attack on asaduddin Owaisi: आरोपियों ने बताया क्यों की थी ओवैसी की कार पर फायरिंग, क्या था पूरा प्लान
attack on asaduddin Owaisi: गरुवार को उत्तर प्रदेश से चुनाव प्रचार कर दिल्ली वापस लौट रहे AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की गाड़ी पर दो लोगों ने फायरिंग की थी। दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में सभी लोग सुरक्षित हैं। घटना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हापुड़ के नजदीक टोल प्लाजा पर हुई। फायरिंग के बाद शूटर अपने हथियार छोड़कर फरार हो गए। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान सचिन और शुभम के रूप में हुई है। फायरिंग पर पुलिस ने आरोपियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि आखिर उन्होंने AIMIM चीफ की गाड़ी पर गोली क्यों चलाई। हापुड़ के एसपी दीपक भूकर ने बताया कि दरअसल, आरोपी AIMIM ओवैसी की बयानबाजी से गुस्से में थे, जिसके बाद उन्होंने उनकी कार पर गोली चलाने का कदम उठाया।
हमले के बाद एआईएमआईएम चीफ ने ट्वीट कर कहा कि कुछ देर पहले छिजारसी चोल गेट पर मेरी गाड़ी पर गोलियां चलाई गईं। चार राउंड फायर किए गए। फायरिंग में 3-4 लोग शामिल थे। सब के सब भाग गए और हथियार वहीं छोड़ गए। मेरी गाड़ी पंक्चर हो गई गई, लेकिन मैं दूसरी गाड़ी में बैठ कर वहां से निकल गया। हम सब महफूज हैं। ओवैसी द्वरा ट्वीट की गई तस्वीरों में उनकी सफेट रंग की गाड़ी पर गोली के दो छेद दिखाई दे रहे हैं। तीसरी गोली से गाड़ी के टायर पर लगी थी। जिससे पंक्चर हुआ। इसके बाद ओवैसी एक अन्य कार से बाहर निकल गए।कुछ देर पहले छिजारसी टोल गेट पर मेरी गाड़ी पर गोलियाँ चलाई गयी। 4 राउंड फ़ायर हुए। 3-4 लोग थे, सब के सब भाग गए और हथियार वहीं छोड़ गए। मेरी गाड़ी पंक्चर हो गयी, लेकिन मैं दूसरी गाड़ी में बैठ कर वहाँ से निकल गया। हम सब महफ़ूज़ हैं। अलहमदु’लिलाह। pic.twitter.com/Q55qJbYRih — Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) February 3, 2022
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से जब्त की गईं दोनों पिस्टलें कंट्री मेड हैं। सचिन ने कुछ दिनों पहले ही हथियार खरीदा था। पुलिस हथियार बेचने वाले की गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है। गोली चलाने वाला आरोपी सचिन ओवैसी की लगभग हर स्पीच को फॉलो करता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों आरोपी ओवैसी की मेरठ की सभा में भी मौजूद थे। पुलिस अब मेरठ में सभा स्थल के आस पास के सीसीटीवी खंगालेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से ओवैसी का पीछा कर रहे थे। हमले की ताक में वे ओवैसी की सभाओं में मौजूद रहते थे। उन्होंने वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की थी।
प्लान ये भी था कि फायरिंग के बाद दोनों भीड़ से बचने के लिए सीधा पुलिस स्टेशन चले जाएंगे। लेकिन ओवैसी के ड्राइवर के गाड़ी आगे बढ़ा लेने के कारण ये प्लान फेल हो गया। आरोपी सचिन ने पूछताछ में बताया की वह ओवैसी और उसके भाई की स्पीच से बेहद नाराज था। दोनों आरोपियों को लगता है की ओवैसी भाई उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
एआईएमआई चीफ असदुद्दीन ओवैसी पर गुरुवार को हुए हमले का असर दिल्ली से हैदराबाद तक देखा गया। यूपी में ओवैसी पर हमले की कोशिश हुई तो उनके गढ़ हैदराबाद में बवाल मच गया। ओवैसी के लिए वहां पर विशेष प्रार्थना की गई। हमले की खबर लगते ही ओवैसी समर्थक हैदराबाद के चार मिनार इलाके में सडक पर उतर गए। हमले के विरोध में चार मिनार पर काला झंडा लहराया गया। वहीं बाजार में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। एक दिन पहले ही ओवैसी पर छिजारसी टोल प्लाजा पर उनके काफिले पर गोलीबारी का सीसीटीवी फुटेज सामने आ चुका है।