गोपाल कांडा का आपराधिक कच्चा चिट्ठा- उनके ही चुनावी शपथ-पत्र के मुताबिक!
गोपाल कांडा का आपराधिक कच्चा चिट्ठा- उनके ही चुनावी शपथ-पत्र के मुताबिक![/caption]
सिरसा से विधायक निर्वाचित हुए गोपाल कांडा ने जब से भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने की बात कही है कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल उनपर हावी होते नजर आ रहे हैं। इस समय गोपाल कांडा अपनी ही कंपनी की एक महिला कर्मचारी गीतिका शर्मा के खुदकुशी केस में आरोपी में हैं और उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चल रहा है और वह इस समय जमानत पर बाहर हैं. पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र में कांडा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने), धारा 471 (धोखाधड़ी), और उत्पीड़न सहित आईपीसी की कई अन्य धाराएं लगाई हैं. इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 भी लगाई गई हैं. आरोप पत्र में कांडा पर गीतिका का गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया व चुनाव के समय उन्ही के शपथ पत्र में उनपर लगे तमाम केसों का विवरण दिया गया है
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गीतिका (23 वर्ष) की लाश अशोक विहार स्थित अपने घर में फंदे से लटकी मिली थी. उसने अपने सुसाइड नोट में गोपाल कांडा एवं उसकी कम्पनी में काम करने वाली एक अन्य कर्मचारी अरुणा चड्ढा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था. इसके बाद कांडा को गृह राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. कुछ सालों बाद गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा ने भी आत्महत्या कर ली. उन्होंने भी अपने पीछे छोड़े नोट में अपनी बेटी की आत्महत्या के लिए गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा को ही जिम्मेदार ठहराया. साल 2016 में गोपाल कांडा और उनके भाई गोविंद कांडा के खिलाफ अवैध संपत्ति के मामले में भी आरोप लग चुका है।
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