पहाड़ सिंह गायब पाया गया। उसे ढूंढने के लिए वन अधिकारी गाड़ी लेकर निकले तो वह सड़क किनारे सोता हुआ पाया गया। उठने के बाद उसे पता चला कि रेस खत्म हो गई है। जबकि बाकी सभी 60 युवाओं ने रेस की परीक्षा पास कर ली है।&nbsp;&nbsp;</p><p>ऐसे में यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि थोड़े से आलस के कारण पहाड़ सिंह एक अहम रेस हार गया। इस खबर को पढ़ने के बाद अब सबको खरगोश और कछुए की कहानी एक बार फिर याद आ रही है।&nbsp;</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/03/khargosh-aur-kachua-1_3b4cc953035e17348740d124a63a5899_1280X720.webp' length='36949' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ वनरक्षक भर्ती के दौरान दिखी कछुए और खरगोश की दौड़, यहां भी जीत गया कछुआ, कैसे ? जानिए पूरा मामला... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/bro-rescued-175-tourists-in-sikkim-721530 ]]></guid><title><![CDATA[ सीमा पर तैनात जवानों की जांबाजी, जिंदगी और मौत से लड़ रहे 175 सैलानियों को किया रेस्क्यू ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/bro-rescued-175-tourists-in-sikkim-721530 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 19 Mar 2023 11:07:54 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो: भारत के उत्तर पूर्वी राज्य सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है। इसके चलते यहां अलग अलग इलाकों में कई पर्यटक फंस गए थे जिन्हें रेस्क्यू करने में बीआरओ यानि बॉर्डर रोड ऑर्गन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>ब्यूरो:</b> भारत के उत्तर पूर्वी राज्य सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है। इसके चलते यहां अलग अलग इलाकों में कई पर्यटक फंस गए थे जिन्हें रेस्क्यू करने में बीआरओ यानि बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन को कामयाबी मिली है। </p><p>बीआरओ के जवानों ने ऐसे 175 सैलानियों को रेसेक्यू किया है जो सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में फंसे हुए थे। बर्फबारी के चलते ये सैलानि सिक्किम के ऊंचे इलाकों में अलग अलग जगहों पर फंसे हुए थे जिन्हें रेस्क्यू किया गया है।&nbsp;</p><p><b>बीआरओ के प्रोजेक्ट स्वस्तिक के तहत रेस्क्यू ऑपरेशन</b></p><p>बीआरओ अधिकारी ने इस बारे में बताया कि गुरूडोंगमार झील, सोमगो झील, नाथुला और बाबा मंदिर जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार पर्यटक पहुंच रहे हैं। इस बीच पिछले कुछ दिनों में इन इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी से सड़कें बर्फ से ढक गई और आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हो गई। </p><p>इसी के चलते यहां आने वाले पर्यटक इस खराब मौसम में बर्फबारी के चलते यहां फंस गए थे। प्रोजेक्ट स्वस्तिक के तहत बीआरओ बॉर्डर एरिया की सड़कों का रखरखाव करता है और प्रोजेक्ट स्वस्तिक के कर्मियों ने भी इन पर्यटकों को रेस्क्यू किया है।&nbsp;</p><p><b>सभी बचाए गए पर्यटकों को गंगटोक पहुंचाया गया</b></p><p>बीआरओ प्रवक्ता ने बचाया कि सड़कों से बर्फ हटाने का काम जारी है और ज्यादातर सड़कें बहाल कर दी गई हैं। वहीं सभी बचाए गए पर्यटकों को व्यवस्थित तरीके से बसों के जरिए गंगटोक पहुंचा दिया गया है।&nbsp;</p><p><br></p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/03/nnn-New_0b17e91827fba1ee9c4ccd89e91b8611_1280X720.webp' length='38100' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ सीमा पर तैनात जवानों की जांबाजी, जिंदगी और मौत से लड़ रहे 175 सैलानियों को किया रेस्क्यू ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/himachal-news-treasure-in-kamrunag-lake-know-tha-important-facts-721116 ]]></guid><title><![CDATA[ हिमाचल की एक ऐसी झील जहां छिपा है अरबों का खजाना ... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/himachal-news-treasure-in-kamrunag-lake-know-tha-important-facts-721116 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Mar 2023 12:12:49 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो: पहाड़ी प्रदेश हिमाचल में कई रहस्यमई मंदिर हैं । जिनमें कमरूनाग मंदिर व झील भी एक है। जो जिला मंडी में स्थित है। कमरुनाग झील 3,334 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। धौलाधर रेंज और बलह घाटी की सुंदरता क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>ब्यूरो: </b>पहाड़ी प्रदेश हिमाचल में कई रहस्यमई मंदिर हैं । जिनमें कमरूनाग मंदिर व झील भी एक है। जो जिला मंडी में स्थित है। कमरुनाग झील 3,334 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। धौलाधर रेंज और बलह घाटी की सुंदरता को जोड़ता देव कामरुनाग का मंदिर व झील गगन चुंबी देवदार के जंगलों से घिरा हुआ है। इस झील में अरबों का खजाना छिपा हुआ है। अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए श्रद्धालु देव कामरुनाग की इस झील में सदियों से सोने, चांदी और सिक्के की चढ़ाते हैं।&nbsp;</span><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/03/mandi-2_f51fadec4b4f28fd9a0d062613c831f1_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p>झील के तल पर सोने, चांदी और अथाह धन का आजतक कोई पता नहीं लगा पाया। प्रकृति प्रेमियों के लिए, कामरुनाग की यात्रा स्वर्ग की यात्रा है। रोहांडा से कामरुनाग तक 6 किलोमीटर की तेज पहाड़ी पथ पर पैदल यात्रा को पूरा करने में 3 से 4 घंटे लगते हैं। सर्दियों के मौसम में झील बर्फ का गोला बन जाती है। माना जाता है कि इस झील में अरबों-खरबों का खजाना पानी की गहराइयों तक है।