ढासा बॉर्डर धरने पर किसानों ने मनाई विरोध की होली, जलाई कृषि कानून की प्रतियां
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ढासा बॉर्डर धरने पर किसानों ने मनाई विरोध की होली, जलाई कृषि कानून की प्रतियां[/caption]
किसानों के मुताबिक आंदोलन को 4 महीने हो चुके हैं लेकिन सरकार टस से मस नहीं हो रही। किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार वार्ता के नाम पर किसानों को बरगलाया गया है। किसानों के मुताबिक सरकार चाहे तो आंदोलन को कितना भी लंबा खींच ले, किसान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि बिल वापसी के बिना घर वापसी नहीं होगी।
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ढासा बॉर्डर धरने पर किसानों ने मनाई विरोध की होली, जलाई कृषि कानून की प्रतियां[/caption]
गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कृषि कानून की प्रतियां जलाने का ऐलान किया गया था। इसी के चलते किसानों ने होलिका दहन में भारत सरकार के तीनों नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई।
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ढासा बॉर्डर धरने पर किसानों ने मनाई विरोध की होली, जलाई कृषि कानून की प्रतियां[/caption]
वहीं सोमवार को किसानों ने रंगों से होली नहीं खेलने का निर्णय लिया है। किसान उस दिन मिट्टी से एक-दूसरे का तिलक करेंगे। किसानों ने यह फैसला आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए लिया है।