29 साल पहले हुआ था फर्जीवाड़ा, अब जाकर हुआ खुलासा
पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 467 468 471 के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर प्रमोशन पाने के मामले में SDM ने पूरी जांच रिपोर्ट हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी है। इसके इलावा गंगा बिशन को फिर से फीडर के पद पर डिमोशन करने व 10 साल की पेंशन राशि में 25 फीसदी कटौती के आदेश जारी हुए हैं।
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दरअसल गंगा विशन 1992 में दसवीं का सर्टिफिकेट लगाकर सेवादार क्लर्क के पद पर प्रमोशन ले ली। इसके बाद 14 जनवरी 2014 को क्लर्क के पद से असिस्टेंट के पद पर प्रमोशन ली और साडे 3 साल तक इस पद पर नियुक्त रहने के बाद गंगा बिशन 31 जुलाई 2017 को सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के समय गंगा विशन ने तमाम फंड भत्ते और असिस्टेंट पद की पेंशन भी लेना शुरू कर दी थी।
एसएचओ आजाद नगर थाना ने जानकारी देते हुए बताया कि डीसी महोदय की तरफ से एसपी के माध्यम से आदेश प्राप्त हुए हैं की आजाद नगर निवासी गंगा बिशन की दसवीं की मार्कशीट विभागीय जांच में फर्जी पाई गई है। गंगा बिशन के खिलाफ विभागीय जांच के आधार पर मामला दर्ज किया जाए। जिसके बाद गंगा बिशन पर मामला दर्ज किया गया है और आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।