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">कमरूनाग देवता का उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। इसलिए बाबा कमरूनाग जी को बबरूभान जी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक साक्ष्यों के अनुसार कमरूनाग धरती के सबसे बलशाली योद्धा थे। लेकिन भगवान कृष्ण के आगे इन्हे झुकना पड़ा।</span><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">कहा जाता है कि कमरूनाग जी के कटे सर में भी अपार ताकत थी। भगवान कृष्ण ने इनका सर हिमालय की एक ऊंची चोटी पर रखवा दिया था। लेकिन सर जिस तरफ घूमता वह सेना जीत की ओर बढ़ती। पौराणिक मान्यता के अनुसार कृष्ण ने कटा सर पत्थर से बांध कर पांडवों की ओर मोड़ दिया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/03/mandi-2_68beaf095533ce00c8e81cc5656b3983_1280X720.webp' length='70889' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ हिमाचल की एक ऐसी झील जहां छिपा है अरबों का खजाना ... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/himachal-news-people-are-searching-the-mountains-for-the-world-most-expensive-vegetable-720982 ]]></guid><title><![CDATA[ दुनिया की सबसे महंगी सब्ज़ी के लिए पहाड़ों की ख़ाक छान रहे हैं लोग ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/himachal-news-people-are-searching-the-mountains-for-the-world-most-expensive-vegetable-720982 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 12 Mar 2023 14:51:17 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो : दुनिया की सबसे महंगी सब्ज़ी गुच्छी की तलाश में पहाड़ के लोग जंगलों की ख़ाक छानते हैं। हिमाचल में 'गुच्छी' सैंकड़ो लोगों की कमाई का साधन है। कुल्‍लू, शिमला के उपरी इलाकों, सोलन, सिरमौर में कई लोग  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>ब्यूरो : </b>दुनिया की सबसे महंगी सब्ज़ी गुच्छी की तलाश में पहाड़ के लोग जंगलों की ख़ाक छानते हैं। हिमाचल में 'गुच्छी' सैंकड़ो लोगों की कमाई का साधन है। कुल्‍लू, शिमला के उपरी इलाकों, सोलन, सिरमौर में कई लोग इसे बेचकर लाखों रुपया कमाते हैं। उत्तराखंड के जगलों में भी गुच्छी पाई जाती है। गुच्छी प्राकृतिक रूप से उगती है। आज तक वैज्ञानिक गुच्छी को खेती के रूप में करने विकसित करने में सफलता हासिल नही कर सके हैं। गुच्छी का आज तक न बीज तैयार हो पाया और न ही उगाने की कोई और अन्य विधि ईज़ाद हो सकी है। ये लाल, भूरे और काले रंग की होती है।</span><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">गुच्छी को डॉक्टर संजीवनी के समान मानते है।गुच्छी में कार्बोहाईड्रेट की मात्रा शून्य होती है। यह हृदय रोग, नियूरेपिक, मोटापा और सर्दी-जुखाम जैसी बीमारियों से लड़ने में रामबाण साबित होती है। इसका इस्तेमाल कई घातक बीमारियों को ठीक करने वाली दवाइयों के निर्माण में भी होता है। यही वजह है कि इसकी कीमत बाजार में 30 हजार रुपए प्रति किलो तक है। फरवरी से लेकर अप्रैल माह में मौसम पर आसमानी बिजली कड़कने से जंगल में गुच्छियां अपने आप उग जाती है। कुछ ही दिनों में ये सूख जाती है। जंगली पक्षियों का भी गुच्छी अहम भोजन है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी भी गुच्छी के मुरीद रहे हैं। वाजपेयी जब भी हिमाचल आते थे तो इसकी सब्जी खाते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसकी ओषधीय गुणों के कारण गुच्छी के चाहवान है। यूरोपियन देश फ्रांस, इंग्लैंड, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, अमेरिका और अन्य देशों में हिमाचल से भारी मात्रा में गुच्छी की सप्लाई की जाती है। लोग आजकल 'गुच्छी' की तलाश में जंगलो में डेरा जमाए हुए है।</span></p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/03/guchi-1_8d765544f84373ad3c5b1ec284a1cffc_1280X720.webp' length='72118' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ दुनिया की सबसे महंगी सब्ज़ी के लिए पहाड़ों की ख़ाक छान रहे हैं लोग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv//women-journalist-organized-on-the-occasion-of-international-women-day-720866 ]]></guid><title><![CDATA[ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला पत्रकार सम्मेलन का आयोजन, किया गया सम्मानित ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv//women-journalist-organized-on-the-occasion-of-international-women-day-720866 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 11 Mar 2023 11:33:28 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो : ‘मेरे लिए यह गर्व की बात है कि आज मुझे प्रतिष्ठित एवं चर्चित महिला पत्रकारों से रू-ब-रू होने का अवसर प्राप्त हुआ है। अकादमी द्वारा सम्मानित होने वाली ये महिला पत्रकार चंडीगढ़ तथा पंचकूला स्थित ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>ब्यूरो :</b> ‘मेरे लिए यह गर्व की बात है कि आज मुझे प्रतिष्ठित एवं चर्चित महिला पत्रकारों से रू-ब-रू होने का अवसर प्राप्त हुआ है। अकादमी द्वारा सम्मानित होने वाली ये महिला पत्रकार चंडीगढ़ तथा पंचकूला स्थित विभिन्न समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी भूमिका का निर्वहन कर रही हैं। मीडिया एवं पत्रकारिता के जटिल व्यवसाय में आने वाली चुनौतियों के बारे में उनके विचित्र अनुभव जहां हमें अपने समाज का आईना दिखाते हैं वहीं आने वाले युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होंगे।’