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अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर DGP अजय सिंघल की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने प्रदेश में अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डायल-112, पंचकूला के सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

By  Baishali January 20th 2026 11:36 AM

ब्यूरो: हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने प्रदेश में अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डायल-112, पंचकूला के सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त तथा पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक के दौरान कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, अपराध रोकथाम के लिए ठोस रणनीति अपनाने तथा आमजन को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध करवाने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए फील्ड स्तर पर प्रभावी व जवाबदेह पुलिसिंग जरूरी है। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही प्रत्येक कमीश्नरेट, रेंज एवं जिलों का दौरा कर वहां कानून-व्यवस्था से जुड़े इंतजामों, पुलिस तैनाती और कार्यप्रणाली की प्रत्यक्ष समीक्षा करेंगे।

संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश

बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थी, किसान, धार्मिक एवं जातीय विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में जिला पुलिस प्रमुख स्तर पर नजर रखी जाए तथा प्रारंभिक स्तर पर ही त्वरित व संतुलित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में आमतौर पर लोगों की भावनाएं जुड़ी होती हैं, जिससे स्थिति बहुत तेजी से गंभीर रूप ले सकती है। यदि समय रहते हस्तक्षेप न किया जाए तो हालात को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। डीजीपी ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे संवेदनशीलता, संवाद और निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखें। साथ ही उन्होंने पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि किसी भी अंतरराज्यीय स्थिति या संभावित तनाव से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

अपराध के रुझानों का जिला व थाना स्तर पर विश्लेषण

डीजीपी अजय सिंघल ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिला अपने यहां महिला विरुद्ध अपराध, हत्या, चोरी, डकैती, छिनाझपटी जैसे प्रमुख अपराधों की समीक्षा करे और यह विश्लेषण करे कि किस अपराध में कितनी बढ़ोतरी या कमी हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विश्लेषण से यह स्पष्ट रूप से सामने आएगा कि किस जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर बेहतर कार्य हुआ है और कौन-सी रणनीतियां कारगर साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने प्रभावी उपायों के माध्यम से अपराध पर नियंत्रण पाया है, उनकी ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ को उन जिलों में लागू किया जाएगा, जहां संबंधित अपराधों में वृद्धि देखी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को थाना-वार अपराध विश्लेषण करने तथा लापरवाही या ढिलाई पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।



पूर्वानुमान और संवाद आधारित समाधान पर जोर

बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर अब तक किए गए कार्यों और भविष्य की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले की सामाजिक, भौगोलिक और संवेदनशील परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए पुलिस अधीक्षकों को संभावित समस्याओं का पहले से पूर्वानुमान लगाकर ‘प्लान ऑफ एक्शन’ तैयार रखना चाहिए। उन्होंने सूचना तंत्र को मजबूत करने, खुफिया जानकारी पर विशेष ध्यान देने और हर स्थिति में सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कई विवाद ऐसे होते हैं जिन्हें समय रहते बातचीत और संवाद के माध्यम से सुलझाया जा सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सकती है।


लॉ एंड ऑर्डर कंपनियों की तैयारी और रिस्पांस टाइम

एडीजीपी संजय कुमार ने लॉ एंड ऑर्डर कंपनियों की नियमित ब्रिफिंग, प्रशिक्षण, मास्टर ट्रेनरों की उपलब्धता और उनकी पोस्टिंग की समीक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण नियमित, व्यावहारिक और परिस्थिति आधारित होना चाहिए, ताकि पुलिस बल हर चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि लॉ एंड ऑर्डर कंपनियों को हर समय ‘रेडी पोजीशन’ में रखना आवश्यक है, जिससे किसी भी अप्रिय स्थिति में पुलिस की कार्रवाई प्रभावी और निर्णायक हो। इसके साथ ही उन्होंने ऐसे सक्षम अधिकारियों की सूची तैयार रखने के निर्देश दिए, जो कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को कुशलता से संभालने में सक्षम हों। पुलिस बल की नियमित डी-ब्रीफिंग पर भी जोर दिया गया, ताकि आपात स्थितियों में रिस्पांस टाइम बेहतर हो और किसी भी स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस उच्चस्तरीय बैठक में एडीजीपी सीआईडी सौरभ सिंह, सोनीपत की पुलिस आयुक्त ममता सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के.के. राव, संजय कुमार, अमिताभ ढिल्लो, सी.एस. राव सहित सभी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, रेंज आईजी एवं पुलिस आयुक्त उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लेकर अपने-अपने जिलों की कानून-व्यवस्था की स्थिति और चुनौतियों से वरिष्ठ नेतृत्व को अवगत कराया।


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