सीमा पर संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाने की योजना: DG खुरानिया
बीएसएफ पश्चिमी कमान मुख्यालय के विशेष महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया ने बताया कि बीएसएफ पहले सीमा पर तैनात थी, अब पंजाब पुलिस के साथ सामंजस्य बनाकर संदिग्ध क्षेत्रों में नाकाबंदी की जा रही है।
चंडीगढ़: बीएसएफ पश्चिमी कमान मुख्यालय के विशेष महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया ने सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि बीएसएफ पहले सीमा पर तैनात थी, अब पंजाब पुलिस के साथ सामंजस्य बनाकर संदिग्ध क्षेत्रों में नाकाबंदी की जा रही है। इसके साथ ही सीमा पर संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाने की योजना है। यही नहीं ड्रोन को कैसे डील करना है, इसको लेकर भी मानंदड तय किए गए हैं।
ड्रोन के जरिये मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी बढ़ीः खुरानिया
विशेष महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया ने बताया कि पिछले कुछ सालों में ड्रोन के जरिये मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी बढ़ी है। ड्रोन की चुनौती से निपटने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है और जवानों को विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस साल 95 ड्रोन को जब्त किया है। बीएसएफ ने कुछ इलाकों और लोगों को भी चिह्नित किया है, जो ड्रोन के माध्यम से तस्करी में संलिप्त हैं।
75 संदिग्ध तस्करों को किया नजरबंद
विशेष महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि हमारा मकसद सिर्फ ड्रोन गिराना नहीं बल्कि यह जांच करना भी कि ड्रोन कहां से आया किसने मंगवाया है। पहले बड़े साइज के ड्रोन इस्तेमाल हो रहे थे, जिसमें 4- 5 किलो भार उठाने की क्षमता थी। मगर पिछले 3 महीने में बदलाव आया है अब छोटे ड्रोन इस्तेमाल हो रहे हैं। पंजाब में बदलते मौसम और बढ़ती धुंध में तस्करी की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए तरनतारन, फिरोजपुर एवं फाजिल्का के 75 संदिग्ध तस्करों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत नजरबंद किया जाएगा
सीमा की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी
विशेष महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया ने बताया कि पिछले एक साल में दूसरी एजेंसियों के साथ बीएसएफ ने सामंजस्य बढ़ाते हुए सीमा पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया है। कहीं भी सीमा विवाद नहीं है, सीमा की सुरक्षा करना सब की जिम्मेदारी है। पंजाब में सीमा पर जो किसान हैं वो बीएसएफ का सहयोग करते हैं और जानकारी भी साझा करते हैं। पंजाब में बीएसएफ का दायरा जो 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया गया था उससे काफी लाभ हुआ है क्योंकि ड्रोन अब सीमा को पार करके 5-6 किलोमीटर अंदर जा रहे हैं।