&nbsp;</span><br></p><p><br></p><p>यह विचार हरियाणा स्वास्थ्य सेवाओं की महानिदेशक डॉ. सोनिया त्रिखा खुल्लर ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा साहित्य अकादमी तथा हरियाणा उर्दू अकादमी द्वारा अकादमी परिसर सेक्टर-14 पंचकूला में आयोजित महिला पत्रकार सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने महिला पत्रकार नोनिका सिंह, शायदा बानो, वंदना बत्रा, गीतांजलि गायत्री, शिमोना कंवर, मेघा कुमारी, लीली स्वर्ण, अर्चना सेठी, डॉ. बिन्दु शर्मा, डॉ. मीनाक्षी वशिष्ठ को महिला पत्रकार सम्मान से सम्मानित भी किया।</p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/03/4_88456b99ae227403d669edef06f2afe9_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/03/3_e7b11d1bac6d22688ee54faeff91bee2_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p>महिला पत्रकार सम्मेलन में द ट्रिब्यून के लाइफ स्टाइल की इंचार्ज वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती नोनिका सिंह ने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि महिला पत्रकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने व्यवसाय तथा पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखना है। पत्रकारिता में लेखन की विशेष शैली का सर्वाधिक महत्व है जो आपकी एक अलग पहचान बनाती है। इसी प्रकार दैनिक ट्रिब्यून की समाचार सम्पादक डॉ. मीनाक्षी वशिष्ठ ने कहा कि यह खुशी की बात है कि ट्रिब्यून समाचार पत्र समूह के तीनों प्रारूपों में महिलाएं शीर्ष पदों की जिम्मेवारी सम्भाल रही हैं। पत्रकारिता का सफर आसान नहीं होता, लेकिन धैर्य और सूझबूझ से इसे आसान बनाया जा सकता है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पधारी प्रो. बिन्दु शर्मा ने कहा कि छात्राएं आजकल पत्रकारिता की अपेक्षा अध्यापन व्यवसाय को बेहतर मानती हैं। इसका कारण संभवतः पत्रकारिता में आने वाली चुनौतियां ही कही जा सकती हैं। टाइम्स ऑफ&nbsp; इंडिया से वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती शिमोना कंवर ने स्वीकार किया कि कई बार हम पत्रकार एक नई स्टोरी के उत्साह में बहुत अधिक संवेदनहीन हो जाते हैं लेकिन एक महिला पत्रकार ही एक नई स्टोरी एवं संवेदना में सामंजस्य बना सकती है।</p><p><br></p><p>द ट्रिब्यून की ब्यूरो चीफ श्रीमती गीतांजलि गायत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह से उनकी स्टोरी से जरूरत मंद इंसानों को समाज की मदद मिलती है। इसलिए समाज में महिलाओं को अपनी आवाज हमेशा बुलंद रखनी चाहिए। दैनिक भास्कर की वरिष्ठ पत्रकार शायदा बानो ने अपने अनुभव बांटते हुए कहा कि चुनौतियां तो जीवन के हर क्षेत्र में हैं लेकिन पत्रकारिता की चुनौतियां कई बार बहुत सुकून भी प्रदान करती हैं। परिवार और व्यवसाय में सामंजस्य बनाना यहां अधिक कठिन है। पत्रकारिता के क्षेत्र में चुनौतियों की शिकायत भी संभव नहीं है। उन्होंने अपनी एक स्टोरी स्ट्रेचर नं. 1, 2, 3 के माध्यम से बताया कि किस तरह से दो लावारिस मरीजों को पिंगलबाड़ा एन.जी.ओ. ने अपनाया और लगभग दो वर्ष के पश्चात यह मरीज ठीक होकर अपने परिवार से मिल सके। यह ऐसे अनुभव हैं जो आपको अपने व्यवसाय के प्रति समर्पित होने का सुफल प्रदान करते हैं। ऐसी स्टोरी के माध्यम से संभवतः अज्ञात सत्ता किसी न किसी रूप में आकर इंसानियत की मदद करती है।&nbsp;</p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/03/1_2b4883421ea14e8d2f64561a2d7a1256_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><br></p><p><img src="https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2023/03/2_b2e65dc87641cd998c4bb1db3adc1074_1280X720.webp" style="width: 704.328px;"><br></p><p><br></p><p>वरिष्ठ पत्रकार श्री बलवंत तक्षक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता ऐसा व्यवसाय है जहां न तो महिला पत्रकार और न ही पुरुष पत्रकार संवेदनशील रह पाते हैं। लीड खबर का इंतजार उन्हें असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा पर ले जाता है। लेकिन आजकल सॉफ्ट खबरें भी लीड में दिखाई देती हैं। उन्होंने इस अवसर पर कभी थकती नहीं पत्नी कविता के माध्यम से महिलाओं की विशेष भूमिका को रेखांकित किया। उर्दू पत्रकार श्रीमती लीली स्वर्ण ने अपने अनुभवों के साथ-साथ जस्ट अ वूमेन कविता के माध्यम से नारी जीवन के विभिन्न पक्षों को चित्रित किया। इस अवसर पर रेड एफ. एम. से मेघा कुमारी, पंजाब केसरी से अर्चना सेठी तथा जनसत्ता से समाचार संपादक वंदना बत्रा ने भी अपने अनुभव साझा किए।</p><p><br></p><p>कार्यक्रम के अंत में अकादमी निदेशक, डॉ. चन्द्र त्रिखा ने समारोह में पधारे सभी अतिथियों, पत्रकार बन्धुओं एवं लेखकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जीवन में कुछ लम्हें ऐसे होते हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। अकादमी द्वारा आयोजित आज का यह सम्मेलन भी ऐसे ही लम्हों के रूप में सहेजा जाएगा। सफल एवं प्रभावी पत्रकारिता व्यक्ति की सृजनात्मक एवं बौद्धिक प्रतिभा की समृद्धि पर निर्भर करती है। इसलिए साहित्य और पत्रकारिता को एक दूसरे का पूरक कहा जाता है।