पीजीआई फिर सुर्खियों में, इस बार ये बनी विवाद की वजह
बताते चलें कि सी - ब्लॉक में कोरोना के सैंपल लिए जाते हैं। परंतु, इस ब्लॉक और आपातकालीन विभाग की इमारत की वजह से विवाद खड़ा हो चुका है। मसला, कोरोना फैलने का है। इमरजेंसी और सी - ब्लॉक आपस में सटे हुए हैं। आए दिन पीजीआई में हजारों मरीज इमरजेंसी विभाग में बीमारी का इलाज कराने पहुंचते हैं तो वहीं सी - ब्लॉक में रोजाना सैकड़ों लोगों की कोरोना की सैंपलिंग होती है। दोनों ब्लॉक नजदीक होने की वजह से मरीज आपस में मिक्स होते हैं जिसके कारण संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
इस मसले पर रोहतक सीएमओ अनिल बिरला ने पीजीआई को तीन माह पहले एक पत्र लिखकर सचेत किया था कि सी - ब्लॉक को अपने स्थान से कहीं दूसरी और शिफ्ट किया जाए। परंतु पीजीआई ने उस पत्र को महज एक सामान्य कागज समझकर नजरअंदाज कर दिया। आज फिर एक बार सीएमओ ने पीजीआई को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि आपातकालीन विभाग और सी - ब्लॉक दोनों नजदीक हैं। जिसके कारण कोरोना की सैंपलिंग के मरीज और इमरजेंसी में बुखार के मरीज आपस में मिक्स हो रहे हैं और संक्रमण फैल रहा है। जिसके लिए सी - ब्लॉक को शिफ्ट किया जाए।
अनिल बिरला का कहना है कि पीजीआई ने उनकी सलाह नहीं मानी जिसके बाद आज दोबारा उन्हें आगाह किया जा रहा है। यदि, भविष्य में कोई एक्शन पीजीआई नहीं लेता है तो फिर वे एक्शन लेने पर मजबूर हो जाएंगे।
---PTC NEWS---