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किसानों के सब्र का और इम्तिहान ना ले सरकार, जल्द करे फसल की ख़रीद और पेमेंट: दीपेंद्र हुड्डा

Reported by:  PTC News Desk  Edited by:  Arvind Kumar -- May 16th 2020 12:00 PM
किसानों के सब्र का और इम्तिहान ना ले सरकार, जल्द करे फसल की ख़रीद और पेमेंट: दीपेंद्र हुड्डा

किसानों के सब्र का और इम्तिहान ना ले सरकार, जल्द करे फसल की ख़रीद और पेमेंट: दीपेंद्र हुड्डा

चंडीगढ़। पहले फसल की ख़रीद, फिर उठान और अब पेमेंट में देरी से किसानों के सब्र का बांध टूट रहा है। सरकार ने 3 दिन में पेमेंट करने का वादा किया था, लेकिन तीन हफ्ते बाद भी किसानों की पेमेंट नहीं हुई। क्योंकि सरकार ने भुगतान की प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया है कि इससे किसान और आढ़ती दोनों परेशान हैं। आज ये कैसी विडम्बना है किसान को फसल की पेमेंट लेने के लिए भिखारी बनना पड़ रहा। यह कहना है राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा का। डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने किसान, मजदूर, दुकानदार, दिहाड़ीदार, विद्यार्थी, बेरोज़गार, ग़रीब, मध्यम वर्ग, छोटे व मझोले उद्योगों की समस्याओं को उठाया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ना वक्त पर फसल की ख़रीद कर रही है और ना ही पेमेंट। ख़ुद कृषि मंत्री ने दो दिन पहले कहा था कि सरकार की तरफ से किसानों को सिर्फ़ 25 अप्रैल तक की ही पेमेंट हुई है। पिछले 20 दिनों की ख़रीद का किसान को एक भी पैसा नहीं दिया गया। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार ने गेहूं का अबतक 12,500 करोड़ में से बमुश्किल 1500 करोड़ रुपया ही किसानों को दिया है, जबकि 11000 करोड़ रुपया अभी पेंडिंग है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में अबतक करीब 65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की ख़रीद हुई है, जबकि अनुमानित आवक 120 लाख मीट्रिक टन के करीब है। इसलिए सरकार को वादे के मुताबिक दाना-दाना गेहूं का ख़रीदना चाहिए और वक्त पर पेमेंट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ख़रीद के मुक़ाबले मंडियों से उठान और धीमा है। अबतक करीब 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं का ही उठान किया गया है। बाकी का लाखों मीट्रिक टन गेहूं हर बारिश में भीगकर मंडियों में पड़ा-पड़ा ख़राब हो रहा है। दीपेंद्र ने सरकार की तरफ से कई ब्लॉक में धान बुआई पर लगाई गई पाबंदी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस फ़ैसले को फौरन वापिस लेना चाहिए। भारतीय किसान यूनियन समेत तमाम किसान संगठन इसकी मांग कर रहे हैं। बीकेयू की इस मांग का हम पूरी तरह समर्थन करते हैं। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी सरकार के सामने ये मांग उठा चुके हैं। लेकिन उनकी जायज़ मांग पर ध्यान देने की बजाए सरकार में उप-मुख्यमंत्री का नेता प्रतिपक्ष की उम्र पर बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि इंसान की उम्र सरकार नहीं भगवान तय करता है। अगर उन्हें लगता है कि 60-70 साल के किसी नेता या इंसान को भावी पीढ़ी की फिक्र नहीं है तो क्या मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को भी वो इसी नज़रिए से देखते हैं। ख़ुद मुख्यमंत्री को भी बताना चाहिए कि क्या वो उप-मुख्यमंत्री की इस सोच से इत्तेफ़ाक़ रखते हैं? अब हमे लगता है शायद इसलिए बुजुर्गो को 5100 रुपये पैंसन देने का वायदा पूरा नहीं किया । राज्यसभा सांसद ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भावी पीढ़ी के हित और भूजल संरक्षण के लिए दादूपुर नलवी वॉटर रीचार्ज परियोजना शुरू की थी। उसे बीजेपी सरकार ने बंद कर दिया। बीजेपी के राज में ही एसवाईएल को पंजाब में पाटने का काम हुआ। जबकि कांग्रेस सरकार ने एसवाईएल का पानी हरियाणा को दिलाने के लिए लगातार संघर्ष किया। कांग्रेस ने हांसी-बुटाना नहर परियोजना बनाई। भूजल बचाने के लिए इज़राइल से ड्रिप सिंचाई तकनीक लाई गई। साठी धान ना बोने के लिए किसानों को जागरूक और प्रोत्साहित किया। वैकल्पिक फसलों के ऊंचे रेट दिए। बीजेपी सरकार को भी किसानों पर बंदिशें लगाने की बजाए, भूजल के लिए कांग्रेस कार्यकाल से सीख लेकर नई तकनीक व परियोजनाएं शुरू करनी चाहिए। ---PTC NEWS---
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