</p><div><br></div> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/03/3_b52ce504e1a8b8f8ce9bb1cce4b5492b_1280X720.webp' length='62982' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला पत्रकार सम्मेलन का आयोजन, किया गया सम्मानित ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/video-of-milkman-selling-milk-on-harley-davidson-goes-viral-on-social-media-717193 ]]></guid><title><![CDATA[ 5 लाख की हार्ले  बाइक पर दूध बेचने निकला फरीदाबाद का दूधवाला, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/video-of-milkman-selling-milk-on-harley-davidson-goes-viral-on-social-media-717193 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 17 Jan 2023 16:04:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ milkman selling milk on Harley Davidson: इन दिनों एक दूधवाले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। आपने सड़कों पर बाइक से चल रहे दूधवालों को देखा होगा। अक्सर दूधवाले सड़कों पर साइकिल, बाइक के ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>milkman selling milk on Harley Davidson:</b> इन दिनों एक दूधवाले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। आपने सड़कों पर बाइक से चल रहे दूधवालों को देखा होगा। अक्सर दूधवाले सड़कों पर साइकिल, बाइक के जरिये घूम-घूमकर लोगों के घर जाकर दूध पहुंचाते नजर आ जाते हैं। अब आप सोच रहे होंगे इसमे कौन सी बड़ी बात है।</p><p>सोचिए अगर सुबह-सुबह आपके दरवाजे पर दूध बेचने वाला हार्ले डेविडसन (Harley Davidson)&nbsp; स्ट्रीट 750 मॉडल पर आए तो आपको रिएक्शन क्या होगा? जाहिर-सी बात है कि आप ये देखकर चौंक जाएंगे। इसकी कीमत इतनी ज्यादा है कि लाखों की सेलरी पाने वाले कई बाइक लवर्स के लिए इसे खरीदना सिर्फ सपना ही रह जाता है, लेकिन इस बाइक पर लोगों के घर घूम-घूम कर दूध बेच रहे एक शख्स को देखकर लोग हैरान हो रहे हैं।</p><blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned="" data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/reel/CmUArpYjpku/?utm_source=ig_embed&utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14" style=" background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:540px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"><div style="padding:16px;"> <a href="https://www.instagram.com/reel/CmUArpYjpku/?utm_source=ig_embed&utm_campaign=loading" style=" background:#FFFFFF; line-height:0; padding:0 0; text-align:center; text-decoration:none; width:100%;" target="_blank"> <div style=" display: flex; flex-direction: row; align-items: center;"> <div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 40px; margin-right: 14px; width: 40px;"></div> <div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center;"> <div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 100px;"></div> <div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 60px;"></div></div></div><div style="padding: 19% 0;"></div> <div style="display:block; height:50px; margin:0 auto 12px; width:50px;"><svg width="50px" height="50px" viewBox="0 0 60 60" version="1.1" xmlns="https://www.w3.org/2000/svg" xmlns:xlink="https://www.w3.org/1999/xlink"><g stroke="none" stroke-width="1" fill="none" fill-rule="evenodd"><g transform="translate(-511.000000, -20.000000)" fill="#000000"><g><path d="M556.869,30.41 C554.814,30.41 553.148,32.076 553.148,34.131 C553.148,36.186 554.814,37.852 556.869,37.852 C558.924,37.852 560.59,36.186 560.59,34.131 C560.59,32.076 558.924,30.41 556.869,30.41 M541,60.657 C535.114,60.657 530.342,55.887 530.342,50 C530.342,44.114 535.114,39.342 541,39.342 C546.887,39.342 551.658,44.114 551.658,50 C551.658,55.887 546.887,60.657 541,60.657 M541,33.886 C532.1,33.886 524.886,41.1 524.886,50 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style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; height: 12.5px; width: 12.5px; transform: translateX(9px) translateY(-18px);"></div></div><div style="margin-left: 8px;"> <div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 20px; width: 20px;"></div> <div style=" width: 0; height: 0; border-top: 2px solid transparent; border-left: 6px solid #f4f4f4; border-bottom: 2px solid transparent; transform: translateX(16px) translateY(-4px) rotate(30deg)"></div></div><div style="margin-left: auto;"> <div style=" width: 0px; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-right: 8px solid transparent; transform: translateY(16px);"></div> <div style=" background-color: #F4F4F4; flex-grow: 0; height: 12px; width: 16px; transform: translateY(-4px);"></div> <div style=" width: 0; height: 0; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-left: 8px solid transparent; transform: translateY(-4px) translateX(8px);"></div></div></div> <div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center; margin-bottom: 24px;"> <div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 224px;"></div> <div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 