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Bribery scandal: रिश्वत मामले में पंजाब पुलिस की पूर्व  DSP राका गेरा दोषी करार, CBI को घर से मिले थे 90 लाख कैश

Reported by:  PTC News Desk  Edited by:  Rahul Rana -- February 06th 2024 09:56 AM
Bribery scandal: रिश्वत मामले में पंजाब पुलिस की पूर्व  DSP राका गेरा दोषी करार, CBI को घर से मिले थे 90 लाख कैश

Bribery scandal: रिश्वत मामले में पंजाब पुलिस की पूर्व  DSP राका गेरा दोषी करार, CBI को घर से मिले थे 90 लाख कैश

ब्यूरो : रिश्वत मामले में मोहाली के पूर्व डीएसपी राका गेरा को दोषी करार दिया गया है। 13 साल पुराने रिश्वत मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने यह फैसला सुनाया है। जिसके बाद 7 फरवरी को राका गेरा को सजा सुनाई जाएगी।

बता दें कि चंडीगढ़ डीएसपी के घर से सीबीआई रिश्वत मामले के बाद छापेमारी के दौरान नकदी, शराब और हथियार मिले थे। मोहाली के पूर्व डीएसपी राका गेरा को 1 लाख रुपये रिश्वत मामले में सोमवार को विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी पाया, जिस पर बुधवार 7 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। फैसले के बाद राका गेरा को हिरासत में ले लिया गया है। उनके खिलाफ 2011 में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। तब से यह मामला चंडीगढ़ कोर्ट में चल रहा था।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई पर 5 साल की रोक लगा दी थी
हालांकि, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पर करीब 5 साल के लिए रोक लगा दी थी। लेकिन अगस्त 2023 में प्रतिबंध हटा लिया गया और मामला जारी रहा। उस वक्त राका गेरा के घर पर भी सीबीआई ने छापेमारी की थी। उनके घर से सीबीआई को भारी मात्रा में नकदी, 53 बोतल शराब और बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस बरामद हुए थे।

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घर से 90 लाख कैश मिला
सीबीआई के मुताबिक राका गेरा के घर से उन्हें करीब 90 लाख रुपये की नकदी मिली। इस मामले में राका के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर भी दर्ज की गई थी। 2017 में इस मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राका को एक साल जेल की सजा सुनाई थी।

हालाँकि, उन्होंने सजा के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील दायर की। 2019 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था। गेरा को सेक्टर-15 स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। उन पर मुल्लांपुर के एक बिल्डर ने रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। हालांकि कोर्ट में गवाही के दौरान उन्होंने गवाही देने से इनकार कर दिया, लेकिन फिर भी पूर्व डीएसपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले। शिकायतकर्ता के साथ उनकी बातचीत की प्रतिलिपि और फुटेज भी है, जिससे साबित होता है कि उन्होंने रिश्वत मांगी थी।

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