शेरपुर के लाल डोडा में हुए थे शहीद, आज राजकीय सम्मान में साथ पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
तिरंगे में लिपटा हुआ जब सुधीर नरवाल का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरा इलाका भारत माता की जय और वीर सपूत अमर रहे के नारों से गूंज उठा
यमुनानगर: गांव शेरपुर के सुधीर नरवाल का उनके गांव शेरपुर में अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान मौके पर कई बड़े नेता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
तिरंगे में लिपटा हुआ जब सुधीर नरवाल का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरा इलाका भारत माता की जय और वीर सपूत अमर रहे के नारों से गूंज उठा। हर आंख नम थी और हर दिल गर्व से भरा हुआ। वीर शहीद को अंतिम विदाई देते समय सबसे भावुक क्षण तब आया, जब उनके 4 साल के बेटे आयांश ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। मासूम अयांश की कांपती आंखों और चेहरे पर छाए दर्द ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
गांव शेरपुर में उमड़ी जनसभा इस बात की गवाह बनी कि सुधीर नरवाल केवल एक सैनिक नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा और देश का गौरव थे।इस अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर समेत कई वरिष्ठ नेता, प्रशासनिक अधिकारी और सेना के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
यमुनानगर के एडीसी, एएसपी और अन्य सिविल और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
गौरतलब है कि 22 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का एक वाहन गहरी खाई में गिर गया था। इस दर्दनाक हादसे में 10 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 11 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हादसे में सुधीर नरवाल ने भी देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सुधीर नरवाल की शहादत से न सिर्फ इस इलाके की बल्कि पूरे प्रदेश को क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की है।