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हरियाणा पुलिस का बड़ा एक्शन, 583 आपत्तिजनक लिंक और 14 फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स ब्लॉक, DGP की चेतावनी

हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया पर बढ़ती अवैध और आपत्तिजनक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर डिजिटल अभियान शुरू किया है।

By  Baishali January 17th 2026 12:12 PM

हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया पर बढ़ती अवैध और आपत्तिजनक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर डिजिटल अभियान शुरू किया है। यह अभियान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, राष्ट्र-विरोधी, धर्म-विरोधी तथा समाज में तनाव और भ्रम फैलाने वाली सामग्री लगातार पोस्ट की जा रही थी, जिसे रोकने के लिए सुनियोजित तरीके से कार्रवाई आवश्यक हो गई थी। इसी उद्देश्य से साइबर हरियाणा टीम ने लगभग एक महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निरंतर निगरानी शुरू की, जो लगातार जारी है। इसी मुहिम के तहत अब तक कुल 1,018 लिंक और प्रोफाइल रिपोर्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 583 आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा हटाया या ब्लॉक किया जा चुका है। शेष 435 स्थिति समीक्षा के विभिन्न चरणों में हैं और जिन्हे जल्द ही टेक-डाउन किया जाएगा। यह आँकड़ा उदाहरण प्रस्तुत करता है कि हरियाणा पुलिस सोशल मीडिया पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए कितनी गंभीर और तत्पर है।

निरंतर मॉनिटरिंग और धारा 79(3)(b) के तहत तुरंत नोटिस जारी

इस दौरान साइबर टीम रोजाना उन पोस्टों, वीडियो, लिंक और प्रोफाइलों की पहचान कर रही है जिनमें गलत जानकारी, उकसाने वाली भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाला कंटेंट शामिल है। जैसे ही ऐसी किसी सामग्री का संज्ञान लिया जाता है, आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर उसे तुरंत हटाने की मांग की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।

फर्जी ट्रेडिंग और निवेश ऐप्स पर विशेष अभियान शुरू

हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। देशभर में ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर चल रहे संदिग्ध ऐप्स और चैनलों की बढ़ती गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए साइबर हरियाणा ने 12 जनवरी 2026 से एक विशेष और संगठित अभियान शुरु किया है। इस अभियान के तहत अब तक 28 ऐसे ऐप्स और चैनलों की पहचान की जा चुकी है जिनके संचालन पर संदेह था। इनमें से 14 को सफलतापूर्वक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाया जा चुका है, जबकि शेष 14 पर सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज द्वारा अंतिम समीक्षा और टेक-डाउन की प्रक्रिया तेजी से जारी है। उन्होंने बताया कि यह पहल नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है और इससे ऑनलाइन ठगी की संभावनाएँ काफी हद तक कम होंगी। आने वाले समय में ऐसे फर्जी ऐप्स के खिलाफ और भी तीव्र और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, जिससे सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित हो सकेगा।

डीजीपी अजय सिंघल की चेतावनी—भ्रामक व भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई

हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत या भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस बेहद सख्त है और किसी भी परिस्थिति में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज युवाओं और समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है, ऐसे में कोई भी भ्रामक या उकसाने वाली सामग्री समाज के सौहार्द और शांति के लिए सीधे खतरा पैदा कर सकती है। डीजीपी ने बताया कि साइबर हरियाणा टीम लगातार सतर्क है और किसी भी संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, किसी नए ऐप में निवेश करने से पहले उसकी सही जांच कर लें और सोशल मीडिया पर कोई भी संवेदनशील सामग्री बिना सोचे-समझे साझा न करें। डीजीपी ने यह भी कहा कि यदि किसी के पास कोई संदिग्ध पोस्ट, लिंक या ऐप की जानकारी हो, तो उसे तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

अभियान का उद्देश्य—सुरक्षित, जागरूक और भरोसेमंद डिजिटल वातावरण प्रदान करना

एडीजीपी साइबर सिबाश कबिराज ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को सुरक्षित, जागरूक और भरोसेमंद डिजिटल वातावरण प्रदान करना है, ताकि सोशल मीडिया का उपयोग सही दिशा में हो सके। उन्होंने कहा की हमारा मानना है कि सोशल मीडिया एक शक्तिशाली मंच है, जिसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाए तो यह समाज को जोड़ने, जानकारी फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इसी सोच के साथ पुलिस नागरिकों को प्रोत्साहित करती है कि वे जागरूक रहें, सही जानकारी साझा करें और किसी भी संदिग्ध या भ्रामक सामग्री को आगे बढ़ाने से बचें। पुलिस का विश्वास है कि जनता के सहयोग और सतर्कता के साथ यह अभियान और भी अधिक प्रभावी होगा तथा सभी मिलकर एक सुरक्षित और स्वस्थ डिजिटल माहौल बना सकेंगे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कानून पालन को लेकर जीरो टॉलरेंस - DGP

डीजीपी ने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि नफरत फैलाने वाली सामग्री, गलत सूचना या ऑनलाइन ठगी के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी निवेश ऐप्स से सावधान रहें — डीजीपी अजय सिंघल की नागरिकों से अपील

फर्जी इनवेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप्स के बढ़ते मामलों को लेकर हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं, और कई लोग उनके झांसे में आकर अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी गंवा बैठते हैं। डीजीपी ने नागरिकों से अनुरोध किया कि किसी भी संदिग्ध ऐप, लिंक या वेबसाइट पर धन का लेन-देन न करें और किसी भी तरह का निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता अवश्य जांच लें। उन्होंने यह भी अपील की कि लोग स्वयं जागरूक रहें और अपने आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के प्रति सतर्क करें। डीजीपी सिंघल ने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, ताकि समय रहते फ्रॉड की गई राशि को अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर होने से रोका जा सके और अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।


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