हरियाणा

अग्निपथ योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर, केंद्र सरकार ने दायर की केवियट

By Vinod Kumar -- June 21, 2022 2:13 pm

सेना के लिए लागू की गई केंद्र सरकार की नई स्कीम अग्निपथ स्कीम का लगातार विरोध हो रहा है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। अग्निपथ स्कीम के खिलाफ तीन याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर हो चुकी है। केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखना के लिए केवियट कोर्ट में दाखिल की है।

पहली दो याचिकाएं एडवोकेट विशाल तिवारी और एमएल शर्मा ने दायर की है। वहीं, सोमवार को एडवोकेट हर्ष अजय सिंह ने तीसरी याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में दखल दे। वहीं, कोर्ट में केवियट फाइल करते हुए केंद्र सरकार ने कहा है कि इस मुद्दे पर कोई भी फैसला लेने से पहले केंद्र सरकार का पक्ष भी जरूर सुना जाना चाहिए।

कोर्ट में किसी पक्ष की ओर से यदि किसी मामले में केवियट दाखिल करता है तो मामले में कोई भी आदेश उस केवियट दाखिल करने वाले पक्ष को सुने बिना नहीं दिया जा सकता है। ऐसे में अब केंद्र को इस बात का डर नहीं होगा कि सुप्रीम कोर्ट योजना पर रोक का एकतरफा आदेश दे देगा।

वहीं, थल सेना में अग्निपथ योजना के तहत नई भर्ती के लिए सेना की तरफ कल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। अग्निवीरों की भर्ती के लिए जुलाई में पंजीकरण शुरू हो जाएगा। थल सेना में अग्निवीरों की पांच अलग-अलग कैटेगरी होंगी। जनरल ड्यूटी, टेक्निकल (एविएशन/एम्युनेशन/एग्जामनर), क्लर्क, ट्रैडसमैन की दो कैटेगरी टेक्निकल और एक सामान्य कैटेगरी होगी। भारतीय सेना के नोटिफिकेशन के मुताबिक, 8वीं और 10वीं पास युवा भी इसमें आवेदन कर सकते हैं।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही सरकार ने सेना में अग्निपथ स्कीम लॉन्च की है। इसके तहत सेना में 17 से 21 साल के युवाओं को अग्निवीर के तौर पर भर्ती किया जाएगा। 4 साल के बाद 75 प्रतिशत युवाओं को रिटायर किया जाएगा एवं 25 प्रतिशत को बहाल किया जाएगा। रिटायर होने वाले सैनिकों को 11 लाख से अधिक की सेवानिधि दी जाएगी। इन्हें पेंशन या ग्रेजुएटी का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा सैनिकों को मिलने वाली कैंटीन की सुविधा भी अग्नीवीरों को नहीं मिलेगी।

 

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