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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर CM सैनी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- आज का दिन याद दिलाता है कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज पंचकूला स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पंचकमल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित ’समर्पण दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

Reported by:  PTC News Desk  Edited by:  Baishali -- February 11th 2026 06:44 PM
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर CM सैनी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- आज का दिन याद दिलाता है कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर CM सैनी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- आज का दिन याद दिलाता है कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं

ब्यूरो: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज पंचकूला स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पंचकमल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित ’समर्पण दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर आज पूरा देश समर्पण दिवस मना रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन यह याद दिलाता है कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसे राजनेता थे, जिन्हें सत्ता में कोई आकर्षण नहीं था। फिर भी वे अपने अनुयायियों के दिलों पर राज करते थे। वे ईमानदारी की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने दलगत राजनीति से परे राष्ट्र-सेवा को सर्वोपरि माना। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय जीवन-दर्शन, भारतीय रीति-नीति और महान संस्कृति, महान परंपराओं और सामाजिक ताने-बाने के अनुरूप ’एकात्म मानववाद’ और ’अंत्योदय’ जैसे कालजयी सिद्धांतों का प्रतिपादन किया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति का मूल्यांकन शिखर पर खड़े व्यक्ति से नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की स्थिति से होना चाहिए। गांव, गरीब, किसान, वंचित, पीड़ित, शोषित और आदिवासी, यही उनके चिंतन के केंद्र में थे। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति सशक्त नहीं होगा, तब तक राष्ट्र सशक्त नहीं हो सकता। 


नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने अंत्योदय के सिद्धांत के अनुरूप ’सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मूल मंत्र दिया है। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया है। गरीबों को आवास, शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, बिजली और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के अभियान हों या देश की 80 करोड़ जनता को मुफ्त राशन देने की योजना, ये सभी प्रयास पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को व्यवहार में उतारने के उदाहरण हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में भी ’अंत्योदय दर्शन’ पर चलते हुए गरीब से गरीब व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए भोजन, कपड़ा, आवास, शिक्षा एवं चिकित्सा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गरीब कल्याण के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए है। प्रदेश में 41 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 14 लाख 50 हजार परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलैण्डर दिया जा रहा है। गरीब के सिर पर अपनी छत हो, यह सपना पूरा करने के लिए ’प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत 1 लाख 56 हजार मकान दिए गए हैं। साथ ही ’मुख्यमंत्री आवास योजना’ के तहत शहरों व गांवों में 27 हजार से अधिक गरीब परिवारों को प्लॉट दिए हैं। ’अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना’ के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति एवं टपरीवास जाति के लोगों को मकान मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जिसके तहत अब तक 76 हजार 985 लाभार्थियों को 416 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में उठाए गए अभूतपूर्व कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी गरीब व्यक्ति धन के अभाव में इलाज से वंचित ना रहे इसके लिए ’आयुष्मान भारत-चिरायु योजना’ के तहत 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज सुविधा दी जा रही है। अब तक लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की लागत से 27 लाख लोगों का मुफ्त इलाज करवाया गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जो संकल्प लिया था, उसे पूरा करते हुए किडनी के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा थैलेसीमिया व हीमोफीलिया से पीड़ित रोगियों को भी 3 हजार रुपये मासिक वित्तीय सहायता दी जा रही है। 

प्रदेश में बहन-बेटियों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की शुरूआत की है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये दिये जाते हैं। अब तक चार किस्तों में 9 लाख 22 हजार से अधिक बहन-बेटियों को 634 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल ही उन्होंने योजना की चैथी किस्त के रूप में लाभार्थी बहनों के खातों में 193 करोड़ रुपये की राशि डाली है। इसी प्रकार बुढ़ापा, विधवा, दिव्यांग व अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश में सर्वाधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने वाला पहला राज्य हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सामाजिक उत्थान की दिशा में, ’मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 71 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। सबको शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने 1 लाख 80 हजार रुपये से कम आय वाले गरीब परिवारों के विद्यार्थियों के लिए भी 12वीं कक्षा तक मुफ्त पुस्तकें, वर्दी व लेखन सामग्री देने का प्रावधान किया है। इन विद्यार्थियों को कोई फीस भी नहीं देनी होगी। इसी प्रकार ऐसे परिवारों की कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली बेटियों से भी फीस नहीं ली जाती।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को अपने आचरण, निर्णयों और कार्यों में आत्मसात करें और राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और अंत्योदय के मार्ग से कभी विचलित ना हो। यहीं उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 

इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, जिलाध्यक्ष अजय मित्तल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल, कार्यक्रम के संयोजक अमरेंद्र, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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