राजनीति

अखिलेश यादव और आजम खान छोड़ेंगे विधायक पद! इस वजह से लेंगे ये बड़ा फैसला

By Vinod Kumar -- March 12, 2022 12:51 pm

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है। यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से 255 सीटों पर फतह हासिल की है। वहीं, समाजवादी पार्टी के खाते में 111 सीटें आई हैं। इसके अलावा अपना दल (सोनेलाल) ने 12 सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस ने 2 और बसपा के खाते में सिर्फ 1 सीट ही आई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल की झोली में 6-6 सीटें आई हैं। वहीं, राष्ट्रीय लोक दल के खाते में 8 और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक 2 सीटों पर विजयी हुई है।

इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि अखिलेश यादव और पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान लोकसभा सदस्यता नहीं छोड़ेंगे। दोनों अगर अपने सांसद पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें विधायक पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।

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इसके पीछे की वजह है लोकसभा में सपा का कमजोर होना। अभी लोकसभा में समाजवादी पार्टी के केवल 5 सदस्य हैं और सियासी माहौल को देखते हुए पार्टी लोकसभा में कमजोर नहीं होना चाहती है। ऐसे में अखिलेश यादव और आजम खान विधानसभा सदस्य से इस्तीफा दे सकते हैं।

Azam Khan 1

2022 के विधानसभा चुनावों में अखिलेश यादव को करहल से विधायक चुना गया है। भारतीय जनता पार्टी को भले ही वेस्ट यूपी में बेहतर रिजल्ट मिला हो लेकिन वह जेल में बंद रामपुर के सपा सांसद आजम खान (azam khan) के सियासी गढ़ को नहीं भेद पाई। सांसद रहते जेल से रामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े आजम खां बीजेपी की तमाम घेराबंदी के बाद भी कमल नहीं खिल सका। नौ बार विधायक रहे आजम खां एक बार फिर जीत गए हैं। इस सीट पर बीजेपी ने आकाश सक्सेना का टिकट दिया था।

SP President Akhilesh Yadav and Azam Khan may resign from the post of MLA

आकाश सक्सेना की तरफ से आजम के खिलाफ कई एफआईआर लिखाई हुई है। जिनकी वजह से वह सीतापुर जेल में बंद हैं। आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम भी स्वार सीट से जीत गए हैं। बाप बेटे सपा रालोद गठबंधन के प्रत्याशी थे। रामपुर में आजम ने पूर्व मंत्री कांग्रेस उम्मीदवार नवाब काजिम अली को हराया और उनके बेटे ने काजिम के बेटे हमजा को मात दी। हमजा बीजेपी अपना दल गठबंधन से कैंडिडेट थे।

अब आजम खान और अखिलेश यादव सांसद भी हैं और विधायक भी। दोनों को एक या तो सांसद या फिर विधायक पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। दोनों के इस्तीफें के बाद यूपी में फिर से उपचुनाव होंगे। चुनाव आयोग ये चुनाव गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनावों के साथ करवा सकता है।

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