कोरोना वायरस: भारत में रिकवरी रेट 83 प्रतिशत के पार पहुंचा

Coronavirus India’s Recovery Rate leaps past 83 percent

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान पुष्टि के नए मामलों की तुलना में रिकवरी मामलों की संख्या अधिक दर्ज किया गया है। इसके साथ ही आज भारत का रिकवरी रेट 83 प्रतिशत के पार चला गया।

Coronavirus India’s Recovery Rate leaps past 83 percent

educareदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 84,877 रिकवरी दर्ज किया गया जबकि 70,589 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही रिकवरी के कुल मामले 51,01,397 हो गए हैं। रिकवरी के नए मामलों में से 73% मामले दस राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा, केरल, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से सामने आए हैं।

महाराष्ट्र में 20,000 मरीज ठीक हुए हैं। इसके साथ ही ​रिकवरी के मामले में यह राज्य शीर्ष पर बना हुआ है। कर्नाटक और आंध्र प्रदश दोनों राज्यों में सात-सात हजार मरीज ठीक हुए हैं।

यह भी पढ़ें: बरोदा उपचुनाव की तारीखों की घोषणा, इस दिन होगी वोटिंग

यह भी पढ़ें: …जब हरियाणा पुलिस ने यूपी पुलिस को हिरासत में ले लिया!

Coronavirus India’s Recovery Rate leaps past 83 percentअधिक संख्या में मरीजों के ठीक होने के कारण सक्रिय और रिकवरी के मामलों के बीच अंतर अधिक बढ़ रहा है। सक्रिय मामलों (9,47,576 ) की तुलना में रिकवरी के मामले 41.5 लाख (41,53,831) अधिक है। सक्रिय मामलों की तुलना में रिकवरी के मामले 5.38 गुणा अधिक है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है।

देश में कुल सक्रिय मामलों का इस समय केवल 15.42 प्रतिशत मामला सक्रिय है और इसमें लगातार गिरावट आ रही है। देश में पिछले 24 घंटों में कुल 70,589 नए मामले सामने आए हैं। सामने आए नए मामलों में 73 प्रतिशत मामला 10 राज्य / केन्द्र शासित प्रदेशों से सामने आए हैं।

महाराष्ट्र इस सूची में शीर्ष पर बना हुआ है। महाराष्ट्र में 11,000 से अधिक मामले सामने आए और इसके बाद कर्नाटक में 6,000 से अधिक मामले सामने आए।

Coronavirus India’s Recovery Rate leaps past 83 percent

पिछले 24 घंटों में 776 लोगों की मौत हुई है। कोविड के कारण पिछले 24 घंटों में 78 प्रतिशत मौतें 10 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में हुई हैं। नई मौतों में से महाराष्ट्र में 23 प्रतिशत से अधिक मौतें हुई हैं। महाराष्ट्र में 180 लोगों की मौत हुई है जबकि तमिलनाडु में 70 मौतें हुई हैं।