देव समाज कॉलेज ऑफ एजुकेशन में चेवनिंग स्कॉलरशिप पर जागरूकता सत्र आयोजित...
चंडीगढ़ : ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन, चंडीगढ़ ने देव समाज कॉलेज ऑफ एजुकेशन, सेक्टर-36, चंडीगढ़ और युवसत्ता के सहयोग से आज यानि मंगलवार को चेवनिंग स्कॉलरशिप और फेलोशिप पर एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य छात्रों और युवाओं को यूनाइटेड किंगडम में उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में जानकारी देना और क्षेत्र में बढ़ रहे वीज़ा एवं इमिग्रेशन धोखाधड़ी के मामलों के प्रति जागरूक करना था।

इस सत्र को ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर, चंडीगढ़ अल्बा स्मेरीग्लियो, देव समाज कॉलेज ऑफ एजुकेशन की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. ऋचा शर्मा, ब्रिटिश हाई कमीशन के सीनियर एडवाइजर (पॉलिटिकल, मीडिया एवं माइग्रेशन) राजिंदर एस नगरकोटी, तथा वरिष्ठ अधिवक्ता एवं चेवनिंग एलुमनाई डॉ. सुकांत गुप्ता ने संबोधित किया। कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया और वक्ताओं से संवाद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर अल्बा स्मेरीग्लियो ने चेवनिंग स्कॉलरशिप कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह यूके सरकार की प्रमुख वैश्विक छात्रवृत्ति योजना है, जिसके तहत उत्कृष्ट प्रतिभा वाले छात्रों और पेशेवरों को यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में एक वर्ष का मास्टर डिग्री कार्यक्रम पूरी तरह वित्तपोषित रूप में करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि चेवनिंग ऐसे युवाओं को तलाशता है जिनमें नेतृत्व क्षमता हो और जो अपने समाज और देश में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता रखते हों।

उन्होंने छात्रों को यूके में उपलब्ध विविध शैक्षणिक और शोध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया और बताया कि चेवनिंग कार्यक्रम ने दुनिया भर में नेतृत्वकर्ताओं और पेशेवरों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में चेवनिंग एलुमनाई का एक सशक्त समुदाय है, जो नीति-निर्माण, कानून, मीडिया, व्यवसाय, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस अवसर पर राजिंदर एस नगरकोटी ने ब्रिटिश हाई कमीशन द्वारा चलाए जा रहे ‘वीज़ा फ्रॉड से बचें’ जागरूकता अभियान के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसे एजेंटों के झांसे में आ जाते हैं जो गारंटी वीज़ा या अवैध तरीकों से विदेश भेजने का झूठा वादा करते हैं। नगरकोटी ने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें, किसी भी अनधिकृत एजेंट को अपने दस्तावेज़ न दें और वीज़ा आवेदन के लिए हमेशा वैध प्रक्रियाओं का ही पालन करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी ही ऐसे धोखाधड़ी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
डॉ. सुकांत गुप्ता, जो कि वरिष्ठ अधिवक्ता और चेवनिंग एलुमनाई हैं, ने यूके में चेवनिंग कार्यक्रम के तहत अपने अध्ययन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस छात्रवृत्ति ने उनके पेशेवर दृष्टिकोण को व्यापक बनाया और उन्हें विश्वभर के विद्वानों और नेताओं के साथ जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने अपने कानूनी अनुभव के आधार पर यह भी बताया कि वीज़ा धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों के पास कौन-कौन से कानूनी विकल्प उपलब्ध होते हैं और ऐसे मामलों की शिकायत संबंधित अधिकारियों के पास करने के लिए भी प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. ऋचा शर्मा, कार्यवाहक प्राचार्य, देव समाज कॉलेज ऑफ एजुकेशन ने अतिथियों का स्वागत किया और इस जानकारीपूर्ण सत्र के आयोजन के लिए ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसरों के साथ-साथ विदेश जाने से संबंधित धोखाधड़ी से सतर्क रहने के लिए भी प्रेरित करता है।
सत्र के अंत में छात्रों ने चेवनिंग स्कॉलरशिप के आवेदन प्रक्रिया, यूके में अध्ययन के अवसरों और वीज़ा धोखाधड़ी से बचने के तरीकों को लेकर सवाल पूछे, जिनका वक्ताओं ने विस्तार से उत्तर दिया।
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