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अविवाहित महिलाओं को 24 सप्ताह तक गर्भपात का अधिकार, अबॉर्शन पर SC का बड़ा फैसला

By Vinod Kumar -- September 29th 2022 12:26 PM

अविवाहित महिलाओं के गर्भपात अधिकार को लेकर उच्चतम न्यायालय ने (Supreme Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है। अविवाहित महिलाओं को 24 हफ्ते तक गर्भपात का अधिकार देते हुए कहा कि सभी महिलाएं सुरक्षित और कानूनी तरीके से गर्भवात की हकदार हैं।

कोर्ट ने कहा कि शादीशुदा और अविवाहित महिलाओं के बीच भेदभाव असंवैधानिक है। विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच भेदभाव नहीं कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब अविवाहित महिलाओं को भी 24 हफ्ते तक गर्भपात का कानूनी अधिकार मिल गया है। SC ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी रूल्स (MTP Act) के नियम 3-B का विस्तार किया है।

Rajya Sabha Passes Bill To Raise Legal Abortion Upper Limit To 24 Weeks

कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि आर्टिकल 21 के तहत प्रजनन की स्वायत्तता गरिमा और गोपनीयता का अधिकार एक अविवाहित महिला को हक देता है कि अविवाहित महिला विवाहित महिला के समान बच्चे को जन्म दे या नहीं। सिंगल या अविवाहित गर्भवती महिलाओं को गर्भपात से रोकना और विवाहित महिलाओं को इसकी अनुमति देना अनुच्छेद 14 के मार्गदर्शन की भावना का उल्लंघन है। जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस ए.एस. बोपन्ना और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने 23 अगस्त को मामले में फैसला सुरक्षित रखा था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आगे कहा कि मैरिड और अनमैरिड महिलाओं के बीच भेद एक स्टीरियोटाइप है कि केवल विवाहित महिलाएं ही यौन गतिविधियों में संलिप्त होती हैं। एमटीपी अधिनियम को आज की वास्तविकताओं पर विचार करना चाहिए और पुराने मानदंडों से बंधा नहीं होना चाहिए। कानून को स्थिर नहीं रहना चाहिए और इसे बदलते हुए सामाजिक परिवेश को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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