144px;"></div></div></a><p style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; line-height:17px; margin-bottom:0; margin-top:8px; overflow:hidden; padding:8px 0 7px; text-align:center; text-overflow:ellipsis; white-space:nowrap;"><a href="https://www.instagram.com/reel/CmUArpYjpku/?utm_source=ig_embed&utm_campaign=loading" style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:normal; line-height:17px; text-decoration:none;" target="_blank">A post shared by Amit Bhadana (@amit_bhadana_3000)</a></p></div></blockquote> <p>इस शख्स का नाम अमित भड़ाना है। गुरुग्राम के फरीदाबाद जिले के मोहब्ताबाद गांव में रहने वाले अमित को अब लोग हार्ले डेविडसन दूधवाला के नाम से जानते हैं। अमित पहले बैंक में नौकरी करते थे, लेकिन उन्होंने दूध के कारोबार के लिए नौकरी छोड़ दी। अमित हार्ले के अलावा एसयूवी गाड़ी, आईफोन जैसे लग्जरी चीजों का शौक रखते हैं।</p><p>अगर इस हार्ले डेविडसन स्ट्रीट 750 (Harley Street 750) बाइक की कीमत की बात करें तो इसकी कीमत 5 लाख रुपये से ज्यादा है। वहीं, इसकी माइलेज सिर्फ 24 किमी प्रति लीटर है। इतनी मंहगी बाइक पर दूध बेचना तो दूर लोग सड़क पर भी सौ बार सोचने के बाद निकालते हैं।&nbsp;</p><p>अमित भड़ाना ने कहा कि वो पहले होंडा बाइक पर दूध बेचते थे, लेकिन कुछ दिन से उनकी वो बाइक खराब थ। इसलिए वो मजबूरी में हार्ले पर दूध बेचने के लिए निकले थे। इस दौरान उन्होंने खुद इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर शेयर कर दिया था। अब ये वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। अब तक लाखों लोग इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर लाइक कर चुके हैं।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p>&nbsp;</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/01/Harley-Davidson-Milkman_90d855034c104add2af7cd5fd65f1523_1280X720.webp' length='54384' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ 5 लाख की हार्ले  बाइक पर दूध बेचने निकला फरीदाबाद का दूधवाला, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/burger-chachu-claims-to-made--biggest-burger-in-hoshiarpur-716823 ]]></guid><title><![CDATA[ भारत का सबसे बड़ा बर्गर! 40 किलो वजन...16 किलो सब्जियां और 6 किलो टिक्की-सॉस हुई इस्तेमाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/burger-chachu-claims-to-made--biggest-burger-in-hoshiarpur-716823 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 12 Jan 2023 18:22:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ होशियारपुर: आपने बर्गर इसे बनाने वाले तो बहुत देखे होंगे, वही बर्गर&nbsp; (Burger) जिसे आप दोनों हाथों से पकड़कर उसे मुंह में भींच लेते हैं और जमकर स्वाद लेते हैं। बर्गर नाम का लोकप्रिय व्यंजन आपको पू ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>होशियारपुर: </b>आपने बर्गर इसे बनाने वाले तो बहुत देखे होंगे, वही बर्गर&nbsp; (Burger) जिसे आप दोनों हाथों से पकड़कर उसे मुंह में भींच लेते हैं और जमकर स्वाद लेते हैं। बर्गर नाम का लोकप्रिय व्यंजन आपको पूरे देश में मिल जाएगा। लोग भी इसके बड़े शौकीन हैं।&nbsp;</p><p>अब जिस बर्गर के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। ऐसा बर्गर आपने कभी नहीं देखा होगा। पंजाब के होशियारपुर में एक शख्स ने देश का सबसे बड़ा बर्गर (biggest burger) बनाने का दावा किया है। इस बर्गर (burger) का वजन करीब 40 किलोग्राम बताया जा रहा है। अब यह बर्गर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। इस बर्गर के 'दर्शन' पाने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है।</p><p>'बर्गर चाचू' के नाम से मशहूर शख्स ने इस बर्गर को इस धरती पर अवतरित किया है। 12 किलो ब्रेड, 16 किलो सब्जियां, 6 किलो सॉस, 1 किलो पनीर और करीब 6 किलो की&nbsp; टिक्कियां इस बर्गर के अंदर घुसी हैं। अब बर्गर चाचू ने दावा किया है कि ये देश का सबसे बड़ा बर्गर है। इतना बड़ा बर्गर धरती पर इससे पहले कभी अवतरित नहीं हुआ है। हालांकि चाचू के इस बिग बर्गर के भारत का सबसे बड़ा बर्गर होने की पुष्टि किसी संस्था ने नहीं की है। ये दावा बर्गर चाचू ने खुद अपने स्तर पर लिया है।</p><p>बर्गर चाचू इस तरह के अजूबे समय समय पर बनाते रहते हैं। उनका दावा है कि आगे भी जनता जनार्दन के लिए इस तरह के अजूबे लाते रहेंगे और अपने हाथों कमाल दिखाना जारी रखेंगे। अब उन्होंने अपनी किचन प्रयोगशाला में एक और प्रयोग की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही इसे लोगों के सेवा में हाजिर किया जाएगा। वहीं, लोगों का कहना है कि ये 'चाचू जी' का बर्गर देखने में ही बड़ा नहीं है। इसका स्वाद भी बड़ा लजीज है।&nbsp;चाचू खाने की दुनिया के शंहशाह हैं।