Union Budget 2023: मंहगाई की मार झेल रहे मध्यम वर्गीय परिवार, आम बजट से हैं उम्मीदें
Union Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitaraman) 1 फरवरी को संसद में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आम बजट (Union Budget) पेश करेंगी। ये वित्त मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण का पांचवां बजट होगा और 2024 के आम चुनावों से पहले मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इस बजट से हर वर्ग को बहुत उम्मीदें हैं।
Union Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitaraman) 1 फरवरी को संसद में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आम बजट (Union Budget) पेश करेंगी। ये वित्त मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण का पांचवां बजट होगा और 2024 के आम चुनावों से पहले मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इस बजट से हर वर्ग को बहुत उम्मीदें हैं।
मोदी सरकार इस बजट में हर वर्ग को लुभाने की कोशिश करेगी। ये मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। अगले साल लोकसभा चुनाव के कारण सरकार अंतरिम बजट ही पेश करेगी। देश में इस समय महंगाई, बेरोजगारी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बजट में सरकार महंगाई, बेरोजगारी पर काबू पाने के लिए इस बजट में कुछ अलग से हटकर करना चाहेगी।
बजट में व्यापारियों को खास तोहफा मिल सकता है। कोरोना के कारण दो साल व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ था। सरकार बजट में व्यापारियों को टैक्स समेत अन्य रियायतें देने के साथ कुछ योजनाएं लेकर आती है तो इससे व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
महिलाएं भी इस समय महंगाई की मार जूझ रही हैं। मध्यम वर्गीय परिवारों का महंगाई से बुरा हाल है। रोजाना उपयोग होने वाले सामान की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। दाल, चावल, आटा, दूध, गैस व अन्य सामान के दामों में बढ़ोतरी हुई है। आटे के रेट 35 से 37 रुपये तक पहुंच गए हैं। पैकिंग आटा 50 से 55 रुपये किलो बाजार में बिक रहा है। मध्यम वर्गीय परिवारों का घर चलाना मुश्किल हो रहा है। इस बजट में महंगाई को काबू पाने के लिए कुछ कदम उठाती है तो इससे लोगों को कुछ राहत जरूर मिल सकती है। इसके साथ ही मध्यम वर्गीय परिवारों को टैक्स में छूट की भी उम्मीद है।
आम बजट से पहले शेयर बाजार में मंदी छाई हुई है। इस महीने बीएसई सेंसेक्स में कोई तेजी देखने को नहीं मिली है। कंपनियों के तिमाही नतीजे भी मार्केट को उत्साहित करने में कामयाब नहीं रहे। हालांकि, आईटी और बैंक जैसे कुछ सूचकांकों में अच्छा रिजल्ट देखने को मिला है। इक्विटी इन्वेस्टर इस बजट में पूंजीगत लाभ के लिए एक समान टैक्स स्ट्रक्चर की उम्मीद कर रहे हैं।