राजनीति

किसान आंदोलन में खाली पड़े टेंटों को भरने के लिए जत्थेबंदियों की कवायद शुरू, लगाई गई ड्यूटियां

By Vinod Kumar -- November 23, 2021 5:11 pm -- Updated:Feb 15, 2021

झज्जर: दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन में खाली पड़े टेंटों को भरने के लिए एक बार फिर से किसान जत्थेबंदियों ने कवायद शुरू कर दी है। टिकरी बॉर्डर पर भारी संख्या में किसानों की ऐसी झोपड़िया हैं जिन पर ताले लटके हुए हैं। किसान आंदोलन स्थल छोड़कर वापस घर लौट चुके हैं । इन झोपड़ियों को भरने के लिए किसान जत्थे बंदियों ने नया एक्शन प्लान तैयार किया है।

इसके लिए हरियाणा और पंजाब के किसानों की बॉर्डर पर पहुंचने के लिए ड्यूटी लगाई गई है। 26 नवंबर को दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन को 1 साल पूरा होने जा रहा है। ऐसे में किसान नेता मंच से किसानों को आंदोलन का लेखा जोखा देंगे जिसमें आंदोलन के दौरान किसानों ने क्या खोया और क्या पाया , इसकी जानकारी उन्हें दी जाएगी। भारतीय किसान यूनियन के महासचिव परगट सिंह का कहना है कि किसान 26 नवंबर को आंदोलन की जीत का जश्न मनाएंगे और जो झोपड़ियां खाली पड़ी है, वह एक बार फिर से भर जाएंगी।

बता दें कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद धरने पर बैठे कुछ किसानों ने घर वापसी कर ली है। केंद्र और हरियाणा सरकारें भी किसानों से घर वापस जाने की अपील कर रही हैं, लेकिन किसान नेताओं और संगठनों ने कृषि कानूनों की वापसी के बाद भी किसान आंदोलन को जारी रखने का फैसला किया है। किसान आंदोलन में तय कार्यक्रमों की तैयारी पहले की तरह चल रही हैं। किसान संगठन अब सरकार से एमएसपी कानून बनाने की मांग सरकार से कर रहे हैं।

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