&nbsp;</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2023/01/biggest-burger_d2df15db1d30a09b8d7273869bb20c75_1280X720.webp' length='69696' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ भारत का सबसे बड़ा बर्गर! 40 किलो वजन...16 किलो सब्जियां और 6 किलो टिक्की-सॉस हुई इस्तेमाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/student-asked-for-a-fine-of-75-lakhs-from-youtube-in-the-supreme-court--court-imposed--fine-of-25-thousand-on-the-student-714210 ]]></guid><title><![CDATA[ ऑनलाइन पढ़ाई में अश्लील एड देखता रह गया छात्र, फेल होने पर कोर्ट में YOUTUBE से मांगा 75 लाख का जुर्माना ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/student-asked-for-a-fine-of-75-lakhs-from-youtube-in-the-supreme-court--court-imposed--fine-of-25-thousand-on-the-student-714210 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 09 Dec 2022 18:02:24 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ आजकल ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए छात्रों को पढ़ाई करने में ज्यादा कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। छात्रों को घर बैठे ही हर विषय की जानकारी और हर समस्या का समाधान घर बैठे निशुल्क मिल जाता है। इसके  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>आजकल ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए छात्रों को पढ़ाई करने में ज्यादा कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। छात्रों को घर बैठे ही हर विषय की जानकारी और हर समस्या का समाधान घर बैठे निशुल्क मिल जाता है। इसके लिए उन्हें किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है।</p><p>ऑनलाइन लेक्चर के दौरान कई ऐड भी आते हैं, जिन्हें छात्रों को जबरन देखने के लिए मजबूर भी होना पड़ता है। यूट्यूब पर उपलब्ध इन वीडियोज के बीच आने वाले विज्ञापनों में अश्लील कंटेंट भी होता है। यूट्यूब पर पढ़ाई करने वाले छात्र ने इस अश्लील एड को फेल होने का जिम्मेदार ठहराया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए यूट्यूब से 75 लाख रुपए का हर्जाना मांगा।</p><p>सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्टूडेंट की याचिका को सबसे घटिया याचिका करार देते हुए केस को खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट का समय बर्बाद करने के लिए स्टूडेंट पर 25 हजार रुपए का फाइन लगा दिया।</p><p>सुप्रीम कोर्ट में इसी मामले में जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अभय एस ओक की पीठ में गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान पीठ ने छात्र की याचिका पर नाराजगी जताते हुए याचिका को सबसे घटिया करार दिया इसे खारिज कर दिया। पीठ ने कहा, 'यदि आप विज्ञापन नहीं देखना चाहते तो न देखें। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि यह याचिका दिलचस्प तो है, लेकिन बेहद बेतुकी भी है।'</p><p>दरअसल मध्य प्रदेश का छात्र आनंद प्रकाश चौधरी यूट्यूब की मदद से एमपी पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन एजुकेशनल वीडियो से पढ़ाई करता था। कई बार वीडियो के बीच में अश्लील विज्ञापन भी आते रहते थे। इसी के चलते आनंद प्रकाश का पढ़ाई से मन भटकता था।&nbsp;</p><p><br></p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2022/12/supreme-court_5cdd534d22742f71755231c6c919a38f_1280X720.webp' length='45739' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ ऑनलाइन पढ़ाई में अश्लील एड देखता रह गया छात्र, फेल होने पर कोर्ट में YOUTUBE से मांगा 75 लाख का जुर्माना ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv//two-mechanics-convert-scooty-into-hybrid-mode-in-farrukhabad-713156 ]]></guid><title><![CDATA[ इस चमत्कार को नमस्कार! पेट्रोल खत्म होने के बाद स्कूटी को नहीं लगाना पड़ेगा धक्का ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv//two-mechanics-convert-scooty-into-hybrid-mode-in-farrukhabad-713156 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 25 Nov 2022 12:34:48 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ फर्रुखाबाद/ज्ञानेंद्र शुक्ला: पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी का फ्यूल खत्म हो जाए तो उसे धक्का ही लगाना पड़ेगा। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की चार्जिंग खत्म होने पर भी यही प्रॉब्लम होगी, लेकिन फर्रूखाबाद के दो  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>फर्रुखाबाद/ज्ञानेंद्र शुक्ला:</b> पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी का फ्यूल खत्म हो जाए तो उसे धक्का ही लगाना पड़ेगा। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की चार्जिंग खत्म होने पर भी यही प्रॉब्लम होगी, लेकिन फर्रूखाबाद के दो लोगों ने पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी को हाइब्रिड मोड में कन्वर्ट कर दिया है। यानी जरूरत के हिसाब से अपनी मर्जी से स्कूटी को इलेक्ट्रिक चार्जिंग या पेट्रोल से दौड़ा सकते हैं।</p><p>फर्रुखाबाद जिले में दो लोगों ने तरकीब निकालकर पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी को इलेक्ट्रिक व्हीकल भी बना दिया यानी मर्जी हो स्कूटी को चार्ज की गई बैटरी से चलाएं. जब चार्ज खत्म हो जाए तो एक क्लिक में पेट्रोल से दौड़ाएं। किसी भी हालत में ड्राइवर को रुकना नहीं पड़ेगा और महंगे पेट्रोल से राहत भी मिलेगी।</p><p>स्कूटी के पेट्रोल मॉडल को इलेक्ट्रिक हाइब्रिड अवतार में तब्दील करने वाले फर्रूखाबाद के&nbsp; निनोआ गांव निवासी श्रीकांत और अंकित हैं, जब पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 100 रुपये के पार गई तो युवाओं ने हाइब्रिड व्हीकल बनाने की ठान ली। बाजार में उपलब्ध एक बड़े ब्रांड की स्कूटी को हाइब्रिड रूप में बदल दिया। श्रीकांत और अंकित ने बताया कि उनकी मॉडिफॉई की गई स्कूटी का इंजन एक स्विच के जरिये ही पेट्रोल इंजन से बैटरी मोटर पर चला जाता है।