एक तरफ देश मना रहा था गणतंत्र दिवस दूसरी ओर किसानों ने मनाया काला दिवस
'किसानों की 10 हजार से अधिक एकड़ की फसलें प्राकृतिक आपदा के कारण हो गई नष्ट'[/caption]
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"दरअसल बढ़ाला, रोशनखेड़ा, खरबला, जीतपुरा, सीसर भाटलो जाटान व रागड़ान के करीब 800 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2017 में रबी व खरीफ की फसलों का करीब 16 लाख रुपये का बीमा प्रीमियम बैंक ऑफ बड़ोदा से करवाया था। जब किसानों की फसल खराब हुई तो बैंक ने सैंकड़ों किसानों के प्रीमियम की राशि को उच्चाधिकारियों के पास बहुत विलंब से भेजा। जिसकी वजह से उन्हें बीमा क्लेम नहीं मिल पा रहा है और बैंक के अधिकारी दो महीने से उन्हें केवल आश्वासन दे रहे हैं।"
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फसल खराब होने के कारण किसान आर्थिक तंगी में आ चुका है[/caption]
किसानों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
फसल खराब होने के कारण किसान अब आर्थिक तंगी में आ चुका है। अब किसान के सामने अगली फसलों को लगाने का संकट मंडरा गया है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते उन्हें बीमा क्लेम नहीं मिला तो वो आत्मदाह करने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मदारी सरकार और बैंक प्रबंधन की होगी।