</p><p>अंकित ने बताया कि हाइब्रिड स्कूटी बनाने के लिए उन्होंने पेट्रोल से चलने वाली गाड़ी में कई बदलाव किए. स्कूटी में 60 वोल्ट की बैटरी और 1000 वॉट का मोटर लगाया गया। इसका मोटर पुरानी स्कूटी के पार्ट्स निकालकर बनाया गया है। इस स्कूटी को हाइब्रिड बनाने में करीब 50 हजार रुपये का खर्च आया है। श्रीकांत और अंकित का दावा है कि यह बैटरी करीब 3 साल चलेगी। दोनों युवाओं ने यह गाड़ी करीब 15 दिन में तैयार की है।</p><p>उन्होंने बताया कि उनकी मॉडिफाई स्कूटी करीब 60 किलोमीटर तक बैटरी से चलती है, जब बैटरी खत्म हो जाती है, ड्राइवर एक स्विच ऑन कर इसे पेट्रोल के सहारे चला सकता है।</p><p>गाड़ी के आगे हिस्से में एक बॉक्स में बैटरी रखी गई है और पिछले पहिए में एक मोटर लगाई गई है। गाड़ी में डिस्प्ले भी लगाया गया है, जिससे पता चलता है कि बैटरी चार्ज है कि नहीं। यह डिस्प्ले बैटरी का चार्ज स्टेटस भी बताता है। श्रीकांत और अंकित का मानना है कि जो पुरानी गाड़ियां हैं, उसे भी हाइब्रिड मॉडल में मॉडिफाई किया जा सकता है। ऐसे वाहन एनवायरनमेंट को भी प्रदूषण से मुक्त रखते हैं।&nbsp;</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2022/11/scooty_5feea9de3b5b548dc1f64f33acc29f4e_1280X720.webp' length='44724' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ इस चमत्कार को नमस्कार! पेट्रोल खत्म होने के बाद स्कूटी को नहीं लगाना पड़ेगा धक्का ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/farmer-used-black-mask-to-drive-away-monkeys-in-hapur-of-up-712837 ]]></guid><title><![CDATA[ बंदरों से परेशान किसान ने खुद धारण कर लिया बंदर का रूप, सुपरहिट हुआ आईडिया ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/farmer-used-black-mask-to-drive-away-monkeys-in-hapur-of-up-712837 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 21 Nov 2022 11:41:09 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हापुड़/ज्ञानेंद्र शुक्ला: जनपद हापुड़ में बंदरों के बढ़ते आतंक के चलते एक व्यक्ति खुद ही बंदर बन गया, जिसे देख कर बंदरों में भगदड़ मच गई। इस दौरान बंदर बने व्यक्ति को देखकर बंदर पेड़ों पर चढ़ गए और भाग  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>हापुड़/ज्ञानेंद्र शुक्ला:</b> जनपद हापुड़ में बंदरों के बढ़ते आतंक के चलते एक व्यक्ति खुद ही बंदर बन गया, जिसे देख कर बंदरों में भगदड़ मच गई। इस दौरान बंदर बने व्यक्ति को देखकर बंदर पेड़ों पर चढ़ गए और भाग खड़े हुए। बंदर को भगाने के इस तरीके की वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।</p><p>इस वीडियो के बाद हमारे सवांददाता ने इसकी पड़ताल की तो इनकी पहचान ग्राम भोवापुर के ओमकार यादव के रूप में हुई। ये अपनी गन्ने की फसल को बंदरो से बचाने के लिए काले बंदर का मुखोटा बाजार से खरीद कर लाए और बंदरो को भगाने में जुट गए। इसका रिजल्ट भी अच्छा दिखा। बंदर इनको देखकर दूर भाग जाते हैं।</p><p>आपको बता दें कि जनपद हापुड़ में बंदरों का आतंक दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है इनके उत्पात से हर कोई परेशान है। अभी तक तो शहर पर गांव में घरों में रहने वाले लोग इन बंदरों से परेशान थे, लेकिन अब किसानों को भी इन बंदरों से दो चार होना पड़ रहा है। यह बंदर किसानों के खेतों में पहुंच पहुंच कर उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं ऐसे में तीर्थ नगरी में एक किसान ने बंदरों के बढ़ते आतंक से निजात पाने के लिए एक अनोखा रास्ता अपनाया है।&nbsp;</p><p>बंदरों से तंग आकर ओमप्रकाश यादव बंदर का काला मुखौटा बाजार से ले आए और उसे लगाकर बंदरों के बीच पहुंच गए। हाथ में गुलेल और चेहरे पर अजीब सा मुखौटा देख बंदर भाग खड़े हुए। अब बृजघाट में ओमप्रकाश की चर्चा चारों तरफ है, जिसे देखकर बंदर पेड़ों पर चढ़ जाते हैं। तो वही स्थानीय लोगों में नगर पालिका परिषद गढ़मुक्तेश्वर के प्रति बेहद नाराजगी भी है।&nbsp;</p><p>लोगों का कहना है कि बंदरों का उत्पात बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगरपालिका का इस ओर ध्यान ही नहीं है। ऐसे में अधिकारियों के ढुलमुल रवैए से वह बेहद नाराज हैं। मजबूरन एक व्यक्ति को मुखौटा लगाकर खुद ही मैदान में उतरना पड़ा। तो वही सारे मामले में जब हमने जिला विकास अधिकारी से बात की तो उन्होंने बताया कि बंदरों का प्रकोप इस समय अधिक देखा जा रहा है। इसके लिए एक लंगूर की तैनाती बृजघाट में की जाएगी।</p><p>मास्क लगाकर बंदरों को भगाने के बारे में किए गए सवाल पर जिला विकास अधिकारी ने कहा कि अगर इस काम से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है तो इसको आगे भी जारी रखना चाहिए। करना चाहिए।</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2022/11/hapur_3170641a683c576dd5338aca69c50dd5_1280X720.webp' length='77167' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ बंदरों से परेशान किसान ने खुद धारण कर लिया बंदर का रूप, सुपरहिट हुआ आईडिया ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/people-made-the-deceased-rajbir-sarpanch-of-jandheri-village-of-karnal-in-panchayat-election-712386 ]]></guid><title><![CDATA[ कुरुक्षेत्र में लोगों ने मरे हुए प्रत्याशी को जीतवाकर बना दिया सरपंच, मौत के बाद भी खुलकर दिए वोट ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/people-made-the-deceased-rajbir-sarpanch-of-jandheri-village-of-karnal-in-panchayat-election-712386 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 15 Nov 2022 10:49:26 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ कुरुक्षेत्र/अशोक यादव: जिला में 12 नवंबर को पंचायत चुनाव हुए थे। इस चुनाव में एक प्रत्याशी को मौत के बाद ही सरपंच बना दिया गया। शाहाबाद के जनदेड़ी में सरपंच पद के प्रत्याशी को मौत के बाद भी लोगों ने स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>कुरुक्षेत्र/अशोक यादव:</b> जिला में 12 नवंबर को पंचायत चुनाव हुए थे। इस चुनाव में एक प्रत्याशी को मौत के बाद ही सरपंच बना दिया गया। शाहाबाद के जनदेड़ी में सरपंच पद के प्रत्याशी को मौत के बाद भी लोगों ने सरपंच बना दिया। सरपंच पद के प्रत्याशी का ब्रेन हेमरेज के कारण निधन हो गया था।</p><p>बता दें कि प्रत्याशी राजबीर सिंह ने सरपंच पद के लिए नामांकन किया था। राजबीर सिंह ने&nbsp; चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था, लेकिन इसी बीच राजबीर को ब्रेन हेमरेज हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान राजबीर की मौत हो गई। राजबीर की मौत के बाद भी ग्रामीणों ने मृतक प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर मतदान किया और उसे जितवा भी दिया।</p><p>राजवीर की पत्नी रजनी ने कहा कि राजबीर पहले भी चुनाव जीत चुके थे। इस बार प्रचार के दौरान ब्रेन हेमरेज से उनकी मौत हो गई थी। उनकी जीत के अब कोई मायने नहीं हैं। गांव वालों ने उनकी मौत के बाद भी उन्हें वोट दिया इसके लिए उनका धन्यावाद।&nbsp;&nbsp;</p><p>प्रत्याशी की मृत्यु के बाद चुनाव कराए जाने की प्रक्रिया को लेकर जब DDPO प्रताप सिंह से बात की तो उन्होंने बताया की गांव में सरपंच पद के लिए 3 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें से राजबीर सिंह की मौत हो चुकी थी, लेकिन अभी भी 2 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला था। ऐसे में अब राजबीर सिंह की जीत हुई है, जो इस दुनिया में नहीं है। इसकी रिपोर्ट स्टेट इलेक्शन कमीशन को भेजी जाएगी और अगले 6 महीने में दोबारा चुनाव कराए जाएंगे।&nbsp;&nbsp;</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2022/11/rajbeir_3ba9025883d726454495b462bd0e5b27_1280X720.webp' length='46494' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ कुरुक्षेत्र में लोगों ने मरे हुए प्रत्याशी को जीतवाकर बना दिया सरपंच, मौत के बाद भी खुलकर दिए वोट ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/sheru-sweety-wedding-sheru-dog-married-sweety-female-dog-in-gurugram-712249 ]]></guid><title><![CDATA[ 'शेरू ते स्वीटी दी शादी और मोहल्ला बाराती', डॉगी अपनी 'दुल्हन' के साथ लेगा सात फेरे...पंडित पड़ेगा मंत्र ]]></title><link><![CDATA[ https://www.ptcnews.tv/hindi-news/sheru-sweety-wedding-sheru-dog-married-sweety-female-dog-in-gurugram-712249 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 13 Nov 2022 11:33:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गुरुग्राम/नीरज वशिष्ठ: साइबर सिटी में शेरू (कुत्ता) ते स्वीटी (फीमेल डॉग) दी शादी शहर भर में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसके लिए पालम विहार एक्सटेंशन की गली नंबर-3 में बीते दो दिन से हल्दी,मेहंदी की र ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>गुरुग्राम/नीरज वशिष्ठ: </b>साइबर सिटी में शेरू (कुत्ता) ते स्वीटी (फीमेल डॉग) दी शादी शहर भर में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसके लिए पालम विहार एक्सटेंशन की गली नंबर-3 में बीते दो दिन से हल्दी,मेहंदी की रस्म को गाजे बाजे के साथ मनाया जा रहा है। शेरू और स्वीटी की शादी 13 नवम्बर यानी कल रविवार को होगी, जिसके लिए बैंड बाजा मंडप सब तैयार है।&nbsp;</p><p>शादी में बाकायदा 100 लोगो को कार्ड बांट कर निमंत्रण भी दिया गया है। दोनों की शादी को विधिवत तरीक़े से सम्पन्न करवाया जाए इसके लिए पंडित को भी बुलाया गया है। शेरू और स्वीटी की शादी में सात फेरे भी करवाएं जाएंगे।</p><p>स्वीटी को पालने वाली रानी ने कहा कि उनकी शादी के बाद उनके बच्चे नहीं हुए और उनके पति इसी अकेलेपन को दूर करने के लिए 3 साल पहले स्वीटी को मंदिर से उठा कर लाये थे। तभी से उन्होंने स्वीटी को बच्चों की तरह पाला। वहीं, शेरू को पालने वाले परिवार की ने कहा कि शेरू 8 साल का है और उनके बच्चे जब छोटे थे तो उनके साथ खेल खेल कर बड़ा हुआ है। यह दोनों हमारे परिवार के बेटा और बेटी की तरह हैं। स्वीटी को पालने वाली रानीने कहा कि स्वीटी की शादी के बहाने उन्हें कन्यादान करने का मौका मिला है।</p><p>जहां दिल्ली-एनसीआर में कुत्तों के हमलों के कारण कभी बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और गार्ड घायल हो रहे हैं। सरकारें कुत्तों के पालने को लेकर गाइडलाइन जारी कर रही हैं। तो वहीं, दूसरी और शेरू ते स्वीटी दी शादी ने इंसान और जानवर के असीम प्यार को उजागर करने में लगे हैं।</p> ]]></content:encoded><enclosure url='https://media.ptcnews.tv/wp-content/uploads/2022/11/wedding_7eb1a1d9b65d30f006b6bce3a5ceb213_1280X720.webp' length='59241' type='image/jpeg' /><media:description type='plain'><![CDATA[ 'शेरू ते स्वीटी दी शादी और मोहल्ला बाराती', डॉगी अपनी 'दुल्हन' के साथ लेगा सात फेरे...पंडित पड़ेगा मंत्र ]]></media:description></item></channel></rss>
